नाखुन के हादसे के बाद वैभवशाली चिंता, कोचिंग सेंटरों में फायर स्टडीज पर बड़ा खुलासा
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इस मामले में जिला प्रशासन का भी ध्यान रखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से समय-समय पर कोचिंग घोटाले की जांच की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। हालांकि रिचर्डसन के वकील साटी का कहना है कि कोचिंग सेंटरों को बंद करने का कोई समाधान नहीं है।
कोचिंग सेंटरों की गर्लफ्रेंड वाली तस्वीरें
अन्य: इन दिनों झारखंड का पसंदीदा शिक्षा केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां राज्य के विभिन्न आकर्षणों से लेकर हजारों की संख्या में छात्र-छात्राओं के लिए वैल्युएशन की तैयारी तक पहुंच रहे हैं। शहर में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। लेकिन इन रिकॉर्ड्स में फ़ायर फ़ायर के संतुलित लोग हैं या नहीं, यह अब एक बड़ा सवाल बन गया है।
200 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। यहां प्रतिदिन हजारों छात्र पढ़ने आते हैं। इनमें से कई संस्थान छोटे-छोटे स्टूडियो और बहुमंज़िला संस्थानों में चल रहे हैं। ऐसे में आग की तरह किसी भी तरह की आपत्ति की स्थिति से लेकर बेरोजगारों तक गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत के बाद यूनेस्को में कोचिंग स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा तेज हो गई है। इस घटना से यह सवाल खड़ा हो गया कि अगर किसी कोचिंग सेंटर में आग लग जाए तो वहां मौजूद छात्रों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था की जाए।
दौलतमंदों की बात करें तो शहर के सिर्फ एक-दो कोचिंग में ही फायर रेजिडेंट्स की आकर्षक तस्वीरें सामने आती हैं। अधिकांश कोचिंग सेंटरों में भर्ती उपकरण या आपातकालीन अवकाश जैसी नौकरियाँ नहीं हैं। कई स्थानों पर एक ही कमरे में 100 से अधिक विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। ऐसी स्थिति में यदि कोई दुर्घटना होती है, तो छात्रों के लिए सुरक्षित बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो सकता है।
इस मामले में जिला प्रशासन का भी ध्यान रखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से समय-समय पर कोचिंग घोटाले की जांच की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। हालांकि रिचर्डसन के वकील साटी का कहना है कि कोचिंग सेंटरों को बंद करने का कोई समाधान नहीं है। वहां सुरक्षा के लिए सभी जरूरी सामान सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
ऐसे में किसी का सवाल है कि किस जिला प्रशासन को बड़ी अनहोनी का इंतजार है? अगर पहले से ही सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए, तो पहचान को टाला जा सकता है। घोटाले में कहा गया है कि कोचिंग संस्थान के छात्रों से मोटी फीस वसूल की जाती है। लेकिन सुरक्षा और सामान के नाम पर व्यवस्था व्यवस्था नहीं की गई है। इसके बावजूद बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए उनके पास दूसरा विकल्प भी नहीं है।
कोचिंग में पढ़ने वाले छात्रों का भी यही कहना है कि ज्यादातर छात्रों के नाम पर सुरक्षा की कोई खास व्यवस्था नहीं है। एक-एक कक्षा में 70 से 80 विद्यार्थियों को पीटा जाता है। कई कोचिंग सेंटर, संरासरी गैलरी में स्थित हैं और एक ही इमारत में कई संस्थान संचालित हो रहे हैं। ऐसे में किसी भी प्रतिस्पर्धी स्थिति में मुकाबला कठिन हो सकता है। छात्रों का कहना है कि लखनऊ की घटना के बाद वे डरे हुए हैं। इसके अलावा पढ़ाई जारी रखना उनकी मजबूरी है। उन्होंने प्रशासन जिले से फायर आश्रम को सख्त नियम लागू करने की मांग की है।
वहीं, कोचिंग एसोसिएशन के सचिव डॉ. प्रकाश कुमार ने कहा कि सभी कोचिंग स्टूडेंट्स के साथ कॉन्स्टेंट मीटिंग चल रही है। छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी अभिलेखों में सुरक्षा मानकों को स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। चैलेंजर में कोचिंग का बिजनेस करोड़ों रुपए का है, लेकिन सुविधाओं और सुरक्षा के मामले में अभी भी कई कमियां नजर आती हैं। छात्रों और क्रांति का कहना है कि प्रशासन को समय रहते कड़े कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की घटना से बचा जा सके।
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न्यूज़18इंडिया में रेस्तरां हैं। आजतक रिपोर्टर के मुताबिक, रिश्तों की शुरुआत फिर से सहारा टाइम, जी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़े हुए हैं। टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने के…और पढ़ें
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