की अपील के बाद सुने पड़े साउथया मार्केट, 100 ग्राम शेयर वाले अब 10 ग्राम पर क्वार्टर

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जमशेदपुर सर्राफा बाजार: सोने के आभूषण और आयात शुल्क में बढ़ोतरी, प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद सर्राफा बाजार सूने हो गए हैं। हजरतपुर के मुखिया बाजार का भी यही हाल है। यहां 15 से 50 फीसदी तक बिक्री घटी है. लोग केवल बेहद जरूरी सोना खरीद रहे हैं।

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आख़िर. सोने की नासिक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रसोईघर के बयान के बाद यूनेस्को के तटबंध में हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री द्वारा सोने की खरीद कम करने की अपील के बाद अब इसका असर छोटे शहरों से लेकर बड़े आकार तक साफ दिखाई देने लगा है। विष्णुपुर आशियाना बाजार में भी इन दिनों कुछ ऐसा ही अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है, जहां पहले बाजार की तुलना में काफी शांत नजारा देखने को मिलता है।

बाजार में आई गिरावट
लोक 18 से बातचीत में अरविंद वाडीलाल ज्वेलर्स के संचालक धर्मेश जी ने बताया कि प्रधानमंत्री के बयान का सीधा असर बाजार पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि पहले जहां ग्राहक फ़्रैंक ख़रीदारी करते थे, वहीं अब लोग काफ़ी सोच-समझकर सोना ख़रीद रहे हैं। बाजार में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक गिरावट देखने को मिली है।

उन्होंने बताया कि अब ज्यादातर ग्राहक पुराने गोल्ड मार्केट के नए गहना कारोबार कर रहे हैं, जिससे नई बिक्री कम हो गई है और कंपनी के मुनाफे पर भी असर पड़ रहा है।

लोगों के बीच दहशत
वहीं श्री श्याम ज्वैलर्स से जुड़े आशीष ने कहा कि लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया है। ग्राहक अब यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि सोना खरीदने वाले सही रहेंगे या नहीं। ऊपर से इनपोर्ट में बढ़ोतरी के कारण नॉर्थ ईस्ट में और तेजी से देखने को मिला है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ते जंगलों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

केवल 10 ग्राम ही खरीद रहे हैं
बायबा मार्केट से जुड़े जयन्त जी ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को हो रही है, घर में शादी है। भारतीय परिवार में शादी और सोने का गहरा रिश्ता माना जाता है, लेकिन अब रिश्ते ऐसे हो गए हैं कि लोगों को कहने की जरूरत नहीं है कि खरीदारी न करें। उन्होंने कहा कि जहां पहले लोग 100 ग्राम तक सोना खरीदते थे, वहीं अब कई परिवार सिर्फ 10 ग्राम तक सीमित हो गए हैं।

एक्साइज ड्यूटी में वृद्धि से गिरावट
उद्योगपति जी ने भी स्पष्ट रूप से चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सोने के उत्पाद इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि आम ग्राहक पूरी तरह असमंजस में हैं। दूसरी ओर अभिषेक नाम के एक व्यवसाय ने बताया कि बाजार में व्यवसायों की संख्या काफी कम हो गई है। उनका कहना है कि 6 प्रतिशत उत्पाद वृद्धि के बाद बिक्री में 50 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली है।

देश हित में ही होगा
हालाँकि, आदिवासियों का यह भी मानना ​​है कि प्रधानमंत्री ने जो बयान दिया है, वह देश की आर्थिक स्थिति और विदेशी मुद्रा पर ध्यान आकर्षित ही देंगे। लेकिन बिका बाजार में लालची साक्षा दिखाई दे रही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि बाजार में कंपनी ने कब-कब कारोबार किया और आम लोगों को सोने की आजादी से राहत कब दी गई।

लेखक के बारे में

रैना शुक्ला

रिचमंड यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट। पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और एबीपी न्यूज से हुआ न्यूज18 हिंदी तक पहुंचा। पर्यटक और देश की …और पढ़ें

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