पति पर चोरी का शक, पत्नी बनी बनी! रांची में 4 दिन तक कैद, फिर सरेआम दरिंदगी
राँची. झारखंड की राजधानी रांची से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक आतंकी घटना सामने आई है। रांची के सदर थाना क्षेत्र के भाभा नगर रोड नंबर-5 में एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया गया. आरोप है कि महिला को न सिर्फ बंधक रखा गया, बल्कि उसके साथ बंधक बना लिया गया। वहीं महिलाओं के चेहरे पर कालिख पोती गई, जूते-चप्पलों के गले में गले में पोस्टर टांगते हुए सरेआम घुमाया गया।
4 दिन तक बंधक बनाया गया प्रोडक्शन
पति पर चोरी का आरोप, पत्नी को बनाया उत्पाद
बताया जा रहा है कि महिला के पति पर बाइक चोरी का आरोप लगाया गया है. इस आरोप के आधार पर स्थानीय लोगों ने महिलाओं को ही प्लास्टिक बना लिया। पति की जगह पत्नी को सजाना की यह घटना कानून और मानवीय दोनों पर कायम रहती है।
महिलाओं के विरोध के बाद बैचलर सोसायटी
घटना का खुलासा तब हुआ जब इलाके की कुछ महिलाओं ने इसके खिलाफ आवाज उठाई। एक सामाजिक संस्था से जुड़ी महिलाएं फर्स्ट की और स्टार्स को बचाने के लिए सामने आईं। उनके विरोध के बाद ही मामला पुलिस तक पहुंच पाया और सिद्धांत को प्राथमिकता दी जा सकी।
पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस की सक्रियता में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें एक महिला भी शामिल है. पुलिस ने बताया कि अन्य चार लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लोगों को खतरनाक बताया गया
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के दौरान चारों ने आसपास के लोगों को धमकाया था कि किसी ने भी मोबाइल से वीडियो नहीं बनाया. एंटरप्राइज़ और फोन ब्रेकिंग पर विरोध करने की धमकी दी गई थी, जिसके कारण लोग खतरे में थे और फ्रैंक सामने नहीं आ सके।
इलाके में, इलाके में, लोगों में
इस घटना के बाद पूरे इलाके में त्राहिमाम का माहौल है। लोग इस तरह की क्रूरता से स्तब्ध हैं और प्रतिभा के खिलाफ एपिसोड एक्शन की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर सख्त सजा होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की कोई हरकत न हो सके।
क़ानून व्यवस्था पर उठे सवाल
इस तरह की घटना का होना कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाता है। चार दिनों तक महिलाओं के साथ अत्याचार होता रहा और प्रशासन अपनी तानाशाही तक नहीं लगा। हालाँकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद अब मामले की जांच तेज कर दी गई है। रांची की यह घटना समाज के उस काले चेहरे को उजागर करती है, जहां कानून को हाथ में लेकर इंसानियत को शर्मसार किया जाता है। राहत की बात यह है कि महिलाओं की जागरूकता और पुलिस की कार्रवाई से सख्त को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ती है- क्या अब भी समाज में भीड़ का न्याय कानून से ऊपर है?
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