सिर्फ राम मंदिर ही नहीं, अयोध्या के ये 5 स्थान भी हैं तूफान की पहली पसंद

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असलियत अयोध्या आज सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि पर्यटन और प्राकृतिक प्राकृतिक चीजों के लिए भी यूनेस्को में खास पहचान बनाई जा रही है। यहां गुप्तार घाट, राम की पैड़ी, कंपनी गार्डन, मणि पर्वत, तपोवन और लता मंगेशकर चौक जैसे कई आकर्षक स्थल मौजूद हैं, जहां हर दिन हजारों आतंकवादी और स्मारक मौजूद हैं। सरयू तट की मनमोहक छटा, हरियाली और शांत वातावरण लोगों को आध्यात्म परमात्म के साथ स्मृति अनुभव भी देती है।

गुप्तार घाट के निकट स्थित कंपनी गार्डन के रंग-बिरंगे फूल, हरियाली और आकर्षण लाइटिंग के लिए खास पहचान है। वहीं लता मंगेशकर चौक अपनी विशाल वीणा और भव्य सजावट के कारण इंद्रधनुष को खूब लुभाती है। मणि पर्वत धार्मिक आस्था और पौराणिक रहस्यों का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां प्रतिदिन हजारों असाध्य दर्शनों की दुकानें होती हैं। वहीं राम की पैड़ी, जिसे दीपोत्सव के रूप में भी जाना जाता है, अपनी रामायणकालीन झलकियां और सरयू तट की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता से लोगों को मंत्रमुग्ध कर देती है। इसके अलावा तपोवन और गुप्तार घाट की शांति, हरियाली और सरयू की लहरों के बीच सार्वभौम पल में ठहरने के लिए बेहद खस्ता माने जाते हैं। अयोध्या में आने वाले पर्यटकों और पर्यटकों के लिए ये सभी स्थल आकर्षण के प्रमुख केंद्र बन गए हैं।

अयोध्या

अयोध्या के गुप्तार घाट के नजदीक स्थित कंपनी गार्डन की खूबसूरती और शांति के माहौल की खास पहचान है। यहां तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूल देखने को मिलते हैं, जो आंखों को दिव्यता के साथ मन को भी आनंदित कर देते हैं। चारों ओर आकर्षक उपचार और हरियाली वाले लोगों को प्रकृति के बेहद करीब होने का एहसास होता है। शाम के समय यहां की अद्भुत लाइटिंग पूरे गार्डन की प्राकृतिकता को और भी बेहतर बनाती है, जो राम दर्शकों और संगीत को सूक्ष्म रूप से आकर्षित करती है। परिवार के साथ आने वाले लोग यहां दो से तीन घंटे तक परमपिता परमेश्वर से मिले हुए हैं। गार्डन में मौजूद बरगद के पेड़ों की अनमोल छांव के लोगों को गर्मी से भी राहत का एहसास होता है। अगर आप भी अयोध्या दर्शन का प्लान बनवा रहे हैं तो कंपनी गार्डन आपके लिए एक शानदार ऑफर साबित हो सकता है।

अयोध्या

दीपोत्सव, जिसे राम की पैड़ी के नाम से भी जाना जाता है, अयोध्या के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। यहां अब रामायण काल ​​के दृश्यों वाली आकर्षक हुंकारियां और विद्याएं स्थापित की जा रही हैं, जो भगवान राम की गाथा को जीवंत रूप में पेश करती हैं। सुबह और शाम के समय यहां लाखों की संख्या में स्टैटोले हैं। लोग मां सरयू के पवित्र जल का आचमन कर पुण्य लेते हैं और घाट के सुंदर वातावरण का आनंद लेते हैं। सरयू तट की मनमोहक छटा और दीपोत्सव स्थल की भव्यता मंत्रमुग्ध कर देती है। यही वजह है कि यहां आने वाले लोग इस खास पल को यादगार बनाने के लिए मोबाइल फोन में तस्वीरें और सेल्फी भी कैद करते नजर आते हैं।

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अयोध्या

मणि पर्वत अयोध्या के प्रमुख धार्मिक और पौराणिक स्थलों में से एक माना जाता है। इस पर्वत में सुरक्षा के प्राचीन तीर्थ स्थान शामिल हैं और इसके पीछे कई रहस्यमयी और धार्मिक ग्रंथ जुड़े हुए हैं। सिद्धांत यह है कि जब राजा जन अयोध्या द्वीप पर थे, तब वे उपहार स्वरूप अपने साथ बड़ी मात्रा में मनियां लेकर आये थे। कहा जाता है कि राजा दशरथ ने इसी स्थान पर सामूहिक संरचना बनाई थी, जिसे समय के साथ पर्वत के रूप में बदल दिया गया। यही कारण है कि इस स्थान को “मणि पर्वत” के नाम से जाना जाता है। आज यह आस्था का बड़ा केंद्र बनाया गया है। यहां प्रतिदिन हजारों लोग परिवार के साथ स्थिर होते हैं और शांत वातावरण में धार्मिक भावनाओं के साथ सार्वभौम विश्वास पलते हैं।

अयोध्या

अयोध्या की पवित्र धरती पर बना लता मंगेशकर चौक आज श्रद्धा, संगीत और संस्कृति का अद्भुत प्रतीक बन गया है। सरयू तट के निकट नया घाट क्षेत्र में स्थित यह भव्य चौक भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर की स्मृति को समर्पित है। इस चौक की सबसे खास पहचान यहां स्थापित विशाल वीणा है, जिसकी लंबाई करीब 40 फीट और वजन करीब 14 टन लंबा है। यह भव्य संरचना दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है और अयोध्या वाले पर्यटकों के लिए विशेष केंद्र का निर्माण करती है। शाम के समय रंग-बिरंगी रोशनी में यह जगह और भी मनमोहक दिखाई देती है। राम मंदिर दर्शन के लिए आने वाले और यहां रुककर फोटो और वीडियो बनाना नहीं भूलेंगे। यही कारण है कि लता मंगेशकर चौक अब अयोध्या के सबसे पवित्र स्थलों और लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल हो गया है।

अयोध्या

सरयू घाट के निकट स्थित तपोवन अपनी हरियाली, शांत वातावरण और फूलों के लिए बेहद प्रसिद्ध माना जाता है। यह स्थान प्रकृति प्रेमियों और राम भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां चारो ओर की चट्टानें और सरयू नदी की लहरें लोग कोमुगढ़ के तट पर स्थित हैं। शाम के समय बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ यहां पर सर्वमान्य अनमोल पलों की रैकी होती है। प्राकृतिक प्राकृतिक और शांत महासागर के कारण यह अयोध्या में आने वाले स्टूडियो और तूफान के बीच काफी लोकप्रिय हो गया है।

अयोध्या

गुप्तार घाट के घाट स्थित सभी प्रमुख स्थानों पर अब पर्यटन के दर्शन को सुंदर तरीके से विकसित किया गया है। हरे-भरे पेड़-पौधे, शांत वातावरण और सरयू तट की प्राकृतिक प्रकृति इस क्षेत्र को खास पहचान दिलाती है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में अवशेष और पर्यटक परिवार के साथ यहां पर सार्वभौम अस्तित्व में रहते हैं। लोग यहां एक से दो घंटे तक का प्रदर्शन करते हैं और धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक वातावरण का भी आनंद लेते हैं। गर्मी की सूची में अगर आप अयोध्या यात्रा का प्लान बनवा रहे हैं, तो गुप्तार घाट और इसके आसपास की इस खूबसूरत जगह पर आप अपनी यात्रा को यादगार बना सकते हैं।

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