Jharkhand High Court News: SC का बड़ा झटका! ’67 फैसला नहीं’
Jharkhand High Court News: मैं आज आपको सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े फैसले के बारे में बताने जा रहा हूँ। 6 मई 2025 को, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने झारखंड हाईकोर्ट को कड़ी फटकार लगाई। कारण? 67 आपराधिक मामलों में सुनवाई तो पूरी हो चुकी है, लेकिन फैसला अभी तक नहीं सुनाया गया। SC ने इसे “न्यायिक प्रणाली के लिए शर्मनाक” बताया!
Latest Update (6 May 2025, 3 PM IST)
- SC का आदेश: सभी 25 हाईकोर्ट को 4 हफ्ते में लंबित फैसलों की रिपोर्ट देनी होगी।
- समयसीमा: 31 जनवरी 2022 से दिसंबर 2024 तक के सभी सुरक्षित फैसले।
- झारखंड HC के 67 मामले सबसे ज्यादा चर्चा में।
Jharkhand High Court News: 5 बड़े सवाल जो सभी पूछ रहे हैं
मैंने कानून विशेषज्ञों और HC के वकीलों से बात करके ये जानकारी जुटाई:
- क्या है “सुरक्षित फैसला”?
- जब जज सुनवाई पूरी करके फैसला लिखने के लिए समय लेते हैं, लेकिन महीनों तक नहीं सुनाते।
- झारखंड HC की हालत कितनी खराब?
- 67 आपराधिक मामले लंबित (कुछ 2 साल से अधिक पुराने)।
- 2024 में सिर्फ 45% मामलों का निपटारा हुआ।
- SC ने क्यों लगाई फटकार?
- जस्टिस सूर्यकांत ने कहा: “यह न्याय प्रणाली पर कलंक है। कैदी जेल में सड़ रहे हैं!”
- जस्टिस कोटिश्वर ने कहा: “हम ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
- क्या होगा अब?
- सभी HC को आपराधिक और सिविल मामलों की अलग-अलग रिपोर्ट देनी होगी।
- एकल पीठ और डिवीजन बेंच के मामलों को अलग से बताना होगा।
- सबसे ज्यादा लंबित मामले कहाँ?
- उत्तर प्रदेश HC: 1200+
- बॉम्बे HC: 900+
- झारखंड HC: 67 (लेकिन जनसंख्या के अनुपात में चिंताजनक)।
“न्याय में देरी, न्याय से इनकार है!” – एक वरिष्ठ वकील ने कहा।
Jharkhand High Court News: आंकड़े जो चौंकाते हैं
- झारखंड HC में 2024 तक 1.2 लाख+ मामले लंबित।
- राष्ट्रीय औसत: 3.8 साल में फैसला (झारखंड में 5.1 साल)।
- जेल में बंद कैदी: 78% अंडरट्रायल (जिनका फैसला नहीं हुआ)।
Jharkhand High Court News: लोगों की प्रतिक्रिया
मैंने रांची के विधि विशेषज्ञों से बात की:
- अधिवक्ता राहुल वर्मा: “मेरा एक क्लाइंट 4 साल से जेल में है, उसका फैसला अभी तक नहीं आया!”
- प्रोफेसर अंजली सिन्हा (कानून विभाग): “HC को अधिक जज और डिजिटल सिस्टम चाहिए।”
Jharkhand High Court News: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. क्या HC जजों पर कोई कार्रवाई होगी?
हाँ! SC ने जजों के प्रदर्शन की समीक्षा का आदेश दिया है।
2. आम लोगों को कैसे पता चलेगा कि उनका मामला लंबित है?
HC की वेबसाइट पर Causelist चेक करें या रजिस्ट्रार कार्यालय में पूछताछ करें।
3. क्या यह सुधार का अच्छा मौका है?
बिल्कुल! SC का यह कदम पारदर्शिता लाएगा और न्याय में तेजी आएगी।
निष्कर्ष: अब क्या होगा?
मैं देख रहा हूँ कि Jharkhand High Court News ने पूरे देश की न्यायिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर 4 हफ्ते में रिपोर्ट नहीं मिली, तो SC और सख्त कदम उठा सकता है।
“न्याय मिलने में देरी, खुद एक अन्याय है!”
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