Vandal Ranchi: वामदलों ने बजट के खिलाफ राजभवन मार्च किया
Vandal Ranchi: मैंने हाल ही में रांची में वामदलों के विरोध प्रदर्शन में भाग लिया, जो केंद्रीय बजट के खिलाफ था। यह मार्च राजभवन तक निकाला गया, जहां विभिन्न वामपंथी संगठनों के नेताओं ने अपनी मांगों को सामने रखा।
क्यों हुआ यह विरोध प्रदर्शन? वामदलों का कहना है कि केंद्रीय बजट आम जनता के हित में नहीं है। इसमें मजदूरों, किसानों और गरीबों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। इस कारण से, वामदलों ने झारखंड के सभी जिला मुख्यालयों पर भी प्रदर्शन किए।
Vandal Ranchi: वामदलों की प्रमुख मांगें
इस विरोध प्रदर्शन में वामदलों ने आठ प्रमुख मांगें रखीं, जो इस प्रकार हैं:
- 200 खरबपतियों पर 4% टैक्स लगाया जाए जिससे सामाजिक कल्याण योजनाओं में सुधार हो सके।
- किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी मिले ताकि वे अपनी फसलों का उचित मूल्य पा सकें।
- सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण को रोका जाए, क्योंकि इससे बेरोजगारी बढ़ेगी।
- मनरेगा के बजट में 50% की वृद्धि की जाए, जिससे ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिले।
- शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में अधिक बजट आवंटित किया जाए, जिससे सरकारी सुविधाएं मजबूत हों।
- रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं और युवाओं के लिए नई सरकारी नौकरियों की घोषणा की जाए।
- बिजली, पानी और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण रखा जाए ताकि महंगाई पर काबू पाया जा सके।
- छोटे और मध्यम व्यापारियों को आर्थिक सहायता दी जाए, जिससे स्थानीय बाजार को मजबूती मिले।
Vandal Ranchi: रांची में वामदलों का शक्ति प्रदर्शन
रांची में सैकड़ों कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। मैंने देखा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), भाकपा (माले) और फारवर्ड ब्लॉक जैसी पार्टियों के सदस्य राजभवन मार्च में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे थे।
नेताओं ने क्या कहा? इस मौके पर कई वामपंथी नेताओं ने अपनी बात रखी।
- माकपा के सुखनाथ लोहरा ने कहा: “यह बजट केवल अमीरों के लिए बनाया गया है, गरीबों और मजदूरों के लिए इसमें कुछ भी नहीं है।”
- भाकपा के संतोष कुमार रजक ने कहा: “हम अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।”
- माले के त्रिलोकी नाथ ने कहा: “किसानों की स्थिति सुधारने के लिए MSP को कानूनी दर्जा मिलना चाहिए।”
- फारवर्ड ब्लाक के अरुण मंडल ने कहा: “बेरोजगारी बढ़ रही है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही।”
Vandal Ranchi: विरोध प्रदर्शन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य
- झारखंड में बेरोजगारी दर 6.8% (CMIE के अनुसार) तक पहुंच गई है।
- किसानों की आत्महत्या दर पिछले 5 वर्षों में 15% बढ़ी है।
- मनरेगा योजना के तहत काम करने वाले मजदूरों को 5 महीने से भुगतान नहीं मिला है।
- भारत में 2023-24 में 200 खरबपतियों की संपत्ति 45% बढ़ी, लेकिन गरीबों की आय में केवल 2.5% की वृद्धि हुई।
Vandal Ranchi: अब आगे क्या?
यह विरोध प्रदर्शन केवल एक शुरुआत है। वामदलों ने घोषणा की है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी, तो वे देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। उनका कहना है कि वे आम जनता के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. Vandal Ranchi विरोध प्रदर्शन क्यों हुआ?
इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण केंद्रीय बजट में आम जनता की उपेक्षा था। वामदलों का मानना है कि यह बजट गरीबों, किसानों और मजदूरों के पक्ष में नहीं है।
2. वामदलों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
वामदलों की आठ प्रमुख मांगें हैं, जिनमें MSP की कानूनी गारंटी, मनरेगा बजट में 50% वृद्धि, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक और 200 खरबपतियों पर 4% टैक्स लगाना शामिल हैं।
3. Vandal Ranchi प्रदर्शन में कौन-कौन सी पार्टियां शामिल थीं?
इस विरोध प्रदर्शन में माकपा, भाकपा, भाकपा (माले) और फारवर्ड ब्लाक शामिल थीं।
4. आगे क्या होगा?
अगर सरकार ने इन मांगों को नहीं माना, तो देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। वामदलों का कहना है कि वे आम जनता के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
निष्कर्ष
मुझे लगता है कि Vandal Ranchi विरोध प्रदर्शन सरकार को यह संदेश देने के लिए था कि केंद्रीय बजट में सुधार की जरूरत है। आम जनता की परेशानियों को हल किए बिना कोई भी आर्थिक नीति सफल नहीं हो सकती।
अब सवाल यह है कि सरकार इन मांगों को कब तक नजरअंदाज कर सकती है? यह आने वाला समय बताएगा, लेकिन एक बात साफ है – अगर जनता अपने हक के लिए आवाज उठाती है, तो बदलाव जरूर होगा।
यह भी पढ़े














1 comment