डेमोक से पहले डेनमार्क की सही खुराक, स्टूडेंट से जानें एल्बेंडाजोल की सही खुराक

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सबसे पहले डेमोक्रेसी की दुकान से खरीदें, पुरालेख से जानें सही खुराक

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मवेशी कृमि मुक्ति: झारखंड में अगले कुछ दिनों में डिवॉर्मिंग की संभावना है. ऐसे में जहां खेती-किसानी की दुकानें हैं, वहीं पशुपालकों को भी अपने किसानों के स्वास्थ्य को लेकर खास सुविधाओं की जरूरत है। समुद्र में समुद्र में कई तरह की उथल-पुथल और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचाव के लिए समय पर डिवार्मिंग, जो पेट के बच्चों की दवा होती है, उसे सुरक्षित करना बेहद जरूरी माना जाता है।

श्री कोडरमा स्टूडियो के पशु विशेषज्ञ कुमार ने खास बातचीत में बताया कि बारिश के मौसम में उगने वाली घास में अलग-अलग तरह के रिकॉर्ड तेजी से बढ़ते हैं। जब भी जानवर इस घास का सेवन करते हैं, तो ये आवारा तत्व उनके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और पेट से जुड़ी समस्याओं का कारण बन जाते हैं।

उन्होंने कहा कि सांप के पेट में कई तरह के अंदरूनी कीड़े विकसित हो जाते हैं, जो उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं। ऐसे बच्चों के कारण समुद्र में भूख कम लगना, वजन बढ़ना, कमजोरी, दूध उत्पादन में कमी और दस्त जैसे दृश्य देखना शामिल हैं। यदि समय पर पशुओं का इलाज नहीं किया जाए तो धीरे-धीरे गिरावट आती है और उनकी उत्पादन क्षमता भी प्रभावित होती है।

कुमार पुरालेख ने बताया कि डीवार्मिंग द्वीप से सागर के पेट में मौजूद जंगलों कीड़ों का नाश हो जाता है। इससे पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है और पशुओं का संपूर्ण स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है। उन्होंने कहा कि पशुओं का पेट स्वस्थ्य रहे, तो उनका शरीर भी स्वस्थ्य रहे और वह बेहतर उत्पादन कर सकें।

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उन्होंने पशुपालकों को सलाह देते हुए कहा कि पहले अपने साइबेरिया को एल्बेंडाजोल दवा देना शुरू करें। यह दवा बाजार में टैबलेट और लैबोलैट दोनों सैद्धांतिक में उपलब्ध है। पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार सही मात्रा में दवा देकर पशु को संक्रमण से बचाया जा सकता है। हालाँकि दवा पशु चिकित्सक से संपर्क करने के बाद उनका नामांकन ही जारी करें।

उन्होंने बताया कि केवल उद्देश्य से पहले ही नहीं, कुटीर उद्योग के लिए हर चार महीने के लिए नियमित डीवार्मिंग की व्यवस्था जरूरी है। नियमित डीवार्मिंग से पशुपालन की क्षमता मजबूत होती है। उनका विकास बेहतर होता है और दूध उत्पादन भी अच्छा दिखता है।

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