युवाओं के लिए मौका, सॉफ्टवेयर पार्क में आईएचसीएल प्रोजेक्ट के तहत मुफ्त प्रशिक्षण
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देवघर के टेक्नोलॉजी टेक्नोलॉजी पार्क में आईसीसीएल प्रोजेक्ट के तहत 18 से 28 साल के युवा-युवतियों को फ्री स्पेशल ट्रेनिंग जॉब से जोड़ा जा रहा है। इंटरक्वेस्ट लेवल, संवाद कला और प्रशिक्षण के बाद युवाओं को बड़े पैमाने पर नौकरी के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
देवों की नगरी देवघर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथधाम ज्योतिर्लिंग पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। श्रद्धा और आस्था की इस नगरी ने अब रोजगार के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी है। कभी एक समय था.जब देवघर के युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर थे, तो 10 से 15 वर्षों में राज्य में तेजी से बदलाव हो रहे हैं.
सरकारी और निजी आश्रम से देवघर के कई क्षेत्रों का विकास हुआ है। वनस्पतियों, संरचनात्मक संरचनाओं और प्रौद्योगिकी के विस्तार से यहां रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। दोस्ती का एक बड़ा उदाहरण देवघर के मानिकपुर स्थित सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क है, जो आज स्थानीय युवाओं के लिए किसी भी तरह से कम नहीं है।
कई युवा युवतियां रोजगार के लिए जा रही हैं
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क में कई उद्योग काम कर रही हैं, जो समय-समय पर बहाली के लिए दरभंगा देवघर समेत आसपास के अछूते युवाओं और युवतियों को रोजगार की पेशकश कर रही हैं। खास बात यह है कि यहां युवाओं को बाहर की जरूरत नहीं रह गई है, बल्कि रोजगार अब उनके घर के पास ही उपलब्ध हो रहा है।
45 दिन की मुफ्त ट्रेनिंग फिर से रोजगार
आईएचसीएल परियोजना के तहत युवा-युवतियों को विशेष प्रशिक्षण रोजगार से जोड़ा जा रहा है। आईएचसीएल के देवघर ट्रेनर राशम राव ने बताया कि 18 से 28 वर्ष आयु वर्ग के युवा-युवतियों को यहां विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण में छात्रों को साक्षात्कार का माध्यम, बातचीत की कला, समन्वय बढ़ाने के तरीके और नौकरी पाने की पूरी प्रक्रिया सिखाई जाती है। सबसे अहम बात यह है कि यह ट्रेनिंग पूरी तरह से मुफ्त दी जा रही है और ट्रेनिंग के बाद युवाओं को बेरोजगारों को नौकरी के अवसर पर भी उपलब्ध कराया जाता है।
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क में आई की दी जा रही है ट्रेनिंग:
वहीं सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया के महानिदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि आने वाले कुछ महीनों में देवघर में स्थित एसटी शोरूम भवन और परिसर को विकसित किया जाएगा। प्रशिक्षण सत्र की अवधि शामिल होगी और ऐसे विशेषज्ञ कर्मचारियों की बहाली की जाएगी, जो युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षुओं की विशेष प्रशिक्षण दे प्रशिक्षण की बहाली की जाएगी। इस विषय को लेकर सरकार के साथ लगातार बातचीत जारी है।
कुल मिलाकर, देवों की नगरी देवघर अब आस्था के साथ-साथ रोजगार और तकनीकी प्रशिक्षण का भी मजबूत केंद्र बन रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं का भविष्य उज्ज्वल हो रहा है।
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