NCR Namo City: एनसीआर में बनेगी 4 आधुनिक स्मार्ट सिटी, 5000 करोड़ रुपये मंजूर, जानें किस राज्य को क्या मिलेगा
NCR Namo City: एनसीआर में चार ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी का ऐलान
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) को एक नया आकार देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में NCR Namo City परियोजना को मंजूरी दी गई, जिसके तहत NCR के चारों राज्यों दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में एक-एक आधुनिक ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी विकसित की जाएगी ।
इस NCR Namo City परियोजना का उद्देश्य दिल्ली पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करना और क्षेत्र में संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि इन चारों शहरों को चुनौती आधारित प्रक्रिया (चैलेंज मोड) के माध्यम से चुना जाएगा, जिसके लिए प्रत्येक राज्य तीन-तीन संभावित स्थानों के प्रस्ताव पेश करेगा ।
NCR Namo City को मिलेगा 5000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पैकेज
इस NCR Namo City परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों में 5000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है । यह राशि प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन पैकेज के रूप में दी जाएगी, जिसमें अनुदान, ऋण और गारंटी शामिल होंगी ।
इन NCR Namo City शहरों को मिश्रित-उपयोग (मिक्स्ड-यूज) और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के रूप में विकसित किया जाएगा। ये शहर नमो भारत रैपिड रीजनल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के आसपास बनाए जाएंगे, जिससे इनकी कनेक्टिविटी बेहतर होगी ।
दिल्ली की NCR Namo City: नरेला, द्वारका या अलीपुर में से एक होगी चयनित
दिल्ली सरकार ने NCR Namo City के लिए तीन संभावित स्थानों को शॉर्टलिस्ट किया है – नरेला-बवाना, द्वारका फेज-2 और अलीपुर-बुराड़ी । मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल टीएस संधू की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेजा जाएगा ।
इन तीनों लोकेशन की खासियत:
नरेला-बवाना (उत्तर-पश्चिम दिल्ली): यहां सबसे अधिक खाली जमीन उपलब्ध है। यह NH-44 (जीटी कर्नाल रोड) से सीधे जुड़ा हुआ है और भविष्य में मेट्रो तथा दिल्ली-पानीपत RRTS कॉरिडोर से कनेक्ट होगा ।
अलीपुर-बुराड़ी (उत्तर दिल्ली): लैंड पूलिंग नीति के कारण यहां भूमि अधिग्रहण आसान है। ईस्टर्न पेरिफेरल मोटरवे और जीटी रोड के पास होने से उत्तर प्रदेश और हरियाणा की कनेक्टिविटी बेहतरीन है ।
द्वारका फेज-2 (पश्चिम दिल्ली): एयरपोर्ट और द्वारका एक्सप्रेसवे के नजदीक है। ‘यशोभूमि’ और डिप्लोमैटिक एन्क्लेव के कारण यह ‘वॉक-टू-वर्क’ कल्चर के लिए सर्वोत्तम माना जा रहा है ।
NCR Namo City: चारों राज्यों की संभावित लोकेशन
NCR Namo City परियोजना के तहत चारों राज्यों में संभावित स्थानों को लेकर चर्चा तेज हो गई है:
उत्तर प्रदेश: राज्य सरकार नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दादरी, जेवर और बुलंदशहर बेल्ट को NCR Namo City के लिए प्रस्तावित करने पर विचार कर रही है । शहरी विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिल्ली से उद्योगों के स्थानांतरण के लिए सबसे उपयुक्त गंतव्य है, क्योंकि यहां औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र और कनेक्टिविटी बेहतर है ।
राजस्थान: राजस्थान सरकार अलवर और भरतपुर को NCR Namo City के लिए मजबूत दावेदार के रूप में पेश कर रही है। ये शहर अपनी रणनीतिक स्थिति और विकास क्षमता के कारण चर्चा में हैं ।
हरियाणा: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में भाग लिया और राज्य के लिए NCR Namo City विकसित करने पर सहमति जताई ।
NCR Namo City: एनसीआर की सीमा में कोई बदलाव नहीं, हरियाणा के 5 जिले रहेंगे शामिल
बैठक में एक अहम निर्णय यह भी लिया गया कि एनसीआर की भौगोलिक सीमा में कोई बदलाव नहीं होगा । इससे पहले हरियाणा के 5 जिलों – करनाल, जींद, पानीपत, भिवानी और महेंद्रगढ़ को एनसीआर से बाहर किए जाने की चर्चा थी, लेकिन NCR Namo City परियोजना के तहत यह प्रस्ताव खारिज कर दिया गया ।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट किया कि एनसीआर के दायरे में कोई परिवर्तन नहीं होगा और सभी मौजूदा जिले एनसीआर का हिस्सा बने रहेंगे । उन्होंने कहा कि दूरदराज के इलाकों में भी अनावश्यक प्रतिबंध लागू हो जाते हैं, इसलिए इसे सुधारने की आवश्यकता है, लेकिन सीमा में बदलाव नहीं किया जाएगा ।
NCR Namo City से दिल्ली पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करने की योजना
NCR Namo City परियोजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करना है। अनुमानों के अनुसार, एनसीआर की आबादी वर्तमान में लगभग 7.5 करोड़ है, जो अगले 15 वर्षों में बढ़कर 15 करोड़ हो सकती है ।
इन NCR Namo City शहरों को आधुनिक बुनियादी ढांचे, किफायती आवास, कुशल परिवहन नेटवर्क और सतत विकास पर फोकस के साथ विकसित किया जाएगा । इन शहरों में घर, दफ्तर और व्यावसायिक केंद्र पास-पास होंगे, जिससे प्रदूषण और ट्रैफिक कम होगा।
इसके अलावा, बोर्ड ने 9 ‘काउंटर-मैग्नेट’ क्षेत्रों – हिसार, अंबाला, कोटा, जयपुर, पटियाला-राजपुरा, कानपुर-लखनऊ, बरेली, ग्वालियर और देहरादून – की भी पहचान की है, जो एनसीआर के मुख्य क्षेत्र के बाहर विकास को बढ़ावा देंगे और दिल्ली की ओर पलायन कम करेंगे ।
प्रदूषण पर अलग-अलग प्रतिबंध और पुराने वाहन स्क्रैप की योजना
NCR Namo City परियोजना के तहत प्रदूषण नियंत्रण के लिए भी नई व्यवस्था बनाई जा रही है। एनसीआर को तीन जोनों में विभाजित किया जाएगा, जहां प्रदूषण से जुड़े प्रतिबंध अलग-अलग होंगे। सबसे भीतरी जोन में दिल्ली और ‘सेंट्रल एनसीआर’ शामिल होंगे, जहां सबसे सख्त प्रतिबंध होंगे ।
इसके अलावा, ‘परिवर्तन’ योजना के तहत बीएस-1, 2 और 3 वाहनों को स्क्रैप किया जाएगा और बीएस-4 वाहनों को एनसीआर से बाहर चलने की अनुमति होगी । यह योजना शुरू में स्वैच्छिक होगी और बाद में तीन चरणों में लागू की जाएगी ।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘रीजनल प्लान-2041’ को अगले दो महीनों में अंतिम रूप दे दिया जाएगा और इसकी घोषणा अगस्त 2026 तक हो सकती है । 43वीं बोर्ड बैठक दिसंबर 2026 में प्रस्तावित है, जहां इस योजना के कार्यान्वयन पर और चर्चा होगी ।














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