‘कम नंबर आया था तो जानना चाहता था ऐसा क्यों’: इंसिक्योर प्लेटफॉर्म को क्यों दिया टेंडर; सीबीएसई द्वारा संतोष का खुलासा – रांची समाचार
ऋतु लकड़ा। राँची6 मिनट पहले
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माँ के साथ सार्थक।
डुप्लिकेट के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम में जब कॉपियां धुंधली दिखती हैं और गुड़िया में ऑर्केस्ट्रा की रिकॉर्डिंग होती है। इसके बाद रांची की 17 साल की छात्रा सत्या सिद्धांत ने सिर्फ याचिका ही नहीं दी, बल्कि सिस्टम की ही पोल खोल दी।
12वीं (2024-26 बैच) के इस छात्र ने अमेज़ॅन के 576 टैलेंटेड टैलेंट को रिकॉर्ड किया और एक ब्लॉग के माध्यम से ओएसएम का मंच नाटक की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर बच्चों को शामिल किया।
सार्थकता के इस उद्घोष की गूंज संसद तक। स्थायी समिति ने मामले पर पुनर्विचार किया। इसके बाद सरकार को जिप्सम के सीईओ राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को पद से हटा दिया गया।
दरअसल, 13 मई को सीबीएसई ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। इस बार पहली बार कॉपियां कंप्यूटर स्क्रीन (ओएसएम सेवा) की जांच की गई। नतीजे आने के बाद कई छात्रों ने शिकायत लेकर नंबर मांगे, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हो गई है।

सवाल: कैसे प्रक्रिया आई कि ओएसएम में गड़बड़ी हुई है? उत्तर उत्तर: आरजी निस अधिकारी जो खुद 12वीं का बूट है, उसने इनसाटियों को अपने ब्लॉग में लिखा। जब निसारग अधिकारी ने मुझे अपना सारा ब्लॉग पोस्ट पढ़ाया तो मुझे लगा कि मिर्जा ने ऐसे इनसिक्योर प्लेटफॉर्म को ट्रेंड क्यों किया है? मैंने टेंडर्स के बारे में जाना। सरकारी पोर्टल पर मुझे कोई टेंडर नहीं मिले, तो मैंने टेंडर एग्रीगेटर वेबसाइट से आउट किया। जांच की गई तो शैतानियों का पता चला। और मैंने अपने ब्लॉग पर पोस्ट किया। प्रश्न: 12वीं में आपके मार्क्स कैसे थे? कम मार्क्स का शक कैसे हुआ? उत्तर: मार्क्स ठीक-ठाक आ गए थे, लेकिन मैं थोड़ा सा डिसअसेल्ड था। इसके बाद मैंने रीवैल्यूएशन के लिए अप्लाई किया था। मुझे लगा कि मार्क्स और आने चाहिए थे। मेरे सभी दोस्तों के मार्क्स के साथ यही समस्या थी, सभी को लग रहा था कि मार्क्स कम आ गए हैं।

छात्र संतुष्ट सिद्धांत ने संसद की स्थायी समिति की प्रस्तुति दी।
प्रश्न: संसदीय समिति के बारे में आपने क्या प्रेजेंटेशन दिया? उत्तर उत्तर: मैंने टैलेंटेड की कारों से जुड़े 500 से अधिक डायनासोरों को जो निष्कर्ष निकाला था, उसे प्रेजेंटेशन में दिखाया गया था। टेंडर में कई कलाकारियां शामिल हैं। इसकी डिटेलिंग में बताया गया है कि कॉम्ट कंपनी ने किस तरह से कारों का उल्लंघन किया है।
प्रश्न: राहुल गांधी से क्या बातचीत हुई? उत्तर उत्तर: ओसम पोर्टल के बारे में पूछा। टेंडर्स में मिली गलती के बारे में पॉइंटवार जानकारी ली। कैसे और कहां-कहां साइंटियां हुई हैं, इसकी विस्तृत जानकारी उन्होंने ली।

राहुल गांधी ने OSM की गड़बड़ी सामने आने वाले अटल सिद्धांत से मुलाकात की थी।
प्रश्न: आपने किस तरह की सारी जानकारी ली थी? उत्तर उत्तर: नहीं, मैं एथिकल हैकर हूं, पहले भी बहुत सारी साइट हैक की है। लेकिन उदयपुर की साइट को मैंने हैक नहीं किया। 12वीं के निसर्ग अधिकारी ने साइट हैक कर अपने ब्लॉग में पोस्ट किया, जिसके बाद मेरी जिज्ञासा बनी और मुझे अचंभित कर देने वाली जिज्ञासा बनी रही।
नवीन ने संसदीय समिति को बताया- OSM में 15 खामियाँ
पोर्टल पर सुबह खुलते ही साइबर हमला हुआ
सीबीएसई के री-इवेल्यूएशन पोर्टल पर साइबर हमला हुआ। सीबीएसई के अनुसार, 2 मिनट में 15 लाख का एक्सपोजर अटेंप्ट हुआ, जबकि 1 लाख से अधिक बार सिस्टम के उपकरणों तक बिना पहुंच की कोशिश की गई।
हालाँकि, साइबर हमले का पोर्टल काम कर रहा है और दोपहर 3 बजे से 16 हजार तक अधिकांश छात्रों ने आवेदन कर दिया। यह पोर्टल सोमवार से शुरू हुआ था।
सार्थकता ने समिति को सैटलियों के बारे में बताया
सुसंगत सिद्धांत ने संसद की सर्वोच्च समिति के समक्ष ओएसएम प्रणाली को लागू किया और इसकी प्रक्रिया में प्रमाणित विद्यार्थियों को लेकर अपनी बात रखी। सत्य सिद्धांत ने कहा, ‘मेरे ब्लॉग के अनुसार कम से कम 15 खामियां हैं।’ इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई से कोएम्प्ट (सीओईएमपीटी) को टेंडर देने को लेकर बोर्ड से रिपोर्ट ली।
संसदीय संवैधानिक समिति के अध्यक्ष यूनिवर्स सिंह ने बताया, ‘सार्थक ने समिति के साथ अपनी बात रखी है।’ अब समिति ने उनके प्रबंध तंत्र और सीबीएसई के जवाबों पर विचार किया।’
ओएसएम की मानसिक स्थिति सामने आने वाले 2 छात्र, दोनों ने दी परीक्षा दी

वेदांत से बोर्ड ने मांगी छूट: दिल्ली के वेदांत फोटोग्राफर ने भी दी थी 12वीं की परीक्षा। फिजिक्स में 65 नंबर मिले तो उन्होंने आवाज दी। रीवैल्यूएशन में कॉपी मिली तो गड़बड़ी का पता चला। सबसे पहले उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। ट्रॉलर्स ने उन्हें ट्रेंटनी तक कहा, बाद में बोर्ड ने डिवीज़न और माफ़ी सुविधा में प्रवेश किया।
सादर ने टेंडर्ड में मजाक किया: रांची के 17 साल के सात्विक सिद्धांत टेक शोधकर्ता हैं। उन्होंने भी परीक्षा दी थी। उन्होंने एक आम छात्र से आगे बढ़कर एक खोजी पत्रकार/डेटा साइंटिस्ट की तरह काम किया। पिछले 576 दिनों में अमीरात की तरफ से जारी एक अध्ययन और तुलना कर टेंडर में गड़बड़ी का खुलासा हुआ।

रिजल्ट से री-इल्यूएशन तक, अब तक क्या-क्या हुआ…
13 मई- सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित किए।
19 मई- री-इवेल्यूएशन पोर्टल के लिए रिजल्ट पोस्ट किया गया, लेकिन पहले ही दिन रजिस्ट्रेशन हो गया।
20 से 23 मई- तीन बार एक-एक दिन के लिए अंसारसाहित्य की फोटोकॉपी लेने की तारीख निर्धारित की गई। छात्रों ने अंसार शेखर ब्लर, अधिक फ़ैक्स, साइट दस्तावेज़ होने की शिकायत की।
25 मई- देश के दो आरक्षणों से पोर्टल मूल्यांकन करने में मदद की छूट दी गई। उन्होंने साइबर हमले पर भी काम किया। बोर्ड ने कहा- री-इल्यूएशन पोर्टल एक जून को खुलेगा।
1 जून- ओएसएम का रीयल वॉल से वॉलपोर्टल पोर्टल एक दिन तक खुला नहीं रह सका।
2 जून- बोर्ड ने बताया कि पोर्टल लाइव हो रहा है। यह 6 जून तक ओपन रहेगा।

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