PM Janjatiya Unnat Gram Abhiyan झारखंड में 25 हजार आदिवासी घरों में पहली बार पहुंचेगी बिजली 193 करोड़ की योजना
आजादी के 78 साल बाद भी झारखंड में अभी ऐसे हजारों घर हैं जहां बिजली नहीं पहुंची है। अब पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान PM Janjatiya Unnat Gram Abhiyan के तहत सरकार ने ऐसे करीब 28 हजार आदिवासी और दलित घरों में बिजली पहुंचाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। ऊर्जा विभाग ने इसके लिए 193 करोड़ रुपए का दो प्रस्ताव तैयार किया है। इस पर ऊर्जा मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंजूरी दे दी है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सितंबर 2024 में पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान PM Janjatiya Unnat Gram Abhiyan को मंजूरी दी थी। बाद में इसे धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान नाम दिया गया। इसके तहत आदिवासी बहुल गांवों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। इसी योजना के तहत 25,393 आदिवासियों के घरों में बिजली पहुंचाने की योजना है। वहीं 1782 दलित परिवारों के घरों में भी बिजली पहुंचाई जाएगी।
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराई गई राज्यवार सूची के अनुसार पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान PM Janjatiya Unnat Gram Abhiyan के तहत झारखंड के 24 जिलों के 7139 गांवों का सर्वे कराया गया था। राज्य बिजली वितरण निगम द्वारा कराए गए सर्वे के आधार पर 19 जिलों के 25,393 घरों में बिजली पहुंचाने का फैसला हुआ। इसका डीपीआर भी तैयार हो गया है। इस योजना पर करीब 184.52 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसमें राज्य सरकार 115 करोड़ और केंद्र सरकार 70 करोड़ रुपए खर्च करेगी।
पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान PM Janjatiya Unnat Gram Abhiyan से पहले भी केंद्र और राज्य सरकार ने ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए कई योजनाएं चलाई थीं। इनमें सौभाग्य योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, सोलर मिनी ग्रिड और ऑफ ग्रिड योजनाएं प्रमुख हैं। सरकार ने इन योजनाओं के तहत अधिकतर गांवों तक बिजली पहुंचाने का दावा किया लेकिन दूरदराज की बस्तियां और कई टोले अभी भी बिजली से वंचित हैं।
पठारी क्षेत्र होने के कारण झारखंड में कई दुर्गम इलाके हैं जहां सीधे बिजली नहीं पहुंचाई जा सकती। जंगलों और पहाड़ी इलाके में बसे छोटे गांवों तक ट्रांसमिशन लाइन पहुंचाना तकनीकी और आर्थिक रूप से कठिन माना जाता है। पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान PM Janjatiya Unnat Gram Abhiyan के तहत इस कठिनाई को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। पहाड़ी, वन क्षेत्र और नक्सल प्रभावित इलाकों में यह समस्या अभी भी बनी हुई है।
सरकार ने दलित परिवारों के घर बिजली पहुंचाने के लिए भी योजना बनाई है। पिछले दिनों 17 जिलों के 6770 घरों का सर्वे कराया गया था। पता चला कि 10 जिलों के 1782 दलित परिवारों के घर में बिजली नहीं पहुंची है। इसके बाद ऊर्जा विभाग ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत आदर्श गांवों के टोलों में बिजली पहुंचाने के लिए 7.54 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति देने का प्रस्ताव तैयार किया। इस योजना में प्रति घर करीब 33,951 रुपए खर्च होंगे।
पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान PM Janjatiya Unnat Gram Abhiyan के तहत ऊर्जा विभाग ने अपनी कार्ययोजना तैयार कर ली है। प्रस्तावित योजना में राज्य सरकार 115 करोड़ रुपए जबकि केंद्र सरकार 70 करोड़ रुपए खर्च करेगी। कुल मिलाकर 184.52 करोड़ रुपए की इस परियोजना से राज्य के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले आदिवासी और दलित परिवारों को पहली बार बिजली की सुविधा मिल सकेगी।
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