चाय में काजू, पिस्ता और बादाम! इस रॉयल चाय के दीवाने हैं बिहार-बंगाल के लोग, बनाते हैं अनोखा अंदाज
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धनबाद प्रसिद्ध चाय: दबंगों के मुकेश पिछले 15 वर्षों से सबसे अनोखे चाय लोगों को पिलाते हैं। इसमें काजू-पिस्ता-बादाम वाली चाय का स्वाद काफी खट्टा होता है. इसकी चुस्की लेने के लिए झारखंड, बिहार और बंगाल से आएं। इसमें पारंपरिक चाय के साथ किरकिरी मेवों का एक खास मिश्रण डाला जाता है। जो इसे एक ‘रॉयल’ स्वाद देता है। सुबह से शाम तक उनकी दुकान पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है।
दः केले के लिए मशहूर ब्रांड की पहचान अब एक खास चाय के स्वाद से भी जुड़ा है। सिंदरी मुख्य मार्ग पर बनियाहीर में मुकेश नामक एक व्यक्ति पिछले 15 वर्षों से अपनी अनोखी काजू-पिस्ता-बादाम वाली चाय से लोगों का दिल जीत रहे हैं। उनकी यह दुकान अब सिर्फ जैविक ही नहीं, बल्कि झारखंड, बिहार और बंगाल के चाय प्रेमियों के बीच भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। दूर-दूर से इन अनोखी चाय की चुस्की लेने के लिए लोग हैं तैयार.
स्वाद और स्वास्थ्य का संगम
मुकेश की चाय की खासियत यह है कि इसमें पारंपरिक चाय के साथ मेवों का एक खास मिश्रण डाला जाता है। जो इसे एक ‘रॉयल’ स्वाद देता है। सुबह से शाम तक उनकी दुकान पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है। यहां आने वाले ग्राहकों के लिए इस चाय का स्वाद किसी बड़े होटल या रेस्तरां से कम नहीं है। ठंड के मौसम में तो इसकी मांग और भी बढ़ जाती है। काजू-पिस्ता-बादाम चाय के शोरूम, मुकेश की ‘फ्रूट टी’ भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है।
अनोखा अंदाज़ और मेहनत
मुकेश की चाय बनाने की विधि भी उनका स्वाद ही अनोखा है। वह चाय बनाने का समय अपने सिर पर एक के ऊपर एक, लगभग 10 टोपियां और बूथ लोगों का मनोरंजन करती हैं। उनकी यह नटखट शैली की कल्पना को और आकर्षित भी करती है। मुकेश कहते हैं कि इस चाय को बनाने के लिए वह रोजाना लगभग 50 किलो चीनी, 10 किलो चीनी, 2 किलो चायपत्ती और अच्छी मात्रा में काजू, पिस्ता, बादाम और छुआरे का इस्तेमाल करते हैं। यह चाय मिट्टी के कुल्हड़ में 10 रुपये और प्लास्टिक के कप में 5 रुपये में मिलती है। मुकेश की मेहनत और अनोखे विचार ने उन्हें केवल एक पहचान दी है, बल्कि दबे-सिंदरी मार्ग से प्रयास वाले हर व्यक्ति के लिए यह एक प्रतिष्ठित पर्यवेक्षण बन गया है।
मैंने अपने 12 वर्षों के इतिहास में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और डेली भास्कर, डेली दैनिक भास्कर, डेली भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक लॉन्च हुआ। अंतिम तिथि से ले…और पढ़ें
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