Adivasi Sangathan: 4 जून को पूरा झारखंड बंद, आदिवासियों आंदोलन
Adivasi Sangathan: “झारखंड में आज सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक चक्का जाम! आदिवासी संगठनों ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर किया पूर्ण बंद का ऐलान।”
रांची, 4 जून 2025: मैं आपके लिए लाया हूँ Adivasi Sangathan के ऐतिहासिक झारखंड बंद की पूरी कहानी। आज सुबह 6 बजे से राज्यभर में आदिवासी संगठनों ने पूर्ण बंद का आह्वान किया है। यह बंद सिरमटोली फ्लाईओवर रैंप विवाद, आदिवासी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और जमीन अधिकारों को लेकर है।
1. Adivasi Sangathan: क्यों बुलाया गया बंद?
मैंने जाना कि यह बंद कई मांगों को लेकर बुलाया गया है:
मुख्य मांगें
- सिरमटोली फ्लाईओवर रैंप हटाओ – आदिवासियों का कहना है कि यह रैंप उनके पवित्र सरना स्थल को नुकसान पहुँचा रहा है।
- मरांग बुरू, पारसनाथ पहाड़, लुगु बुरु की सुरक्षा – ये स्थल आदिवासियों के धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं।
- पेसा कानून लागू करो – आदिवासी भूमि और संसाधनों पर उनके अधिकार सुनिश्चित करने की मांग।
- शराबबंदी और लैंड बैंक खत्म करो – आदिवासी समाज को शराब और जमीन लूट से बचाने की अपील।
“हमारे पूर्वजों ने इन स्थलों की रक्षा के लिए संघर्ष किया था, आज हमें फिर लड़ना पड़ रहा है!” – प्रेमशाही मुंडा, आदिवासी बचाओ मोर्चा
2. Adivasi Sangathan: क्या होगा बंद के दौरान?
मैंने देखा कि आज पूरे झारखंड में स्थिति तनावपूर्ण है:
प्रभावित सेवाएं
- सभी सरकारी और निजी संस्थान बंद
- सड़कों पर चक्का जाम – बस, ट्रेन और वाहनों की आवाजाही प्रभावित।
- स्कूल-कॉलेज बंद – छात्रों को घर पर रहने की सलाह दी गई।
छूट वाली सेवाएं
- आपातकालीन मेडिकल सेवाएं (अस्पताल, एंबुलेंस)
- शवयात्रा और अंतिम संस्कार
“हम आम जनता से अपील करते हैं कि वे अनावश्यक यात्रा न करें।” – गीता श्री उरांव, पूर्व शिक्षा मंत्री
3. Adivasi Sangathan: सरकार की प्रतिक्रिया क्या है?
मैंने सरकारी सूत्रों से पता लगाया कि:
- हेमंत सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
- पुलिस और प्रशासन अलर्ट – कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
- विपक्षी दल भाजपा ने भी 24 जून को प्रदर्शन की घोषणा की है।
4. Adivasi Sangathan: पिछले आंदोलनों का क्या असर रहा?
मैंने पिछले आंदोलनों का डेटा चेक किया:
- 2024 में भी सिरमटोली को लेकर बंद हुआ था, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
- 2019 में पारसनाथ पहाड़ विवाद में आदिवासियों ने लंबा धरना दिया था।
- पेसा कानून को लेकर झारखंड में पहले भी कई बार आंदोलन हुए हैं।
“सरकार हमारी मांगों को अनसुना कर रही है, इसलिए हमें सड़कों पर उतरना पड़ा!” – कार्तिक मुखी, भारत आदिवासी पार्टी
5. Adivasi Sangathan: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. बंद कितने बजे तक रहेगा?
Ans: सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक।
Q2. क्या ट्रेन और बस सेवाएं बंद रहेंगी?
Ans: हाँ, लेकिन आपातकालीन सेवाएं चलेंगी।
Q3. सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
Ans: अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया है।
Q4. क्या यह बंद हिंसक हो सकता है?
Ans: संगठनों ने शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील की है, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।
निष्कर्ष: “आदिवासी अधिकारों की लड़ाई जारी!”
मैंने आपको Adivasi Sangathan के इस बड़े आंदोलन की पूरी जानकारी दी। यह सिर्फ एक बंद नहीं, बल्कि आदिवासियों के अस्तित्व और अधिकारों की लड़ाई है।
“अगर सरकार ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन और तेज हो सकता है!”
क्या आपको लगता है कि सरकार को आदिवासियों की मांगें मान लेनी चाहिए? कमेंट में बताएं!
यह भी पढ़े














Post Comment