गिरावट विफल! ₹10 में लेन चौपारण का असली खेड मोहन स्वाद, 50 के रॉयल प्लेटर ने मचाई धूम

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प्रसिद्ध मिठाई की दुकानें, जमशेदपुर: लॉटरी के टैग सोसायटी के पास आज वाला धीरज का छोटा सा स्टॉल बड़े ब्रांडों को टक्कर दे रहा है। मशहूर चौपारण स्टाइल में बनी मिठाइयों के लिए मशहूर इस दुकान पर ₹10 में शुद्ध चने का स्वाद मोहन और 4 घंटे की मेहनत से तैयार मलाईदार रबड़ी मिल रही है। अपनी खसखस ​​उड़द दाल की कुरकुरी इमरती और कीमत ₹50 के शाही मीठे प्लेटर के दम पर पिछले 10 वर्षों से शहरवासियों की जंजाल पर देसी स्वाद का जादू चला रहे हैं।

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आख़िर लोहपुर नगरी अपनी बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों और उद्योगों की पहचान के लिए दुनिया भर में मशहूर है। लेकिन इस शहर की स्ट्रीट में स्वाद के ऐसे सरदार मित्र हैं। जो किसी भी पांच सितारा होटल की माॅम को भी माॅट दे सकते हैं। साकची स्थित टैगोर सोसाइटी के पास लीज वाला धीघ का मिठाई स्टाट आज शहर के प्रेमियों के लिए एक नया सलाहकार बन गया है। पिछले 10 वर्षों से धीरज वैश्य के प्रसिद्ध चौपारण की पारंपरिक शैली में मिठाइयाँ साथी लोगों की जंघा पर मछलियाँ घोल रहे हैं।

चौपारण की परंपरा और विश्वविद्यालय का संगम
धीरज के स्टॉल की सबसे बड़ी प्रकृति है गायत्री और देसीपन। छात्र-छात्राएँ हैं कि वे अपनी मिठाइयों में किसी भी तरह के उत्पाद के ख़िलाफ़ हैं। उनका मानना ​​है कि असली स्वाद केवल ताजी सामग्री और मेहनत से ही आता है। यहां का मोहन शेखर यूनिवर्सल चेचेन से तैयार किया जाता है। धैर्य के अनुसार यदि इसमें थोड़ा भी उत्पाद की जाए तो छेना अपनी कोमलता खो देता है। यही कारण है कि इनका खेड मोहन इतना रसीला और नरभक्षी होता है कि मुंह में ही छेद हो जाता है। इसकी कीमत ₹10 प्रति पीस है।

मलाईदार राबड़ी का विज्ञान
असली रबड़ी बनाना साहस का काम है। धीरज दूध को अनुमानित पर लगातार 4 से 5 घंटे तक पकाते हैं। इस दौरान दूध के ऊपर जमने वाली मलाई की परतें धीरे-धीरे-धीरे-धीरे बढ़ती जाती हैं। टैब विक्रेता वह गाधी और दानेदार रबड़ी तैयार करता है जो बाजार की सामान्य रबड़ी से कोसों आगे है।

कुकुरी इमरती, स्टॉल की असली पहचान
वैसे तो लोग यहां मोहन खेड और रबड़ी के लिए आते हैं, लेकिन उड़द दाल की इमरती इस स्टॉल की सिगनेचर डिश है. त्रिशूल से कढ़ाही में सुनहरी-नारंगी टॉपयां उकेरती इमरती जब चाशनी में डूबकर बाहर आती है, तो उसका सुकून पूरे इलाके में आ जाता है। बाहर से कुरकुरी और अंदर से रसीली इस इमरती को ग्राहक अक्सर चाय के साथ या मीठी मिठाई के तौर पर खाना पसंद करते हैं।

पॉकेट फ्रेंडली स्वीट प्लेटर
बिजनेस के दौर में भी धीरज ने अपनी मिठाइयों की कीमत आम आदमी की पहुंच में रखी है। सपनों के लिए यहां कुछ खास कॉम्बिनेशन (प्लेटर) उपलब्ध हैं। ₹50 का स्पेशल प्लेटर. इसमें एक पीस इमरती, एक मोहन और ऊपर से लजीज राबड़ी बनी हुई है। ₹50 के मूल में दो इमरती के साथ भरपूर राबड़ी का आनंद लिया जा सकता है।

समय और स्थान
अगर आप भी इस पुराने देसी स्वाद का अनुभव लेना चाहते हैं, तो कोटा के टैगोर सोसाइटी के पास सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच धीघ के स्टॉल पर पहुंच सकते हैं। यहां आने वाले ग्राहक विशेष रूप से मिठाई ही नहीं, बल्कि धीरे-धीरे की मेहनत और चौपारण की परंपरा से जुड़े हुए हैं, जो कि मिलावट का अनुभव लेकर जाते हैं, जो ब्रांडेड मानकों की चकाचौंध में कहीं खो गए हैं। यही कारण है कि यहां एक बार आने वाला ग्राहक बार-बार निकाला जाता है।

लेखक के बारे में

अमित रंजन

मैंने अपने 12 वर्षों के इतिहास में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और डेली भास्कर, डेली दैनिक भास्कर, डेली भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक लॉन्च हुआ। अंतिम तिथि से ले…और पढ़ें

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