धुँध और बारिश में पौधें! मेघालय की ये 5 जगहें, जहां आपको मिलेगा जन्म…

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मेघालय मॉनसून यात्रा: अगर आपको जंगल से जुड़े चट्टानों और झरनों की खूबसूरती पसंद है, तो आपके लिए मेघालय किसी स्वर्ग से कम नहीं है। मॉनसून के मौसम में यहां के नज़ारे सबसे शानदार होते हैं। यहां की घाटियां, झरने और प्राकृतिक नजारे हर सैलानी का दिल जीत लेते हैं।

मेघालय मानसून यात्रा: अगर बारिश, हरियाली, तृषा से बने पेड़ और झरनों की सुंदरता आपको पसंद है, तो मेघालय आपके लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। “बादलों का घर” के नाम से यह प्रसिद्ध विरासत राज्य मॉनसून सीज़न में सबसे अधिक सुंदर दिखता है। यहां की घाटियां, झरने और प्राकृतिक नजारे हर सैलानी का दिल जीत लेते हैं। मेघालय की ऐसी 5 शानदार जगहों के बारे में जानिए जहां मॉनसून में घूमना एक यादगार अनुभव बन सकता है…

चेरापूंजी: चेरापूंजी को धरती का सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान माना जाता है। यहां हर मोड़ पर आपको हरी-भरी पहाड़ियां और झरने देखने को मिलते हैं। यहां के मुख्य आकर्षणों में नोकाली फ़ॉल्स, सेवन सिस्टर्स फ़ॉल्स और मॉसमाई गुफाएं शामिल हैं।

चेरापूंजी: चेरापूंजी को धरती का सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान माना जाता है। यहां हर मोड़ पर आपको हरी-भरी पहाड़ियां और झरने देखने को मिलते हैं। यहां के मुख्य आकर्षणों में नोकाली फ़ॉल्स, सेवन सिस्टर्स फ़ॉल्स और मॉसमाई गुफाएं शामिल हैं।

शिलांग: मेघालय की राजधानी शिलांग को "पूर्व का स्कॉटलैंड" कहा जाता है. इसकी मौलिकता मनमोहक है। उमियम झील, एलिफ़ेंट फ़ॉल्स और शिलांग पीक जैसी जगहें प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं।

शिलांग: मेघालय की राजधानी शिलांग को “पूर्व का स्कॉटलैंड” कहा जाता है। इसकी मौलिकता मनमोहक है। उमियम झील, एलिफ़ेंट फ़ॉल्स और शिलांग पीक जैसी जगहें प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं।

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डावकी: भारत-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित डावकी, जिंसोट नदी के साफ पानी के लिए प्रसिद्ध है। मॉनसून के सीज़न में यहां का नज़ारा मछलियां होती हैं; साफ़ पानी पर तैरती नावें ऐसी होती हैं जैसे हवा में तैर रही हों।

डावकी: भारत-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित डावकी, जिंसोट नदी के साफ पानी के लिए प्रसिद्ध है। मॉनसून के सीज़न में यहां का नज़ारा मछलियां होती हैं; साफ़ पानी पर तैरती नावें ऐसी होती हैं जैसे हवा में तैर रही हों।

मावलिननॉन्ग: मावलिननॉन्ग को एशिया का सबसे खूबसूरत गांव माना जाता है। यहां का साफ-सुथरा, हरा-भरा और प्राकृतिक नजारा बेहद आकर्षक है। इस गांव में और भी कई शानदार प्राकृतिक चमत्कार मौजूद हैं।

मावलिननॉन्ग: मावलिननॉन्ग को एशिया का सबसे खूबसूरत गांव माना जाता है। यहां का साफ-सुथरा, हरा-भरा और प्राकृतिक नजारा बेहद आकर्षक है। इस गांव में और भी कई शानदार प्राकृतिक चमत्कार मौजूद हैं।

मावलिननॉंग: एशिया के सबसे स्वच्छ गांव के रूप में जाना जाने वाला यह खूबसूरत स्थल बारिश में सबसे ज्यादा चमकता है। मानसून पूरे क्षेत्र को साफ कर देता है, जिससे पत्थर के रास्ते, स्थानीय फूलों के बगीचे, फूस की छत वाले बांस के घर और आसपास के जीवित जड़ पुल अविश्वसनीय रूप से ताजा और जीवंत दिखते हैं।

लिविंग रूट ब्रिज: मेघालय की खास पहचान, ‘लिविंग रूट ब्रिज’ प्रकृति और इंसानी गंगा के समुच्चय के बेहतरीन उदाहरण हैं। पेड़ों की जड़ों से बना ये पुल मॉनसून के दौरान बहुत शानदार रहे। इनमें से एक नोंग्रियाट का ‘डबल-डेकर लिविंग रूट ब्रिज’ सबसे प्रसिद्ध है।

झीलें इतनी मोटी क्यों हैं?: झील के बीच में, झील के झरने पूरे ज्वालामुखी में डूबे हुए हैं, पहाड़ियाँ धुंध से ढँकी हुई हैं और चारों ओर हरियाली बनी हुई है। इसलिए, इस सीज़न में आने वाले पर्यटक प्रकृति के बीच एक अनोखा और यादगार अनुभव का आनंद लेते हैं।

झीलें इतनी मोटी क्यों हैं?: झील के बीच में, झील के झरने पूरे ज्वालामुखी में डूबे हुए हैं, पहाड़ियाँ धुंध से ढँकी हुई हैं और चारों ओर हरियाली बनी हुई है। इसलिए, इस मौसम में आने वाले पर्यटक प्रकृति की प्रकृति के बीच एक अनोखा और यादगार अनुभव का आनंद लेते हैं।

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