पलामू में खेल प्रतिभाओं के लिए अद्वितीय मंच, वैज्ञानिकों को मुफ्त दर्शकों के लिए तो लड़कियों को मुफ्त प्रशिक्षण के लिए
आखरी अपडेट:
पलामू जिले के खिलाड़ियों के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है। यहां तीरंदाजी के प्रशिक्षण के लिए विशेष सुविधा दी गई है। छात्रों को जहां मुफ्त में मिल रहा है वहां लड़कियों के लिए मुफ्त प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।
पलामू. वैसे तो भारत के चित्र में एक छोटा सा जिला दिखाई देता है, लेकिन यहां प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। पढ़ाई, कला और खेल- हर क्षेत्र में यहां के बच्चे लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। अब जिले के खिलाड़ियों के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है। मेदिनीनगर में आर्चरी (तिरंदाजी) प्रशिक्षण केंद्र संचालित है, जहां के जिलों के युवाओं को नया मंच मिला है। यहां बच्चे न सिर्फ खेल सीख रहे हैं बल्कि अपने सपनों को पंख भी दे रहे हैं।
तीरंदाजी ट्रेनिंग सेंटर के ट्रेनर अमरेश मेहता ने बताया कि ‘डी आर्चरी एकेडमी सेंटर’ की शुरुआत करीब दो साल पहले हुई है। यह केंद्र मेदिनीनगर के पांकी रोड, रेडमा, बुधवा शिव मंदिर के पास संचालित है। खास बात यह है कि नामांकन पूरी तरह से निःशुल्क (नि:शुल्क प्रवेश) रखा गया है, ताकि हर वर्ग के बच्चों को सहपाठियों से आसानी मिल सके। वहीं, महीने की फीस में सिर्फ 700 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे बच्चों की आर्थिक स्थिति उनके सपनों में न बने।
बेटी को बढ़ावा देने की पहल
सेंटर की सबसे खास बात ये है कि यहां बेटियों को प्रमोट करने के लिए खास फोकस किया जा रहा है. बेटी को निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे भी तिरंदाजी के क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकें। ट्रेनर अमरेश मेहता का कहना है कि समाज में खेलों को आगे बढ़ाना बहुत जरूरी है। आर्चरी न केवल एक खेल है, बल्कि यह अनुशासन, अनुशासन और एकाग्रता सिखाने का माध्यम भी है। सबसे पहले पलामू की बेटी को नए अवसर मिल रहे हैं।
शाम को होती है क्लास, आसान समय-सारणी
केन्द्र में प्रशिक्षण हर दिन (रविवार ठीक) नियमित रूप से आयोजित किया जाता है। क्लास का समय शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक तय किया गया है, ताकि स्कूल जाने वाले बच्चे और कॉलेज के छात्र भी आसानी से भाग ले सकें। जो भी इस ट्रेनिंग से जुड़ना चाहते हैं, वे मोबाइल नंबर 9534388988 या 9852831234 पर संपर्क कर सकते हैं। केंद्र का प्रेरणास्रोत है, जहां बच्चों में अनुदेशकों और संस्थानों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।



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