रांची में 50 साल पुरानी जर्जर पाइपलाइन बदली जाएगी, लीकेज से मिलेगी राहत
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम पहल होने जा रही है। शहर को पानी देने वाले रूक्का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (Rukka Water Treatment Plant) की पुरानी और जर्जर पाइपलाइन अब बदली जाएगी । यह 50 year old pipeline replaced Ranchi का प्रोजेक्ट शहर के लाखों निवासियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा।
करीब 50 साल पहले बिछाई गई पाइपलाइन अब कई जगहों पर कमजोर हो चुकी है । इससे बार-बार लीकेज की समस्या हो रही है, जिससे शहर की लगभग 80 प्रतिशत आबादी प्रभावित होती है । आइए जानते हैं इस 50 year old pipeline replaced Ranchi से जुड़ी हर अहम बात।
50 year old pipeline replaced Ranchi: क्यों जरूरी है पाइपलाइन बदलना?
50 year old pipeline replaced Ranchi की इस परियोजना के पीछे कई गंभीर कारण हैं।
हर तीसरे दिन लीकेज की समस्या
वर्तमान में स्थिति यह है कि जैसे ही प्लांट से पानी का दबाव बढ़ता है, पुरानी पाइपलाइन उसे सहन नहीं कर पाती और कई जगहों पर फट जाती है । इस कारण राजधानी के अलग-अलग इलाकों में हर तीसरे दिन लीकेज की समस्या सामने आती है । मरम्मत के चलते कई मुहल्लों में एक से दो दिनों तक पानी सप्लाई ठप रहती है, जिससे हजारों परिवारों को परेशानी झेलनी पड़ती है ।

50 साल पुरानी तकनीक
1970 के दशक में बिछाई गई यह पाइपलाइन अब अपनी उम्र पूरी कर चुकी है। उस समय की तकनीक और सामग्री आज के जल दबाव और मांग को पूरा करने में सक्षम नहीं है। इसलिए इसे बदलना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
50 year old pipeline replaced Ranchi: किन इलाकों पर होगा विशेष फोकस?
50 year old pipeline replaced Ranchi के तहत उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां सबसे अधिक लीकेज की समस्या है।
मुख्य पाइपलाइन जो बदली जाएंगी
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, बूटी प्रमंडल ने अपने प्रस्ताव में निम्नलिखित पाइपलाइनों को चिन्हित किया है :
- रूक्का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से रूक्का मोड़ (फिश मार्केट के पास)
- रेंडो-सुकुरहुटू पाइपलाइन
- रूक्का-बांसजोर पाइपलाइन
एयर वॉल्व भी होंगे बदले
इन पाइपलाइनों को बदलने के साथ-साथ पुराने एयर वॉल्व (Air Valves) भी बदले जाएंगे, जिससे पानी का दबाव कंट्रोल रहे और अंतिम छोर तक पानी पहुंच जाए । एयर वॉल्व पाइपलाइन में हवा के दबाव को नियंत्रित करने का काम करते हैं, जिससे पाइप फटने की संभावना कम हो जाती है।
50 year old pipeline replaced Ranchi: बजट और समयसीमा
50 year old pipeline replaced Ranchi के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने अपनी योजना तैयार कर ली है।
₹1 करोड़ का प्रस्ताव
इस परियोजना के तहत लगभग ₹1 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय को भेजा गया है । स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी ।
गर्मी से पहले शुरू होगा काम
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने गर्मी के मौसम में बढ़ते पानी की मांग को देखते हुए जर्जर पाइपलाइन बदलने की योजना तैयार कर ली है । उम्मीद जताई जा रही है कि समय रहते काम पूरा हो सके, ताकि गर्मी की तपिश में लोगों को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े ।
50 year old pipeline replaced Ranchi: अधिकारी का बयान
50 year old pipeline replaced Ranchi को लेकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
“जर्जर पाइपलाइन बदलने से मिलेगी राहत”
इस मामले पर चंद्रशेखर, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग बूटी प्रमंडल ने कहा कि पुरानी पाइपलाइन के कारण बार-बार लीकेज की समस्या हो रही है । जर्जर पाइपलाइन बदलने से जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा और लोगों को राहत मिलेगी ।
50 year old pipeline replaced Ranchi: रांची की जलापूर्ति व्यवस्था
50 year old pipeline replaced Ranchi के इस प्रोजेक्ट को समझने के लिए रांची की जलापूर्ति व्यवस्था को भी समझना जरूरी है।
रूक्का प्लांट की अहमियत
रूक्का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट रांची शहर के लिए पानी का प्रमुख स्रोत है। यह प्लांट रांची के अधिकांश हिस्सों को पेयजल उपलब्ध कराता है। इसलिए इस प्लांट से जुड़ी किसी भी समस्या का असर शहर के बड़े हिस्से पर पड़ता है।
पुरानी पाइपलाइन के कारण बर्बाद होता है पानी
लीकेज के कारण प्रतिदिन लाखों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। नई पाइपलाइन आने से न केवल रिसाव रुकेगा, बल्कि अधिक से अधिक लोगों तक पानी पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
50 year old pipeline replaced Ranchi: निष्कर्ष
50 year old pipeline replaced Ranchi का यह प्रोजेक्ट राजधानी के लिए एक बड़ी राहत है। 50 साल पुरानी जर्जर पाइपलाइन के कारण होने वाली लीकेज की समस्या अब जल्द ही समाप्त हो जाएगी । करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से बदली जाने वाली यह पाइपलाइन न केवल पानी की बर्बादी रोकेगी, बल्कि शहर के लाखों निवासियों को नियमित और सुचारू जलापूर्ति सुनिश्चित करेगी । गर्मी के मौसम से पहले काम शुरू होने की उम्मीद है, जिससे लोगों को तपती गर्मी में पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह रांची के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
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