ranchi electricity: गर्मी में बिजली कटने की समस्या से मिलेगी राहत
ranchi electricity: अगर आप रांची में रहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है! मैंने हाल ही में जाना कि इस गर्मी में बिजली कटने की समस्या से निजात मिलने वाली है। ऐसा इसलिए क्योंकि रांची के आठ सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ा दी गई है। यह कदम बिजली विभाग ने उठाया है, और इसका फायदा शहर के हर घर और व्यवसाय को मिलेगा।
ranchi electricity: क्या है नई योजना?
ranchi electricity: रांची के आठ सब स्टेशनों में पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई गई है। यह सब स्टेशन हैं:
- आरएमसीएच
- पालटेक्निक
- नामकुम
- हरमू
- अशोक नगर
- तुपुदाना
- सिदरौल
- टाटीसिलवे
ranchi electricity: इन सभी सब स्टेशनों में पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता को मांग के अनुसार बढ़ाया गया है। इसका मतलब है कि जब गर्मी में बिजली की खपत बढ़ेगी, तो भी बिजली आपूर्ति सुचारू रहेगी।
ranchi electricity: कितनी बढ़ाई गई क्षमता?
मैंने यह जानकारी जुटाई कि किस सब स्टेशन में कितनी क्षमता बढ़ाई गई है:
- आरएमसीएच: 10 एमबीए
- पालटेक्निक: 5 एमबीए
- नामकुम: 5 एमबीए
- हरमू: 5 एमबीए
- अशोक नगर: 5 एमबीए
- तुपुदाना: 10 एमबीए
- सिदरौल: 5 एमबीए
- टाटीसिलवे: 5 एमबीए
ranchi electricity: कुल मिलाकर, इन आठ सब स्टेशनों की क्षमता में 50 एमबीए की बढ़ोतरी हुई है। यह कदम गर्मी के पीक आवर में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए उठाया गया है।
ranchi electricity: पीक आवर में क्या होगा?
फिलहाल, रांची में पीक आवर (सुबह और शाम के समय) में बिजली की खपत 360 से 370 मेगावाट तक पहुंच जाती है। गर्मी बढ़ने के साथ यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। लेकिन अब, ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ने से लोड शेडिंग (बिजली कटौती) की समस्या से बचा जा सकेगा।
“अब हमें गर्मी में बिजली कटने की चिंता करने की जरूरत नहीं है,” यह कहना है एक स्थानीय निवासी का।
ranchi electricity: लोहरदगा लाइन का अलग होना
ranchi electricity: एक और बड़ी खबर यह है कि रांची सर्किल से लोहरदगा लाइन को अलग कर दिया गया है। अब लोहरदगा का अपना ग्रिड तैयार हो चुका है। पहले लोहरदगा को हटिया ग्रिड से बिजली दी जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इससे रांची को 70 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलेगी, जो शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए फायदेमंद होगी।
ranchi electricity: क्या होंगे फायदे?
ranchi electricity: इस नई योजना के कई फायदे हैं:
- लोड शेडिंग से राहत: अब बिजली कटौती की समस्या कम होगी।
- लो-वोल्टेज की समस्या खत्म: बिजली का वोल्टेज स्थिर रहेगा।
- बिजली फ्लकचुएशन से निजात: अब बिजली का उतार-चढ़ाव नहीं होगा।
- ट्रांसफार्मर की समस्या कम: फ्यूज उड़ने जैसी समस्याएं कम होंगी।
ranchi electricity: क्या कहते हैं आंकड़े?
- रांची में बिजली की मांग हर साल 5-7% बढ़ रही है।
- गर्मी के मौसम में बिजली की खपत 20-25% तक बढ़ जाती है।
- इस साल, बिजली विभाग ने 50 एमबीए की अतिरिक्त क्षमता जोड़ी है।
ranchi electricity: निष्कर्ष
मैं यह कह सकता हूं कि रांची के लिए यह एक बड़ा कदम है। गर्मी के मौसम में बिजली की समस्या से निपटने के लिए यह योजना कारगर साबित होगी। अब हमें बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा।
ranchi electricity: FAQs (सवाल-जवाब)
1. रांची में बिजली की मांग कितनी है?
रांची में पीक आवर में बिजली की मांग 360-370 मेगावाट तक पहुंच जाती है।
2. कितने सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई गई है?
रांची के 8 सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई गई है।
3. लोहरदगा लाइन का क्या फायदा है?
लोहरदगा लाइन अलग होने से रांची को 70 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलेगी।
4. क्या गर्मी में बिजली कटौती होगी?
नहीं, क्षमता बढ़ने से लोड शेडिंग की समस्या कम होगी।
5. क्या यह योजना स्थायी है?
हां, यह योजना भविष्य में भी बिजली आपूर्ति को सुचारू रखेगी।
इस तरह, ranchi electricity के मामले में यह नई योजना एक बड़ा बदलाव लाने वाली है। अब हमें गर्मी में बिजली की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।
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