टेम्पलेट का पौधा नहीं दे रहा फल? देवघर के कृषि विशेषज्ञ ने बताए आसान घरेलू उपाय

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टेम्पलेट का पौधा नहीं दे रहा फल? देवघर के कृषि विशेषज्ञ ने बताए आसान घरेलू उपाय

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नींबू के उपचार में फूल और फल नहीं आ रहे हैं तो मछली के पश्चिम से तैयार यह देसी खाद आपके लिए बेहद काम आ सकती है। कृषि विशेषज्ञ के सही समय के अनुसार इस घरेलू उपाय को मछली के पेड़ के फल से लेकर तैयार किया जा सकता है।

देवघर: गर्मी का मौसम शुरू हो गया है हील तापमान में पानी की मांग तेजी से बढ़ रही है। तेज धूप और भारी गर्मी में थर्मोहाइड्रेशन से बचने में भी मदद मिलती है। इसका कारण यह है कि आजकल लोग अपने घर के आंगन, किचन गार्डन या छत पर गमले में भी पौधे का पौधा लगाना पसंद करते हैं, ताकि आसानी से मिल सके। हालाँकि, कई लोगों की शिकायत यह है कि टेम्पलेट के उपचार में फूल आते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में वे गायब हो जाते हैं। वहीं कई प्रमाणित में लंबे समय तक फूल और फल नहीं लगे। ऐसे में लोग समझ नहीं पाते कि उपचार की सही देखभाल कैसे की जाए।

क्या कहते हैं कृषि विशेषज्ञ
देवघर की कृषि विशेषज्ञ अंबिका कुशवाहा ने इस समस्या को लेकर कई आसान और घरेलू उपाय बताए हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले लोगों को अच्छे प्लांट का प्लांट लगाया जाना चाहिए। कई बार लोग बिना जानकारी के कहीं से भी छोटे पौधे खरीदने वाले देते हैं, गुणवत्ता अच्छी नहीं होती। ऐसे प्रमाणित में फूल और फल दोनों कम आते हैं। अगर शुरुआत में अच्छे पौधे का पौधा लगाया जाए तो पौधे में तेजी से बढ़ोतरी होती है और अच्छे फल भी शामिल होते हैं।

फूल आने पर पानी देते हुए बरतें सावधानी
कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि फूलों के समय में सबसे ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। कई लोग उपचार में फूल आते ही रोज पानी देना शुरू कर देते हैं, लेकिन यह सबसे बड़ा होता है। अधिक पानी देने से फूल फ़्लोरिडा रेज़ॉलूशन जारी किए जाते हैं। संयुक्त सलाह दी गई है कि जब उपचार में फूल अयुमन, तब तक कुछ समय तक पटवन नहीं करना चाहिए। जब फूल छोटे फल का रूप लें और मटर के दानें हो जाएं, तब पानी देना चाहिए। इनके उपचार से मजबूती बनी रहती है और फल मिलने की संभावना कम हो जाती है।

मछली का छिलका बन सकता है प्राकृतिक खाद
अंबिका कुशवाहा ने बताया कि अगर लंबे समय तक लैपटॉप के प्रयोग फूल नहीं आ रहे हैं, तो बाजार से महंगी खाद और सस्ते दाम की जरूरत नहीं है। इसके लिए घर में मौजूद जैविक नाइट्रोजन का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि साधनों की जड़ से करीब एक फीट दूर चार दिशा में गहराई कर लें। इसके बाद मछली का छिलका और घरेलू जैविक कचरा दाल शामिल है। फिर से उसे मिट्टी से मिलाते हुए बिजली पानी देखें। यह घरेलू उपाय प्राकृतिक खाद का काम करता है। इस मिट्टी की उर्वरता हल्दी है और उपचार में धीरे-धीरे फूल और फल आते हैं।

समय-समय पर कटाई-छँटाई करें
कृषि विशेषज्ञ के अनुसार सैद्धांतिक उपायों की ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं है, बल्कि सही समय पर कटाई-छंटाई करना जरूरी है। इससे जुड़े नए प्लांट हैं और पौधे तेजी से बढ़ रहे हैं। साथ ही उपचारों को ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहां उसे धूप मिल सके। धूप की कमी होने पर भी उपचार से फूल और फल कम आते हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसान और घर में उपाय करने वाले लोग इन आसान बातों का ध्यान रखें, तो उनके सिद्धांतों के उपाय सालभर हरे-भरे रहेंगे और पूर्ण फल देंगे।

लेखक के बारे में

अमिता किशोर

न्यूज़18इंडिया में रेस्तरां हैं। आजतक रिपोर्टर के मुताबिक, रिश्तों की शुरुआत फिर से सहारा टाइम, जी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़े हुए हैं। टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने के…और पढ़ें

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