बच्चों ने सीखा प्राकृतिक सौंदर्य का आकर्षण, यहां मिल रहा मुफ्त प्रशिक्षण,आत्मनिर्भर बनने का मौका
आखरी अपडेट:
पलामू समाचार:पलामू में ग्रामीण इलाकों की महिलाओं और आबादी को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार द्वारा जा रही रोजगार से रोजगार योजना की एक महत्वपूर्ण पहल उभर रही है। इस योजना के तहत महिलाओं को विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि वे अपनी खुद की बिक्री स्वयं चला सकें
सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। वहीं महिलाओं को जोड़ने से लेकर पलामू टाइगर रिजर्व तक एक अभियान के तहत भी जोड़ा जा रहा है। जिसमें रोजगार योजना के तहत महिलाओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों की महिलाओं और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार द्वारा जा रही रोजगार से रोजगार योजना एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रही है। इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि वे अपनी खुद की वेश्यावृत्ति से स्वयं की आजीविका चला सकें और आर्थिक रूप से युवा बन सकें। इसी क्रम में बेला स्थित डोरमेट्री हाउस में इन दिनों ब्यूटीशियन कोर्स का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।
बच्चियाँ सिखा रही सुंदरता के खतरे
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के सिवनी से आई टीचर्स तुलसी फैक्ट्री द्वारा स्टार्टअप्स को विभिन्न कौशल सिखाये जा रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को माइकन वर्कशॉप, सीरिया, क्रोप बनाना, हेयर कटिंग, स्टाइलिंग, आइब्रो बनाना, वैक्सिंग, मेनिक्योर, पेडीक्योर और ब्राइडल मेकअप जैसी कई महत्वपूर्ण गतिविधियों का व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण पूरी तरह से रोजगार दिखता है, जिससे प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाओं का व्यवसाय शुरू होता है। यह कोर्स कुल 45 दिनों का है, जिसे लीडर अमेरीका सोसाइटी, सिवनी द्वारा संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान व्यावसायिक आवास, प्रोफेशनल-पीन और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। उन्हें चाय, नाश्ता और दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे बिना किसी चिंता के अपने प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना का लक्ष्य
ट्रेनिंग ले रही हैं कुटमु की रहने वाली रीना कुमारी ने बताया कि उन्होंने पहले एक महीने का ब्यूटीशियन कोर्स किया था और अब वे आगे की ट्रेनिंग दे रही हैं। जहां सीमा ने उन्हें बताया कि उन्हें अपने दोस्तों के माध्यम से इस प्रशिक्षण की जानकारी मिली, इसके बाद उन्होंने यहां प्रशिक्षण लेना शुरू किया। उन्होंने कहा कि यहां का माहौल काफी अच्छा है और प्रशिक्षण भी उच्च स्तर का दिया जा रहा है। खाने की भी सुविधा देखने को मिली।नेहा कुमारी ने भी अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि यहां उन्हें बहुत अच्छे तरीकों से प्रशिक्षित किया जा रहा है और वे प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अपने खुद का साउंड फ्लो म्यूजिक की योजना बना रही हैं। इस तरह के ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित कर रही हैं।



Post Comment