घर के पानी की सही दिशा अत्यंत आवश्यक, गलत डायरेक्शन से घर में हो सकती है बीमारी, क्लेश!

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पानी की टंकी रखने के लिए वास्तु टिप्स: वास्तु की छोटी-छोटी चीजें घर में समृद्धि और खुशहाली लाती हैं। इसी क्रम में घर के पानी की सही दिशा में होना जरूरी है। पानी की मंजिल में गलत दिशा होती है तो कई तरह की दिक्कतें आ सकती हैं। जानें सही दिशा क्या है.

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देवघर. हमारे जीवन में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व माना गया है। यह केवल घर बनाने की कला ही नहीं है, बल्कि जीवन जीने और सकारात्मक बनाने का एक विज्ञान भी है। कहा जाता है कि अगर घर की हर चीज वास्तु के अनुसार हो तो घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके अलावा यदि वस्तुएं गलत दिशा में बनी रहती हैं, तो इसका प्रभाव परिवार के आधार पर होता है और छोटे-छोटे उद्यम बढ़ते रहते हैं। घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कई सैद्धांतिक रूप से देखने को मिलता है।

आती हैं इस तरह की पसंद
अक्सर बिना कारण घर में तनाव, समानता, आर्थिक संकट या स्वास्थ्य से जुड़े अवशेष बने रहते हैं। कई बार लोग इन समस्याओं का कारण समझ नहीं पाते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की गलत दिशा में वास्तु शास्त्र का कारण भी हो सकता है। इसलिए घर तोड़ना या सजाते समय दिशा और स्थान का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। पानी वाले घर की किस दिशा में रहना चाहिए और किस दिशा में नहीं, जानिए देवघर के ज्योतिषाचार्य से।

क्या कहते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य
देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद के शिष्यों के घर में पानी की झील का स्थान बेहद महत्वपूर्ण है। पानी जीवन का आधार है और वास्तु में इसे ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत माना गया है। इसलिए इसे सही दिशा में रखना बहुत जरूरी होता है। यदि पानी की योजना गलत दिशा में बनी रहती है, तो इसका सीधा असर घर के सदस्यों के स्वास्थ्य और सुख-शांति पर पड़ सकता है।

उनके अनुसार कभी भी घर का पानी दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। इसके साथ ही दक्षिण-पूर्व दिशा में भी पानी का संग्रह करना अशुभ माना जाता है। यदि इन दिशाओं में पानी की योजना बनाई जाती है, तो घर के किसी भी सदस्य को स्वास्थ्य से जुड़े अवशेष बने रहते हैं। इतना ही नहीं, कई बार बीमारी लंबे समय तक ठीक नहीं होती और घर में तनाव का माहौल बना रहता है।

इस दिशा में रखें पानी का प्लॉट
वास्तु शास्त्र के अनुसार पानी की मछली रखने के स्थान के लिए सबसे उत्तम स्थान ईशान कोण अर्थात उत्तर-पूर्व दिशा का मान होता है। इस दिशा में देवताओं की दिशा मणि जाती है और यहां पानी का संग्रह करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा की प्रचुरता है। जब पानी सही दिशा में रखा जाता है, तो घर में सुख-समृद्धि आती है, मानसिक शांति बनी रहती है और परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।

सही दिशा में ही रखना चाहिए पानी का चौराहा
आप अपने घर में खुशहाली और शांति बनाए रखना चाहते हैं, तो छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। खासतौर पर पानी की टंकी जैसी महत्वपूर्ण चीजों को सही दिशा में रखना बेहद जरूरी है। वास्तु के इन सरल वास्तुशिल्प को अपनाकर आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं और एक सुखद माहौल का निर्माण कर सकते हैं।

लेखक के बारे में

रैना शुक्ला

रिचमंड यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट। पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और एबीपी न्यूज से हुआ न्यूज18 हिंदी तक पहुंचा। पर्यटक और देश की…और पढ़ें

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