बेला नेशनल पार्क में जा रहे हैं खास जंगल कैंप, एडवेंचर पसंद है तो करें जॉइन

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बेतला जंगल कैंप: पलामू टाइगर रिजर्व ने बेलाला नेशनल पार्क में 16 साल से ऊपर के युवाओं के लिए दो जंगली जंगल कैंप शुरू किए हैं, जिनका नाम ‘अन्वेषण’ है। युवा वन संरक्षण, जेनेबिया जीवन जैसी बहुत सी नीजी की जानकारी इसमें शामिल है। पहला बैच 22 और 23 जून को आयोजित किया जाएगा।

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पलामू. पलामू टाइगर रिजर्व (पी ट्रेवल) ने प्रकृति, संरक्षण और आदिवासी संस्कृति को करीब से देखने के उद्देश्य से एक खास जंगल कैंप ‘अन्वेषण’ की शुरुआत की है। 29 मई से शुरू होने वाली इस पहली का पहला बैच 22 से 23 जून तक बेला नेशनल पार्क में आयोजित किया जाएगा। इसमें 16 वर्ष से अधिक आयु के युवा और बच्चे का भाग ले फायनेंसी। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को एक साझा मंच पर एक-दूसरे की नैतिकता, संस्कृति और परिवेश को समझने का मौका दिया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्र के मोर्टार के लिए यह कैंप एमवीपी बनाया गया है, जबकि शहरी क्षेत्र के हथियार के लिए शुल्क लिया गया है। साथ ही, शहरी बच्चों का ग्रामीण स्टूडियो भी शुरू हुआ। ‘अन्वेषण’ शिविर केवल जंगल भ्रमण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि फोटोग्राफर को प्रभावशाली प्रबंधन और संरक्षण की व्यवहारिक जानकारी भी दी जाएगी।

जंगल के बीच सीखने का अनोखा अनुभव
दो दिव्य शिविर में 25 से 30 बच्चों का एक बच्चा शामिल होगा। उन्हें जंगल सचित्र, सारचित्र मॉनिटरिंग, पशु-पक्षियों के पदश्रृंगों की पहचान, कैमरा ट्रैप निर्माण की तकनीक, वन क्षेत्र में संचार व्यवस्था, साज-सज्जा के खान-पान के सिद्धांत और उनके व्यवहार के बारे में विशेषज्ञ की जानकारी दी गई। टाइगर सेल और अन्य विशेषज्ञ टीम की बैठक में पुर्तगाल जंगल संरक्षण के अलग-अलग निर्धारण को करीब से समझें।

जेजेपी संस्कृति और ग्रामीण उद्योग सेहोगा रुबा
कैंप का एक बड़ा उद्देश्य युवाओं को युवा समाज और ग्रामीण क्षेत्र की वास्तविक तस्वीरों से भी परिचित कराना है। मित्रवत का मित्रता, जहां वे स्थानीय लोगों से बातचीत करेंगे और उनके रहन-सहन, भोजन, सागर और संस्कृति को समझेंगे। साल के शिल्प से पत्तल बनाना, बांस से घर तैयार करना, हस्तशिल्प निर्माण, प्राकृतिक उत्पाद तैयार करना, शहद उत्पादन, कंपोस्ट निर्माण, साबुन बनाना और जापानी आधारित पोर्टफोलियो को बनाने की प्रक्रिया भी सामने आएगी। इससे युवाओं को ग्रामीण जीवन और आत्मनिर्भरता का अलग-अलग मॉडल देखने का मौका मिलेगा।

वन संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास
पीट्रेल के उपनिदेशक प्रजेशकांत जेना के अनुसार, युवाओं और बच्चों के लिए प्रकृति एवं संरक्षण संरक्षण के लिए यह योजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि टाइगर एस्टीमेशन के दौरान स्वयंसेवकों की भागीदारी से मिले सकारात्मक अनुभव के आधार पर इस शिविर की योजना बनाई गई है। कैम्प के माध्यम से केवल जंगल और जंगलों के बारे में ही बताया जाएगा, बल्कि यह भी समझा जाएगा कि ग्रामीण और आदिवासी समुदाय किस तरह के वन संरक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं।

जंगल से रेलवे बढ़ाने की नई पहल
पलामू टाइगर रिजर्व में पहली बार आयोजित ‘अन्वेषण’ कैंप में युवाओं के लिए रोमांच, सीख और अनुभव का अनूठा संगम साबित हो सकता है। जंगल की गोद में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रकृति और समाज के बीच मजबूत संबंध बनाने के साथ-साथ नई पीढ़ी में पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। बेला के जंगल में होने वाला यह अद्वितीय अनुभव मित्र को जीवन भर याद रहने वाली सीख और प्रेरणा देने का काम करना चाहता है।

लेखक के बारे में

रैना शुक्ला

रिचमंड यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट। पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और एबीपी न्यूज से हुआ न्यूज18 हिंदी तक पहुंचा। पर्यटक और देश की…और पढ़ें

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