सोनपुर मेले में अंकित-थारने की 5 सुविधाएं मिलेंगी स्विस टीमें, जाने स्टार का रास्ता
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सोनपुर में स्विस कॉटेज बुकिंग: फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाओं से लैस स्विस कॉटेज इस बार सोनपुर में फ्लोरिडा के लिए खास आकर्षण बने हुए हैं। इनमें टुकड़ों की बेहतरीन साज-सज्जा, स्केटबोर्ड बेड, आधुनिक कलाकार और शांत वातावरण के स्टूडियो को प्रतिष्ठित स्थिरता का अनुभव दिया जाता है।
विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला एक बार फिर देश-विदेश के संगीत और पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना है। एशिया के सबसे बड़े पशु मेले के रूप में इस मेले में आने वाले पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा पर ध्यान देते हुए पर्यटन विभाग ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया है। विदेशी ऑब्जेक्टिव को भी यहां की खूबियां मिल रही हैं।

बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा टूरिस्ट ग्राम का निर्माण किया गया है, जहां मॉल में स्थित लक्जरी मिनी कोर्टरी और राजवाड़ी थिएटर थिएटर को अपनी ओर आकर्षित किया जा रहा है। इसमें जापान सहित विभिन्न देशों के अलग-अलग वर्गीकरण से आये यूक्रेन ने क्वार्टरकर मेला क्षेत्र का आनंद लिया है।

इसके साथ ही वर्चुअल से सोनपुर मेला यात्रा के लिए टूर प्रोग्राम की व्यवस्था भी की गई है। पटना में मेला स्थल से लेकर रियल एस्टेट तक में उनके घूमने-फिरने और भोजन तक की सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
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देशी-विदेशी फिल्मों के मेले स्थल के लिए ही पर्यटन ग्राम में सोलो प्लाजा स्विस कॉलोनी का निर्माण किया गया है। इन भोजनालयों का निर्माण दो श्रेणियों में किया गया है। इन विलायती रेस्तरांओं को मिनियारी और राजवाड़ी का नाम दिया गया है। सोनपुर में राजसी शैली वाले कई रेस्तरां लगाए गए हैं। मिनी दरबारी और राजवाड़ी रेस्तरां में पांच सितारा होटल की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

इनमें मलेशिया के रेस्तरां के व्यापारी देशी और विदेशी फिल्मों के लिए अलग-अलग चीजें रखते हैं। देशी ऑर्केस्ट्रा के लिए 3,000 प्रति रात और विदेशी स्टूडियो के लिए 5,000 प्रति रात की बुकिंग होती है। वातानुकूलित मलेशिया पर्यटकों में अटेचर्ड किटर, 24 घंटे बिजली-पानी, आदि भोजन के साथ सुरक्षा की पूरी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।

मेले का आनंद लेने के लिए देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए बिहार पर्यटन विकास निगम की वेबसाइट या टोल-फ्री नंबर 8544418314 पर अपनी सदस्यता ले सकते हैं।

बता दें कि प्राचीन काल से सोनपुर में गंगा और गंडक नदियों के पवित्र संगम स्थल पर स्थित हरिहर क्षेत्र का यह मेला हर साल कार्तिक पूर्णिमा से शुरू होता है। कार्तिक पूर्णिमा से एक महीने तक गंगा और गंडक के पवित्र संगम में लाखों स्नान कर एशिया के सबसे बड़े पशु मेले का दृश्य देखने की कतारें हैं।



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