इन लोगों को नहीं रखना चाहिए महाशिवरात्रि का व्रत, देवघर के ज्योतिषाचार्य ने बताई विधि और नियम

authorimg
Share This Post


होमताजा खबरधर्म

इन लोगों को नहीं रखना चाहिए महाशिवरात्रि का व्रत, ज्योतिषाचार्य ने दी जानकारी

आखरी अपडेट:

जन्मदिन का व्रत केवल वैवाहिक जीवन का नाम नहीं है, बल्कि इसे सही ग्रेड के साथ रखना जरूरी है। व्रत रखने वाले व्यक्ति को सुबह जल्दी स्नान करना चाहिए और साफ वस्त्र धारण करना चाहिए। संयम संयम, शुद्ध विचार और शांत मन बनाए रखना चाहिए। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की चार प्रहर में पूजा की जाती है। हर प्रहर में….

देवघर: महाशिवरात्रि हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है। वैसे तो हर महीने शिवरात्रि आती है, लेकिन फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यही कारण है कि इस तिथि को विशेष रूप से पूजनीय माना जाता है। यह दिन भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती को अत्यंत प्रिय है। सिद्धांत यह है कि जो भी भक्त इस दिन सात मन से व्रत और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं, उनके मन से पूर्ण संबंध होते हैं। शिव पुराण में भी इसका उल्लेख है कि महाशिवरात्रि के दिन जलाभिषेक और श्रद्धा भाव से पूजा करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

जानिए क्या कहते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य
देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिष पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने बताया कि सभी लोगों को दिवाली का व्रत करना चाहिए। अगर वह पुरुष हो या महिला. यह व्रत आत्मशुद्धि, संयम और भक्ति का प्रतीक है। इस दिन उपवास से मन और शरीर दोनों पवित्र होते हैं और आध्यात्मिक विकास का मार्ग खराब होता है।

इन लोगों को नहीं रखना चाहिए व्रत
ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल कहते हैं कि कुछ लोगों को यह व्रत नहीं रखना चाहिए। ज्योतिषाचार्य के अनुसार 8 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यह व्रत नहीं रखना चाहिए। क्योंकि उनकी सेहत के लिए ऐसा नहीं होता है. इसके अलावा बुजुर्ग, गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं और मासिक धर्म के दौरान महिलाएं भी व्रत न रखें तो बेहतर है। ऐसे श्रद्धावान लोगों को अपनी सेहत को मजबूत बनाना चाहिए और यदि वे श्रद्धा रखते हैं तो केवल भाव से पूजा कर सकते हैं। इसके अलावा किसी को भी मनाही नहीं है।

जानिए व्रत के क्या हैं सही नियम
जन्मदिन का व्रत केवल वैवाहिक जीवन का नाम नहीं है, बल्कि इसे सही ग्रेड के साथ रखना जरूरी है। व्रत रखने वाले व्यक्ति को सुबह जल्दी स्नान करना चाहिए और साफ वस्त्र धारण करना चाहिए। इसके बाद भगवान शिव का ध्यान कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। संयम संयम, शुद्ध विचार और शांत मन बनाए रखना चाहिए। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की चार प्रहर में पूजा की जाती है। हर प्रहर में जल, दूध, दही, घी, शहद और बेलपत्र का अभिषेक किया जाता है। कम से कम दो प्रहर की पूजा अवश्य करनी चाहिए। पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप अत्यंत फलदायक माना जाता है। पूजा के बाद ही फलाहार ग्रहण करना चाहिए।

लेखक के बारे में

बृजेन्द्र प्रताप सिंह

बृजेन्द्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 प्राचीन से सक्रिय हैं। मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर स्टोरी रजिस्टर…और पढ़ें

(टैग्सटूट्रांसलेट)महाशिवरात्रि(टी)महाशिवरात्रि(टी)शिव उत्सव(टी)शिवरात्रि व्रत(टी)भगवान शिव की पूजा(टी)महाशिवरात्रि अनुष्ठान(टी)शिवलिंग अभिषेक(टी)हिंदू त्योहार

JharExpress is hindi news channel of politics, education, sports, entertainment and many more. It covers live breaking news in India and World

Post Comment

YOU MAY HAVE MISSED