बिहार का दौरा:वीटीआर के पर्यटक में खो जाएंगे आप, दिखेंगे दुर्लभ अलौकिक जीव
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बिहार का वाल्मिकी टाइगर रिजर्व (वीटीआर) प्राकृतिक सुंदरता का खजाना है। यहां के शिवालिक पहाड़ियां और घने जंगल मंत्रमुग्ध कर देते हैं। मंगुराहा रेंज में बाघ, टाइगर और दुर्लभ हिमालयन सेरोडायरेक्ट हैं। लाल आकर्षण का सनसेट प्वाइंट सैलानियों को जादुई एहसास कराता है। यह स्थल वाइल्ड लाइफ लवर्स के लिए जन्नत है।
पश्चिम चाओनालाः बिहार के पश्चिम हिमाचल जिले में स्थित बसा वाल्मिकी टाइगर रिजर्व में कुछ ऐसे अतुलनीय पर्यटन स्थल हैं, जिनकी सुंदरता आपको यह देखने के लिए मजबूर कर देगी कि वास्तव में यह बिहार ही है! वैसे तो वाल्मिकी टाइगर रिजर्व दो डिविजन और आठ रेंज में बंटा हुआ है। लेकिन आज हम आपको जिन पर्वतमालाओं की जानकारी दे रहे हैं, वह शिवालिक की चोटियां, घने जंगल, पहाड़ों से निकल रही छिचली नदियां और दुनिया की कुछ अत्यंत दुर्लभ पर्वतमालाओं से जुड़ी हैं। टूर टूरिस्ट बताते हैं कि वीटीआर के इस खास पर्यटन से सूरज को देखते हुए आपको किसी और दुनिया के बारे में पता चलता है। यही कारण है कि हर महीने यहां सैलानियों का अनगिनत समूह पर्यटन देखने को मिलता है।
वन्य जीवन का गढ़
हम बात कर रहे हैं नेपाल के चितवन से अपनी सीमा साझा करने वाले वाल्मिकी टाइगर रिजर्व के डिवीजन 01 के नीचे वाले मंगुराहा रेंज की। टाइगर रिज़र्व की अन्य रेंजों की तुलना में यह रेंज घाटियों और समतल मैदानों का संगम है। यही कारण है कि इसे वाइल्ड लाइफ का गढ़ भी कहा जाता है। बाघ, तेंदुवा, हिरन, मोर, चीतल, सांभर, स्लॉथ बियर, हिमालयन सेरो, ऐसे कई जीव हैं, जिन्हें यहां बहुत देखा जाता है।
शिवालिक की श्रेणी और घने जंगलों से
जंगल रिसॉर्ट्स से मैसाचुसेट्स 8 किमी की दूरी पर स्थित लाल ज्वालामुखी पर्वत इस पर्वतमाला की जान कही जाती है। पहाड़ी के चारों ओर शिवालिक की श्रेणियां और दूर तक घने जंगल हैं, यहां की खूबसूरती कुछ इस कदर बयां करती है, मनों जैसे खूबसूरत थाम सा हो गया। शहर की भीड़भाड़ वाली जगहें बिल्कुल अलग हैं, आप यहां जानते हैं कुदरत की खूबसूरती, जंगली हवाएं और कुछ अकल्पनीय जगहों का दीदार कर उसे कभी न भूलने वाले एहसास में बदल सकते हैं।
अतुलनीय और अस्वाभाविक सौंदर्य
वीटीआर के मंगुराहा रेंज के ढलान पर स्थित हेल्टियागंज रेजोल्यूशन से पता चलता है कि ‘राजनीतिक इस बात का जरा भी उल्लेख नहीं था कि बिहार में भी ऐसे अतुलनीय स्थल हैं। वो यहां पहली बार आए हैं, लेकिन यहां उदाहरण हर एक व्यक्ति को पूरी जिंदगी याद आती है। खास कर लालाइयां के सन सेट की खूबसूरती उन्हें भूले से भी नगी भूल। यह रेंज वाइल्ड लाइफ के लिए मशहूर है, हर जगह सबसे ज्यादा मशहूर कुदरत के कुछ बेहद ही अनोखे नजारों के लिए है।’
लेखक के बारे में
मीडिया में 6 साल का अनुभव है. व्यवसायी की शुरुआत ईटीवी भारत (बिहार) से की थी, जहां 3 साल तक काम किया। पिछले 3 सालों से नेटवर्क 18 के साथ हूं। यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें प्रकाशित करता हूं।
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