ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR: पेसा नियमावली 2025 पर राज्यस्तरीय कार्यशाला – 5 बड़ी बातें, मंत्री दीपिका पांडेय ने कहा
SUCHIT CHETRO PAR WISTAR कार्यशाला में कहा कि 25 साल के लंबे इंतजार के बाद झारखंड में PESA कानून लागू हुआ है।
सबसे बड़ी बात: झारखंड का PESA कानून देश के 10 राज्यों में सबसे बेहतर और प्रभावी माना जा रहा है।
2. 25 साल के लंबे इंतजार के बाद झारखंड में लागू हुआ PESA कानून
ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR के तहत राज्य में 25 साल के लंबे इंतजार के बाद PESA कानून लागू कर दिया गया है:
PESA कानून के बारे में:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम |
| लागू होने का समय | 25 साल के इंतजार के बाद |
| उद्देश्य | पारंपरिक ग्राम सभा को अधिकार दिलाना |
मंत्री दीपिका पांडेय ने कहा:
“पारंपरिक ग्राम सभा को उनका अधिकार दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए गाँव-गाँव तक पेसा नियमावली के बेहतर एवं मजबूत क्रियान्वयन की आवश्यकता है।”
यह ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR कार्यशाला इसी दिशा में एक अहम कदम है।
3. कार्यशाला कब और कहां आयोजित हुई?
ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR कार्यशाला की पूरी जानकारी:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तारीख | 21 मई 2026 |
| स्थान | प्रोजेक्ट भवन, धुर्वा, रांची का एनेक्सी सभागार |
| आयोजक | पंचायती राज विभाग |
| प्रेस विज्ञप्ति | क्रमांक – 45/2026 |
| मुख्य वक्ता | ग्रामीण विकास मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह |
इस ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR कार्यशाला में विभिन्न जिलों के अधिकारी मौजूद थे।
4. मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने क्या कहा? (5 बड़े बयान)
ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR कार्यशाला में मंत्री ने 5 बड़े बयान दिए:
| क्रम | बयान |
|---|---|
| 1 | “यह कानून माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिशा-निर्देश पर लागू किया गया है” |
| 2 | “मुख्यमंत्री का सपना था कि राज्य में पारंपरिक ग्राम व्यवस्थाओं को प्राथमिकता मिले” |
| 3 | “देश के 10 राज्यों में PESA कानून लागू होना था, झारखंड का कानून सबसे बेहतर और प्रभावी है” |
| 4 | “गांव के लोगों के हर सवालों और परेशानियों का जवाब पेसा नियमावली के पन्नों में दर्ज है” |
| 5 | “पारंपरिक व्यवस्था के तहत तीन महीने के भीतर ग्राम प्रधानों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए” |
मंत्री ने इस ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR में सभी अधिकारियों को इस कानून को जमीनी स्तर पर उतारने का निर्देश दिया।
5. 125 मास्टर ट्रेनर तैयार – गांव-गांव तक पहुंचेगी जानकारी
ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR कार्यशाला में एक बड़ी जानकारी दी गई:
मास्टर ट्रेनरों की तैयारी:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मास्टर ट्रेनर | 125 |
| उद्देश्य | विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर जागरूकता बढ़ाना |
| पहुंच | गांव-गांव तक |
पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने कहा:
“PESA नियमावली लागू होने के बाद से ही इसे जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।”
यह ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR सुनिश्चित करेगा कि हर गांव तक यह जानकारी पहुंचे।
6. पारंपरिक ग्राम प्रधानों की नियुक्ति 3 महीने में होगी सुनिश्चित
ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR कार्यशाला में मंत्री ने समय सीमा तय की:
ग्राम प्रधान नियुक्ति के निर्देश:
| निर्देश | विवरण |
|---|---|
| समय सीमा | 3 महीने |
| तरीका | पारंपरिक व्यवस्था के तहत |
| प्रक्रिया | ग्राम सभा के जरिए चयन |
मंत्री ने कहा:
“पारंपरिक ग्राम प्रधान और राजस्व ग्राम प्रधान को समझने की जरूरत है। पारंपरिक तरीके से ही ग्राम सभा के जरिए ग्राम प्रधान के चयन को सुनिश्चित करना है।”
इस ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR के बाद नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
7. क्षेत्रीय भाषाओं में नियमावली का अनुवाद – हर गांव तक पहुंचेगी जानकारी
ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR के तहत एक और अहम कदम उठाया गया है:
अनुवाद के बारे में:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| क्या किया गया | नियमावली का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद |
| उद्देश्य | स्थानीय लोगों तक प्रभावी ढंग से जानकारी पहुंचाना |
| भाषाएं | झारखंड की प्रमुख क्षेत्रीय भाषाएं |
इस ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR के बाद अब आम ग्रामीण भी अपनी भाषा में नियमावली को समझ सकेंगे।
8. विशेष कमेटी करेगी बाधाओं का अध्ययन
ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR कार्यशाला में बताया गया कि कानून के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए कमेटी बनाई गई है:
विशेष कमेटी के बारे में:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अध्यक्ष | निदेशक |
| कार्य | कानून लागू होने में आने वाली बाधाओं का अध्ययन |
| अतिरिक्त अध्ययन | पारंपरिक न्याय व्यवस्था का गहन अध्ययन |
सचिव मनोज कुमार ने कहा:
“पारंपरिक न्याय व्यवस्था का भी गहन अध्ययन किया जा रहा है, ताकि स्थानीय संदर्भों को ध्यान में रखते हुए नियमावली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।”
यह ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR सुनिश्चित करेगा कि कानून को लागू करने में कोई रुकावट न आए।
9. तीन तकनीकी सत्रों में हुई गहन चर्चा
ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR कार्यशाला में तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए:
तकनीकी सत्रों के मुख्य विषय:
| सत्र | विषय |
|---|---|
| पहला सत्र | परंपरागत ग्रामसभा की भूमिका |
| दूसरा सत्र | सामुदायिक भागीदारी |
| तीसरा सत्र | सशक्तिकरण में प्रशासन की जिम्मेदारियां |
इन सत्रों में चर्चा किए गए अन्य विषय:
- शिक्षण एवं प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में परंपरागत स्वशासन को शामिल करना
- PESA नियमावली के सभी तकनीकी पहलुओं की जानकारी
- अधिकारियों के बीच खुला संवाद और अनुभव साझा करना
यह ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।
10. बाहरी संसाधन (DoFollow लिंक)
ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR से जुड़ी अधिक आधिकारिक जानकारी के लिए:
- झारखंड पंचायती राज विभाग – पेसा नियमावली से जुड़ी जानकारी
- पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार – PESA अधिनियम के बारे में विस्तृत जानकारी
- भारत सरकार का PESA पोर्टल – राष्ट्रीय स्तर पर पेसा क्रियान्वयन की स्थिति
ये बाहरी लिंक ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR को और गहराई से समझने में मदद करेंगे।
11. आंतरिक लिंक – हमारी साइट से संबंधित खबरें
हमारी वेबसाइट पर ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR से जुड़ी और खबरें पढ़ें:
- [PESA कानून क्या है? जानें 5 आसान बिंदुओं में]
- [झारखंड के अनुसूचित क्षेत्र – कौन-कौन से जिले हैं शामिल?]
- [ग्राम सभा के अधिकार – पेसा के तहत क्या-क्या हो सकता है?]
- [दीपिका पांडेय सिंह के 5 बड़े प्रोजेक्ट – जो बदल रहे हैं ग्रामीण झारखंड]
(अपनी साइट के असली URL से बदलें)
12. निष्कर्ष – ग्राम स्वशासन को मिलेगी मजबूती
ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR की यह कार्यशाला झारखंड के अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।
मुख्य बातें (एक नजर में):
| क्रम | बातें |
|---|---|
| 1 | 21 मई 2026 को प्रोजेक्ट भवन, रांची में राज्यस्तरीय कार्यशाला |
| 2 | मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा – 25 साल बाद लागू हुआ PESA कानून |
| 3 | 125 मास्टर ट्रेनर तैयार – गांव-गांव तक पहुंचेगी जानकारी |
| 4 | 3 महीने में पारंपरिक ग्राम प्रधानों की नियुक्ति सुनिश्चित होगी |
| 5 | नियमावली का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद |
PESA क्रियान्वयन के अपेक्षित परिणाम:
| पहलू | परिणाम |
|---|---|
| ग्राम सभा | सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था बनेगी |
| आदिवासी अधिकार | जमीन, जंगल, पानी पर पकड़ मजबूत होगी |
| विकास | ग्रामीण अपनी योजनाएं खुद बनाएंगे |
| पारदर्शिता | सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता आएगी |
निष्कर्ष: ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR का यह आयोजन अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायतों और ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उम्मीद है कि इस कार्यशाला के बाद पेसा नियमावली का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा और झारखंड के आदिवासी समुदायों को उनके अधिकार मिल सकेंगे।
ANUSUCHIT CHETRO PAR WISTAR पर अपडेट के लिए हमारी साइट से जुड़े रहें।



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