खूबसूरती में चीन-जापान को मात देते हैं नॉर्थ ईस्ट के ये 5 शहर, विदेशी भी हैं दीवाने
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उत्तर पूर्व भारत के सबसे खूबसूरत शहर: जब भी हम खूबसूरत दोस्तों और सफा-सुथरे शहरों की बात करते हैं, तो अक्सर हमारे जहां में समुद्री डाकू, जापान या चीन के नाम आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे अपने देश (उत्तर पूर्व) के कुछ हिस्सों में ऐसे शहर हैं, जो प्राकृतिक प्रकृति और स्वतंत्रता के आगे बड़े-बड़े शहरों के अलावा विदेशी भी पाए जाते हैं? पुरावशेषों से लेकर पर्वतों तक, क्रिस्टल जैसी साफ नदियां और मखमली हरियाली-उत्तर पूर्व के ये पांच शहर किसी जन्नत से कम नहीं हैं। यही कारण है कि अब भारतीय ही नहीं, बल्कि विदेशी सैलानी भी दीवाने हो रहे हैं।
उत्तर पूर्व भारत यात्रा युक्तियाँ हिंदी में: उत्तर पूर्व का ज़िक्र हो और मेघालय की राजधानी शिलांग(शिलांग) का नाम नहीं आया, ऐसा हो ही नहीं सकता। इसे ‘पूर्व का स्कॉटलैंड’ कहा जाता है। यहां एलीफेंट फॉल्स और शिलांग पीक की खूबसूरती ही दिखती है। अगर आप शहर की भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर के जंगलों में जाना चाहते हैं, तो यहां के पाइन के जंगल और जंगली हवाएं आपका दिल जीत लेंगी। शिलॉन्ग न केवल अपनी प्रकृति बल्कि अपने बेहतरीन म्यूजिक कल्चर और फैशन के लिए भी जाना जाता है। (सभी छवि क्रेडिट: कैनवा)

उत्तराखंड की जान और हिमालय के भगवान बसा गैंगटोक अपनी स्वतंत्रता और सैंडविच की दुकानों के लिए प्रसिद्ध है। यहां से कंचनजंगा की चोटियों का जो नजारा दिखता है, वह पूरे एशिया में कहीं नहीं मिलता। गंगटोक में स्थित बौद्ध मठ और एमजी मार्ग (एमजी मार्ग) के रास्ते आपको यूरोपीय देशों की याद दिलाते हैं। यहां की ताजी हवा और शांत वातावरण उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो खुद को ‘रिचार्ज’ करना चाहते हैं।

अरुणाचल प्रदेश का तवांग एक ऐसा शहर है जिसे देखकर आप यकीन नहीं कर पाएंगे कि आप भारत में हैं। इस शहर में लगभग 10,000 फुट की चट्टानें स्थित हैं, जिनके प्राचीन मठ और जमी हुई झीलें देखने को मिलती हैं। यहां की शांति और आध्यात्मिकता चीन के किसी भी हिल स्टेशन से कहीं बेहतर है। समुद्रतट में जब तवांग सफेद बर्फ की चादर से उगता है, तो उसकी सुंदरता में चार चांद लग जाते हैं। एडवेंचर के शौक़ीन लोगों के लिए यह एक ‘मस्ट स्टार’ डेस्टिनेशन है।
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असम का हाफलॉन्ग जिसे ‘असम का गठबंधन’ कहा जाता है, उसकी ऊंची चोटियां और झीलें मशहूर हैं। यह असम का इकलौता हिल स्टेशन है और यहां की जैव विविधता (जैव विविधता) कमाल की है। यहां के स्थानीय लोगों के आतिथ्य और पारंपरिक खान-पान को बार-बार यहां आने पर मजबूर कर दिया जाता है। यदि आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो हाफलॉन्ग की वादियां आपके लिए बेहतरीन आर्टिस्टिक लीज के लिए तैयार हो गई हैं।

नागालैंड की राजधानी कोहिमा अपना ऐतिहासिक महत्ता और सांस्कृतिक खलिहान के लिए जाना जाता है। हर साल यहां होने वाला ‘हॉर्नबिल फेस्टिवल’ पूरी दुनिया को आकर्षित करता है। इस शहर के ऊपर स्थित इस शहर से दिखने वाले सूर्य के नज़ारे बहुत ही खूबसूरत दिखाई देते हैं, जापान के ‘लैंड ऑफ राइजिंग सन’ वाले के दृश्य भी सामने से दिखाई देते हैं। यहां की जनजाति संस्कृति और हस्तशिल्प (हस्तशिल्प) दुनिया भर में अपनी अलग पहचान रखते हैं।

अब सवाल यह है कि इन मुस्लिम शहरों की सैर के लिए सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit) कौन सा है? उत्तर पूर्व यात्रा के लिए मार्च से जून और अक्टूबर से दिसंबर का समय सबसे बढ़िया माना जाता है। मार्च से जून के बीच मौसम बहुत सुहाना होता है और फूलों की घाटी पूरी तरह से खिल उठती है। वहीं, अगर आप रोलर का आनंद लेना चाहते हैं, तो दिसंबर और जनवरी में तवांग या गैंगटोक का रुख कर सकते हैं।

भारत के ये शहर साबित करते हैं कि सात समंदर पार जाने में हमें खूबसूरती की तलाश की जरूरत नहीं है। बस एक बार अपना बैग पैक करें और निकलें इन अनछुए अवकाश पर। यहां की शुद्ध हवा, साफ-सुथरी सड़कें और बेघर हुए लोग आपका स्वागत करने के लिए तैयार हैं। विश्वास मनिए, नॉर्थ ईस्ट की यह यात्रा आपके जीवन की सबसे यादगार यादगार में से एक होगी।
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