पीएम मोदी की ‘संजीवनी’ योजना में कैसी है करोड़ों गरीबों की जिंदगी?

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पहले साइंटिस्ट डंके की बीमारी का कारण गरीब मरीज अपना पूरा इलाज नहीं करवाते थे। अब प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र से वे आसानी से संपूर्ण दवा खरीद पा रहे हैं, जिससे उनके जीवन में एक बड़ी राहत मिल गई है। ये दवाएं ना सिर्फ बिकवाली हैं, बल्कि पूरी तरह से लागू हैं और इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं हो रहा है।

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प्रधानमंत्री भारतीय जन औषध केंद्र में बौद्ध मठ पर स्थित हैं।

हाँ. झारखंड के स्टॉकहोम जिले में ‘प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना’ के तहत औषधि केंद्र से लोगों को ओपीडी पर अनाज मिल रही है। योजना का लाभ लेकर चल रहे हैं लोग नेमी मोदी का नारा है। ग़रीब-लाचार एसोसिएट को एसोसिएटेड मार्जिनल प्रोडक्शन पर उपलब्ध विकल्प के लिए भारत सरकार द्वारा ‘प्रधान मंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना’ की योजना बनाई जा रही है। यह योजना गरीबों के लिए शोभा बढ़ाने वाली हो रही है। जनऔषधि उत्पादों से लोगों की तुलना में मध्य से कम समोच्च में दवा खरीद रहे हैं। खास बात यह है कि यह ड्रग ड्रिमेट्री भी साबित हो रही है, जिससे लोगों का विश्वास बढ़ रहा है।

जन औषधि केंद्र से दवा खरीदने वाले ज्यादातर लोगों का मानना ​​है कि मोदी की यह योजना गरीबों के लिए बहुत है। इससे सिर्फ पैसे की बचत नहीं होती, बल्कि गुणवत्ता पूर्ण अनाज भी मिल रही है। किसी भी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है. सबसे पहले स्काई छुटी औषधियों के दाम होने से लेकर इलाज तक में मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। सभी के लिए निजी मेडिकल स्टोर से इलेक्ट्रानिक्स दुकानदार नहीं थे। किराने की दुकान में जन औषधि केंद्र से थोक मिलें मिल रही हैं।

जन औषधि केंद्र से उनके बेटे के दवा खरीदने के लिए आए नेक न्यूज एजेंसी से राजेश ने बातचीत करते हुए कहा कि पहले निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने में काफी पैसा खर्च होता था, लेकिन अब जन औषधि केंद्र से दवा 50 प्रतिशत से भी कम दाम में मिल रही है।

उन्होंने कहा कि अच्छी बात यह है कि वेश्यावृत्ति भी साबित हो रही है। गरीब लोगों के लिए मोदी की यह योजना काफी अच्छी है, पहले लोग दवा की तंगी के कारण दवा नहीं खरीदते थे, लेकिन अब आसानी से दवा खरीद लेते हैं।

विश्वजीत ने बताया कि यहां बाजार की तुलना में दुकानों पर दवा मिल रही है। निजी मेडिकल स्टोर्स पर पहले दवाओं के दाम काफी पैसे लगते थे, लेकिन अब कम दाम में महंगाई मिल रही है। पीएम मोदी की ये योजना काफी अच्छी है. गरीब का भला हो रहा है.

जनऔषधि केंद्र के संचालन में जुटी शर्मिला कुमारी ने बताया कि इस योजना से लोगों को काफी लाभ हो रहा है। मुझे लगता है कि यह योजना सफल हो रही है। यहां मिलने वाली हजारों रुपए की छूट यहां 200 रुपए की मिल जाती है। उन्होंने बताया कि रोजाना काफी संख्या में लोग दवा के पैकेट के लिए आते हैं और जैसे-जैसे लोगों को जानकारी मिल रही है, वे पहुंच रहे हैं।

लेखक के बारे में

ऑथरीमजी

राकेश रंजन कुमार

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिंदुस्तान, डेली जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और डेली भास्कर में काम किया है। वर्तमान में वह…और पढ़ें

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