प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना: सूर्य रूफटॉप से शून्य होगा बिजली बिल
आखरी अपडेट:
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य सूर्य छत से 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देना है। जागरूकता की कमी के कारण कोडरमा में अब तक केवल 10 लोग ही घूमे हैं। योजना के तहत 20 दिनों में शेष, नेट मीटरिंग से शून्य बिजली बिल, अतिरिक्त बिजली की बिक्री और 60 प्रतिशत तक सरकारी छूट का प्रावधान है।
कोडरमा. प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी और जन कल्याणकारी योजना है। इसका उद्देश्य देश के 1 करोड़ घरों को छत पर प्रत्येक माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना है। यह योजना वर्ष 2024 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई थी। ताकि आम जनता को बढ़ती बिजली बिल से राहत मिले और देश को स्वच्छ एवं रचनात्मक ऊर्जा की दिशा में आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
हालाँकि, योजना के शुरू होने के दो साल बाद भी झारखंड के कोडरमा जिले में जागरूकता की भारी कमी देखने को मिल रही है। जानकारी की कमी के कारण अब तक जिले में लगभग 10 लोगों को ही इस योजना का लाभ मिल पाया है, जबकि इसके अंतर्गत हजारों परिवार शामिल हो सकते हैं। सनशाइन इंटरनैशनल इंटरप्राइजेज के संस्थापक नरेंद्र सिंह चंदेल ने बताया कि उनकी कंपनी कोडरमा जिले में रूफटॉप पर तीन स्थानों पर प्रधानमंत्री सूर्य गृह योजना के तहत सोलर पैनल का काम किया गया है। इनमें से बस्तियां और गुमो के दो घरों में सामान का काम पूरी तरह से पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस योजना को निजीकरण में शामिल करने के लिए बैंक भी पूरी तरह से लाभुकों की सहायता कर रही है और ऋण के लिए आवेदनों को आम आदमी के रूप में नहीं रखा जा रहा है।
घरेलु बिजली अपोलो में अपोलो से फर्नीचर इकाई सस्ते में मिलती है
नरेंद्र सिंह चंदेल ने बताया कि योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmsuryagarh.gov.in पर आवेदन करने के बाद तुरंत ही आवेदन करना शुरू कर दिया जाता है। बैंक से लोन की इंटरचेंज मीटिंग के बाद 20 दिनों के अंदर लाभुक के घर पर सोलर रूफटॉप सिस्टम जारी किया जाता है। उन्होंने बताया कि बिजली उपभोक्ताओं के घर में पहले से ही बिजली विभाग के द्वार नेट मीटरिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिजली मीटर लगाना शुरू कर दिया जाता है।
इसके माध्यम से सौर ऊर्जा से उत्पादन बिजली की इकाई को सीधे उपभोक्ताओं की सुविधाओं में शामिल किया जाता है। जिससे बिजली का बिल शून्य तक पहुंच जाता है। इसके अलावा, यदि अपोलो उत्पादों से अतिरिक्त बिजली की बचत होती है, तो उसे झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड द्वारा खरीदा जाता है। इस अतिरिक्त बिजली का भुगतान सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में किया जाता है, जिससे लोगों को अतिरिक्त आय का भी लाभ मिलता है।
60 प्रतिशत तक अनुदान
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य गृह योजना के अंतर्गत सरकार सौर्य प्रणाली की लागत 60 प्रतिशत तक भारी मात्रा में प्रदान कर रही है। योजना के तहत 1 किवोट या उससे अधिक क्षमता वाले सोलर सिस्टम की कीमत 70 हजार पर ₹30,000, और 2 किवोट या उससे अधिक क्षमता वाले सिस्टम की कीमत एक लाख 40 हजार पर ₹60,000 और 3 किवोट या उससे अधिक क्षमता वाले सोलर सिस्टम की कीमत दो लाख 10 हजार पर अधिकतम ₹78,000 तक की छूट दी गई है। इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभुक के पास स्वयं का घर, छत पर असोसिएशन असेसमेंट की पर्याप्त जगह और वैध बिजली कनेक्शन होना आवश्यक है। यह योजना केवल बिजली बिल को शून्य करने में सहायक नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी प्रदान करती है।
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव। 2023 से नेटवर्क 18 के साथ जुड़े हुए मुझे ढाई साल हो गए हैं। वर्तमान में नेटवर्क 18 में वरिष्ठ कंटेंट एडिटर के रूप में काम कर रहा हूं। यहां, मैं कवर हूं…और पढ़ें



Post Comment