सीसीएल प्लांट शुरू ही हुआ विवाद गहराया: रैयट सीमेंट्स ने नौकरी और सब्जी की मांग पर काम खरीदा, सिलेंडर का असर हुआ – रामगढ (झारखंड) समाचार
बस्ती जिले के सीसीएल बरका सयाल क्षेत्र के भुरकुंडा कोलियरी के अंतर्गत संगम खुला खदान शुरू हो गया है। 24 घंटे के अंदर खदान होने के विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। रैयट मशाल मार्च के बैनर तले बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण आंदोलन में उतरे। उन्होंने इंडस्ट्री में चल रहे काम को बंद कर दिया, जिससे प्लांट प्लांट पर काम पूरी तरह से प्रभावित हो गया। प्रदर्शन में कई ग्रामीण पारंपरिक मछुआरों के साथ भी देखने आये। आंदोलनकारी ने परिसर में स्थापना कार्य रुकवाया और साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक कारखाने में कोई काम नहीं होगा। पुनर्जन्म ने कहा, “जिसकी जमीन, उसका काम नहीं तो मिट्टी का काम बंद रहेगा।” पुनर्वितरण का कहना है कि उनके विभाग की जमीन सीसीएल ने विकास और परियोजना के नाम पर मूर्ति की थी। उस समय उन्हें पासपोर्ट, नौकरी और अन्य सेवाएं प्रदान की गईं। हालाँकि, वर्षों तक जाने के बाद भी अपार्टमेंट्स के परिवारों को उनका हक नहीं मिला। उत्तर का आरोप है कि प्रबंधन हर बार केवल छुट्टी देता है, लेकिन जमीन वाले परिवारों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। इसी तरह की गड़बड़ी की वजह अब उनका गुस्सा फ्रैंक सामने आया है। रायट मॉलचर्च से जुड़े लोगों ने सीसीएल प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब कोरे स्वीकृति नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि यदि जमीन अधिग्रहण का वादा पूरा नहीं किया गया तो खदान का संचालन लगातार प्रभावित होगा। रिओल्ट ने अपने हक और अधिकार के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने की बात कही। (टैग्सटूट्रांसलेट)रामगढ़ सीसीएल विरोध(टी)ग्रामीणों की मांग नौकरियां(टी)सीसीएल खदान विवाद(टी)झारखंड समाचार(टी)विस्थापन मुद्दा(टी)मुआवजे की मांग(टी)काम रोकना(टी)भुरकुंडा कोलियरी



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