पारंपरिक मक्का ही नहीं, बोएं स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न के साथ, होगी टैगडी कमाई

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पारंपरिक मक्का ही नहीं, बोएं स्वीट कॉर्न-बेबी कॉर्न के साथ, होगी तगड़ी कमाई

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मानसून में मक्के की खेती: मक्के की खेती से किसान अच्छी आय कमा सकते हैं। अगर सामान्य मक्के के साथ ही स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न का उपयोग किया जाए तो कमाई बढ़ने की संभावना अधिक रहती है। कृषि विशेषज्ञ डाॅ. दिलीप पैजेंज के अनुसार, 15 जुलाई तक पैंजेज की जा सकती है।

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पलामू. बहस में हैं किसान खेती-बबड़ी की तैयारी। मक्के की खेती के सीजन में किसानों के लिए बेहतर आय का जरिया बन सकता है। कृषि विशेषज्ञ डाॅ. फिलिप पैंज ने बताया कि 15 जुलाई तक मक्के की तोड़फोड़ हो सकती है। जिन किसानों के पास सींच की सुविधा उपलब्ध है, वे अभी भी समय रहते मक्के की खेती शुरू करके अच्छा उत्पादन पा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पलामू जैसे इलाके में विशेष रूप से स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न की खेती के किसानों के लिए अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि अन्य बाजार में मांग सामान्य मक्के की तुलना में अधिक है और कीमत भी बेहतर है। उन्होंने आगे बताया कि इस मौसम में मीठे मक्के की खेती को उपयुक्त माना जाता है।

60 दिन में हो जाती है तैयारी
स्वीट कॉर्न लगभग 60 दिनों में तैयार हो जाता है, जिससे किसान कम समय में फसल बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इसके अलावा, बेबी कॉर्न की मांग बड़े पैमाने पर, रेस्तरां और रेस्तरां में स्थिर बनी हुई है। अगर किसान चरणबद्ध तरीकों से इसकी शुरुआत करें, तो पूरे साल अलग-अलग समय पर उत्पाद लेकर नियमित आय ले सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पलामू क्षेत्र में मक्के की प्रतिष्ठित निर्मित कम रहती है। इसका प्रमुख कारण यहां की कई कृषि भूमि का अम्लीय (एसिडिक) होना है। चॉकलेट में पोषक तत्वों का पूरा लाभ नहीं होता है, जिससे एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा प्रभावित होती है और उत्पादन में कमी आती है। इसी तरह से पहले मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार करना अत्यंत आवश्यक है।

करें ये दो उपाय
कृषि विशेषज्ञ ने आगे कहा कि किसानों को सलाह दी गई है कि 30 से 40 दिन पहले खेत में कोयला या डोलोमाइट पाउडर का इस्तेमाल किया जाए। लगभग 5 रिज प्रति कत्था की दर से इसका उपयोग करने से मिट्टी की अम्लीयता कम होती है और प्रमाणित को आवश्यक पोषक तत्व आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। इसके अलावा खेत में मेढ़ या उभरी हुई क्यारियों की सूची बनाने से जल उत्पादक बेहतर हैं और सीमेंट की बढ़वार भी अच्छी है।

स्वीट कॉर्न, बेबी कॉर्न से लेकर बेस्ट कॉर्न तक
उन्होंने कहा कि अगर किसान सही समय पर खेती करें, मिट्टी का उपचार करें और ऑर्डर की व्यवस्था करें, तो मक्के की खेती से बेहतर उत्पादन के साथ-साथ अच्छा आर्थिक लाभ भी मिल सकता है। सामान्य मक्के के दौर में स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न के साथ उन्नत की खेती किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावशाली विकल्प बन सकता है।

लेखक के बारे में

रैना शुक्ला

रिचमंड यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट। पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और एबीपी न्यूज से हुआ न्यूज18 हिंदी तक पहुंचा। पर्यटक और देश की…और पढ़ें

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