गर्मियों में फूलों से लड़ाएगी मधुमालती की बेल, मार्च में जरूर करें ये खास काम
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कृषि विशेषज्ञ डॉ. समाजवादी शाह ने लोकल18 को बताया कि मार्च महीने में मधुमालती के लिए क्या खास होता है। इसी समय अगर कटाई-छंटाई, खाद और मिट्टी की सही तैयारी कर ली जाए तो गर्मियों में प्रचुरताएं मिलती हैं। विशेषज्ञ के अनुसार, इस महीने की थोड़ी सी मेहनत पूरे सीज़न में रंगीन दृश्य पेश करती है।
रंगून क्रीपर यानि मधुमालती एक ऐसी फूलों वाली बेल है, जो घर की तितली है, गेट या क्रीपर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है। इसके गुच्छेदार फूल पहले सफेद, फिर गुलाबी और बाद में लाल रंग में बिखरे हुए हैं, जो देखने में बेहद आकर्षक लगते हैं। सही समय पर देखभाल की जाए तो गर्मियों में यह बेल पूरी तरह से फूलों से बनी होती है।

कृषि विशेषज्ञ डॉ. समाजवादी शाह ने लोकल18 को बताया कि मार्च महीने में मधुमालती के लिए क्या खास होता है। इसी समय अगर कटाई-छंटाई, खाद और मिट्टी की सही तैयारी कर ली जाए तो गर्मियों में प्रचुरताएं मिलती हैं। विशेषज्ञ के अनुसार, इस महीने की थोड़ी सी मेहनत पूरे सीज़न में रंगीन दृश्य पेश करती है।

आगे कहा कि मधुमालती को प्रतिदिन कम से कम 5 से 6 घंटे तक अचानक धूप मिलनी चाहिए। यदि पुष्प छायादार स्थान पर रहेंगे तो मित्र तो खूब उगेंगे, लेकिन फूल कम आएंगे। इसलिए यह ऐसी जगह है जहां चमकती धूप दिखाई देती है – जैसे छत, खुली बालकनी या बालकनी।
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उन्होंने बताया कि फूल से बनी बेल के लिए मिट्टी भुरभुरी और जल फूल वाली होनी चाहिए। 50 प्रतिशत सामान्य मिट्टी, 30 प्रतिशत औसत गोबर खाद या वर्मीकम्पोस्ट और 20 प्रतिशत औसत मानक मिश्रण तैयार करें। इससे मजबूत मजबूत संरचनाएं और उपचार की वृद्धि तेज होती है।

आगे कहा कि मधुमालती को अधिक मात्रा में पानी की आपूर्ति से जड़ की आपूर्ति हो सकती है। मिट्टी की फैक्ट्री पर ही पानी डालें। गर्मियों में 2-3 दिन और समुद्र में सप्ताह में एक बार पानी देना संतुलित होता है। हमेशा ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न हो।

आगे कहा कि मार्च में गोबर खाद, वर्मीकमपोस्ट या एनपीके 10-10-10 जैसे गोबर खाद डालें। ज्यादातर सब्जियों वाली खाद से बने पौधे तो बहुत स्वादिष्ट होते हैं लेकिन फूल कम आते हैं। महीने में एक बार जैविक खाद देना बेहतर रहता है।

मार्च में ड्राई और पुरानी तानियों की कटिंग-छंटाई करें। इससे नई चीज़ें मिलती हैं और फूल ज़्यादातर आते हैं। अगर मूल गमले से बाहर दिख रही हूं तो बड़े गमले में ट्रांसप्लांट कर दीजिए। यह पौधा स्वस्थ रहेगा.

उन्होंने कहा कि मधुमालती तेजी से बढ़ने वाली बेल है, इसे दीवार बनाओ, नकली या पोल का सहारा बनाओ। कीट लीज पर नीम तेल का विवरण. अगर मार्च में ये सभी उपाय करें तो गर्मियों में आपकी मधुमालती की बेल, फूलों से लड़ेगी और घर की गुणवत्ता में कई गुना वृद्धि होगी।
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