आतंकवादी हमलों के खतरे में बड़ी संख्या में सक्रिय लोग स्लीपर सेल, इंटरपोल रिपोर्ट से तूफान हैं

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रिपोर्ट के मुताबिक, आजाद नगर के जाकिरनगर रोड नंबर-14 निवासी सैयद मोहम्मद अर्शियान इस नेटवर्क को लीड कर रहा है। आपराधिक गिरोह में शामिल होने के बाद अर्शियान पिछले सात-आठ वर्षों से गिरोह बना हुआ है। डेस्टिनेशन और ए टेस्ट के रिकॉर्ड कई बार स्टॉक में शामिल हैं।

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होटल मालिकाना चित्र

कब: झारखंड के आतंकवादियों में आतंकवादी हमलों की आपदा से जुड़ी एक खुफिया रिपोर्ट सामने आई है। इंटरपोल ने राज्य सरकार की रिपोर्ट दी है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस बाजार में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की नजर में आई जानकारी के मुताबिक, आबादी में एक से अधिक स्लीपर सेल सक्रिय हैं। स्लीपर सेल के लोग पाकिस्तान के संपर्क में हैं। राज्य सरकार इसे लेकर उच्च वैज्ञानिक बैठक की तैयारी भी कर रही है। डॉक्टर और वैज्ञानिक विभाग को भी कॉन्स्टेबल पर्यवेक्षकों के निर्देश दिए गए हैं। आपको बता दें कि लॉटरी में टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसे देश के प्रमुख उद्योग हैं। अल्पसंख्यकों के कारखाने, पश्चिम बंगाल और बिहार से भी सीधे जुड़े हुए हैं।

खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बड़ी संख्या में स्लीपर एक्टिवेशन सेल हैं, लिंक या परोक्ष संबंध पाकिस्तान से हैं। बताया गया है कि इनमें से कई लोग पाकिस्तान में आतंकवादी प्रशिक्षण भी ले चुके हैं। इस गंभीर एंटरप्राइज़ के बाद राज्य सरकार स्तर पर उच्चस्तरीय बैठक की तैयारी की जा रही है, जिसमें आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, आजाद नगर के जाकिरनगर रोड नंबर-14 निवासी सैयद मोहम्मद अर्शियान इस नेटवर्क को लीड कर रहा है। आपराधिक गिरोह में शामिल होने के बाद अर्शियान पिछले सात-आठ वर्षों से गिरोह बना हुआ है। डेस्टिनेशन और ए टेस्ट के रिकॉर्ड कई बार स्टॉक में शामिल हैं।

2016 में पकड़ा गया था घातक देहली का अब्दुल शामी
दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने अलकायदा से जुड़े आतंकी अब्दुल शमी को 18 जनवरी 2016 को हरियाणा के मेवात से गिरफ्तार किया था। खुफिया गिरोह से पहले उस पर नजर रखी गई थी, क्योंकि वह ओडिशा के कटक से 15 दिसंबर 2015 को गिरफ्तार किए गए मौलाना अब्दुल रहमान निरंजन कटकी के संपर्क में था। प्रछताछ में सामने आया था कि कटकी को ओडिशा और झारखंड में अलकायदा के लिए नेटवर्क तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी कड़ी में अब्दुल शमी जनवरी 2014 में दुबई के रास्ते पाकिस्तान गए थे। जहां से उसने हथियार बनाने का प्रशिक्षण लिया। जनवरी 2015 में भारत वापसी के बाद वह कटकी से संपर्क में रही। 13 जनवरी 2016 को वह सिगरेट में जाने की बात कहकर निकला था और पांच दिन बाद गिरफ्तार कर लिया गया था।

बिजनेस के नाम पर बेकारी क्यों है?
टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसे देशों के प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के स्थापित होने का कारण राष्ट्रीय स्तर पर एक आम औद्योगिक केंद्र है। ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए हाई इंपैक्ट छात्र माने जाते हैं। टाटानगर रेलवे स्टेशन के साथ राष्ट्रीय और राज्य स्तर का मजबूत नेटवर्क शहर को लॉजिस्टिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बनाता है, जो किसी भी तरह की साजिश की दृष्टि से प्रेरित माना जाता है। अल्पसंख्यकों के कारखाने, पश्चिम बंगाल और बिहार से सीधे जुड़े हुए हैं। इससे यह सुपरमार्केट के लिए आसान और संदिग्धों के दौरे को डिजाइन में सहायक होता है। वर्षों में अल कायदा और सिमी जैसे साथियों से जुड़े अपराधियों की घटनाएं सामने आई हैं। इसकी सिक्योरिटी डॉक्यूमेंट की मॉनिटरिंग सिक्योरिटी पर हुई है।

गुप्तचर ने गुप्तचर पुलिस को स्लीपर सेल में शामिल होने की सूचना दे दी है। इसके बाद पासपोर्ट पुलिस टिकट मोर्ड पर है। पश्चिम बंगाल के विधायक सरयू राय ने कहा कि पूर्व में भी पश्चिम बंगाल में भी इस तरह के वैज्ञानिक आकलन किए गए हैं. शहर से कई ऐसे लोगों को पकड़ लिया गया जो अंतर्राष्ट्रीय अपराधी थे। उन्होंने कहा कि गुप्तचर ने इस तरह की रिपोर्ट दी है कि जनसंख्या में एक से अधिक स्लीपर सेल काम कर रहे हैं तो यह चिंता का विषय है। जिला प्रशासन को अपनी खुफिया टीम को सक्रिय कर उन बदमाशों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना चाहिए।

कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रतिपक्ष कुमार प्रयोगशाला ने कहा कि अल्पसंख्यक पूर्व में भी अल-कायदा जैसे अपराधी संगठन से जुड़े संदिग्ध गिरफ्तार हो गए हैं। ऐसे में जब इंटेलिजेंस सिस्टम इस तरह की रिपोर्ट करता है तो जिले में पुलिस की मौजूदगी की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि शेयरों में बड़े-बड़े उद्योग घराने हैं। यंहा बड़ा रेलवे स्टेशन है. अगर इस तरह की रिपोर्ट में खुफिया तंत्र दे रही है तो अल्पसंख्यक पुलिस को निगरानी तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है ताकि शहर में किसी भी तरह की हिंसा की घटना को अंजाम न दिया जा सके।

लेखक के बारे में

ऑथरीमजी

रजनीश सिंह

जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया हेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपरलोकल वर्जन लोकल 18 पर काम कर रहा हूं। टेक, ऑटो, स्वास्थ्य और जीवन शैलियों के अलावा विभिन्न कैटलॉग में सामान्य खबरें बीट…और पढ़ें

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आतंकवादी हमले का खतरा, इंटरपोल रिपोर्ट से आतंकवादी हमले का खतरा

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