फर्जी आईएएस: थाने में फंसा आईएएस! जमीनी विवाद की पैरवी आ गई, थानेदारों के विवाद में उलझी तो खुली पोल
पलामूः खुद को 2014 बाल का ओडिशा कैडर का आईएएस अधिकारी विशेष पुलिस पर प्रभाव प्रमुख क्षेत्र एक युवा की सच्चाई उस वक्त सामने आई, जब थाना प्रभारी के कुछ विचार ने अपनी कहानी पूरी ही उलट-पलट कर रख दी। पलामू पुलिस ने फर्जी अधिकारी बनकर घूम रहे युवाओं को गिरफ़्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 02 जनवरी 2026 को शाम 4 बजे बंद करें एक व्यक्ति हुसैनाबाद थाना। अपना नाम राजेश कुमार, निवासी कुसहही, थाना हैदरनगर ने बताया और खुद को 2014 में ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया था, जो कि भुवन के खारवेला नगर में सीएओ पद पर पद पर नियुक्त होने का दावा किया गया था। वह अपने एक एंटोनियो के जमीनी विवाद में पैरवी करने आया था।
जब कार्यालय प्रभारी से उसकी पोस्टिंग के बारे में पूछा गया तो उसने कहा, राज और प्रेमी में काम करने की बात कही. जब तीन अलग-अलग राज्यों में एक साथ पोस्टिंग पर सवाल उठाया तो युवा ने खुद को आईएएस नहीं बल्कि आईपीटीएएफएस अधिकारी ने बताया और दावा किया कि यह सेवा भी यूपीएससी से संबंधित है और आईएएस के समकक्ष है। युवाओं के जाने के बाद उनकी बातें और व्यवहार पर संदेह होने पर थाना प्रभारी ने पूरे मामले की जानकारी दी, इस्लामिक पुलिस काउंसिल, हुसैनाबाद को दी। जिसके बाद यूनिवर्सल पुलिस फ्रेमवर्क की जांच की गई तो सारी बातें सामने आईं।
गांव और अभिलेखों की जांच में खुला राज
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में बताया कि गांव के लोगों से पूछताछ और तकनीकी जांच में यह सामने आया कि राजेश कुमार आईएएस हैं और कोई आईपीटीएएफएस अधिकारी नहीं हैं। इसके बाद उसे फोन कॉल की पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान वह न तो कोई पहचान पत्र, न पहचान पत्र और न ही कोई दस्तावेज प्रस्तुत कर सका।
इंफ्रास्ट्रक्चर से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि कोई अधिकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके पिता का सपना था कि वह आईएएस बनें। उसने चार बार यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन आया रहा. इसके बाद उनके पिता, फैमिली और रिश्तेदार से झूठ बोला गया कि वह IPTAFS अधिकारी बन गए और पिछले 6-7 वर्षों से फर्ज़ी अधिकारी बनकर घूम रहे थे।
फ़र्ज़ी दस्तावेज़ और सरकारी बोर्ड बरामद
इस दौरान उसके पास से आईपीटीएएफएस अधिकारी का फर्जी पहचान पत्र, एक मोबाइल फोन, लाइब्रेरी कार्ड, चाणक्य आईएएस अकादमी का मान्यता कार्ड बरामद हुआ। इसके अलावा उनकी हुंडई एरा कार (JH01Z-4884) के आगे ‘GOVT. भारत सरकार, सीएओ, दूरसंचार विभाग’ ने ब्लू कलर का फर्जी नाम बोर्ड भी लिखा।
पुलिस ने इस मामले में हुसैनाबाद थाना कांड संख्या 01/26, दिनांक 02.01.26 को धारा 204/205/336(2)/336(3)/337/339/340(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर चर्चित राजेश कुमार (35 वर्ष), पिता स्व. राम किशोर राम, निवासी कुशाही, थाना हैदरनगर, जिला पलामू को गिरफ़्तार कर राजभवन में भेज दिया गया है।














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