समन्दर का स्वर्ग और भारत का पुराना रिश्ता… इस बार व्यापार नहीं, घूम आओ ज़ांज़ीबार
विदेश यात्रा की बात में ज्यादातर भारतीयों के मन में सबसे पहले व्यापारी, बाली या मोरीशस का नाम आता है। लेकिन अगर आप ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां सुंदर समुद्रतट का शानदार दृश्य, सफेद रेत वाले समुद्र तट, ऐतिहासिक विरासत और भारतीय संस्कृति की झलक एक साथ देखने को मिलती है, तो पूर्वी अफ्रीका के देश तंजानिया (तंजानिया) के तट पर हिंद महासागर में स्थित द्वीप समूह ज़ांज़ीबार आपकी अगली अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है। अपनी प्राकृतिक प्रकृति, मूर्तिकला की कलाकृतियां और भारत से जुड़े पुराने ऐतिहासिक रिश्तों की वजह से यह दुनिया भर के दृश्यों को आकर्षित करती है।
आजकल ज़ांज़ीबार भारत की भी चर्चा में है, क्योंकि यहां के राष्ट्रपति डॉ. हुसैन अली म्विनी (हुसैन अली म्विनी) 17 से 20 जुलाई के बीच आधिकारिक भारत यात्रा पर हैं। इस वजह से एक बार फिर इस खूबसूरत द्वीप समूह की ओर लोगों का ध्यान गया है। हालाँकि ज़ांज़ीबार की पहचान केवल स्टैम्प तक सीमित नहीं है। हिंद महासागर में बसा यह अपने सफेद रेत वाले समुद्र तट, चॉकलेट समंदर, ऐतिहासिक धरोहरें और भारत के पुराने स्मारकों की वजह से लंबे समय से दुनिया भर के ज्वालामुखी द्वीपों की पसंद बना हुआ है।
भारत से ज़ांज़ीबार का रिश्ता क्या है?
ज़ांज़ीबार का भारत से संबंध काफी पुराना है। कई साल पहले भारतीय व्यापारी यहां कपड़े, कपड़े और अन्य सामानों का कारोबार करने आए थे। धीरे-धीरे कुछ भारतीय परिवार बस गए। आज भी यहां भारतीय मूल के लोग रहते हैं। इसलिए ज़ांज़ीबार घूमने वाले आने वाले भारतीय भूमंडल को कई जगह भारतीय संस्कृति की झलक और भारतीय व्यंजनों के विकल्प भी आसानी से मिल जाते हैं।
सफेद रेत और चॉकलेट समंदर जीतते हैं दिल
ज़ांज़ीबार की सबसे बड़ी पहचान यहां के शानदार समुद्र तट हैं। नुंगवी बीच, केंडवा बीच और पाजे बीच जैसे समुद्री तट अपने सफेद रेत और क्रिस्टल क्लियर पानी के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। यहां आप स्नोर्कलिंग, स्कूबा डाइविंग, कैट सर्फिंग और सनसेट क्रूज़ जैसे रोमांचक रोमांच का आनंद ले सकते हैं।
स्टोन टाउन में ऐतिहासिक छाप है
यदि आप इतिहास और संस्कृति से परिचित हैं, तो स्टोन टाउन अवश्य घूमें। विश्व धरोहर संग्रहालय की सूची में यह भव्य संरासरी गैलरी, पुराने अरब शैली के घर, लकड़ी के बने दरवाजे और ऐतिहासिक इमारतें शामिल हैं। यहां ऐसा अनुभव होता है जैसे आप कई सौ साल पीछे चले गए हों।
स्पाइस द्वीप का नाम ज़ांज़ीबार से भी प्रसिद्ध है
ज़ांज़ीबार को मसाले का द्वीप (स्पाइस आइलैंड) भी कहा जाता है। यहां लौंग, पाइन, जायफल, काली मिर्च और वनीला जैसी मसाले की खेती बड़े पैमाने पर होती है। कई सिनॉप्स फॉर्म इंटरनेट के लिए खुले रहते हैं, जहां आप ड्रिप की खेती देखने के साथ-साथ उनके बारे में रोचक जानकारी भी हासिल कर सकते हैं। यह ज़ांज़ीबार की यात्रा का अनुभव और भी आनंद देता है।
भारतीय ऑब्जेक्टिव के लिए अच्छा विकल्प क्यों है?
भारतीयों के लिए ज़ांज़ीबार आकर्षण बहुत ही आकर्षक है क्योंकि यहां पर्यटन से जुड़ी अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं। कई होटल और रेस्तरां में भारतीय स्वाद का खाना भी मिलता है। यहां का सीजन साल के ज्यादातर समय बीच वेकेशन के लिए अनुकूल रहता है। साथ ही, तंजानिया का ई-वीज़ा भारतीय यात्रियों के लिए यात्रा की तैयारी को आसान बनाता है। यदि आपकी 5 दिन की आरामदायक यात्रा की योजना विफल हो जाती है, तो प्रति व्यक्ति लगभग ₹80 हजार से ₹1.4 लाख के बजट में अच्छी यात्रा योजना जा सकती है।
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