Sukhdev Nagar Ranchi School: स्कूल की छत गिरने से 1 की मौत

Sukhdev Nagar Ranchi School
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Sukhdev Nagar Ranchi School: जर्जर स्कूल की छत गिरने से 1 की मौत, DC ने मुआवजे का आदेश दिया – प्रशासन ने पूरी इमारत गिराने का फैसला किया।

मैं क्या जानता हूँ? Sukhdev Nagar Ranchi School हादसे की पूरी कहानी

मैं आपको बताना चाहता हूँ कि Sukhdev Nagar Ranchi School में कैसे एक जर्जर इमारत की छत गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई, क्योंकि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही का सबूत है।

क्या हुआ?

  • 19 जुलाई 2025, सुबह 6:30 बजे: पिस्का मोड़, टंगरा टोली स्थित एक बंद पड़े स्कूल की छत अचानक गिर गई।
  • हताहत:
  • सुरेश बैठा (65 वर्ष) की मौत (मलबे में दबकर)।
  • 3 नाबालिग गंभीर रूप से घायल (देव कमल अस्पताल में इलाज जारी)।
  • तुरंत कार्रवाई: रांची डीसी ने मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये मुआवजे का आदेश दिया।

“यह इमारत पहले ही खतरनाक घोषित की जा चुकी थी। हम इसे तुरंत गिराएंगे।”
– रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री

Sukhdev Nagar Ranchi School: 5 बड़े तथ्य

  1. स्कूल का इतिहास:
  • 2018 में बंद हुआ (स्कूल मर्जर नीति के तहत)।
  • 7 साल से खाली पड़ा था।
  1. हादसे का कारण:
  • भारी बारिश (पिछले 3 दिन में 200mm)।
  • लोहे की छत जंग खाकर कमजोर हो गई थी।
  1. पीड़ितों की जानकारी:
  • मृतक: सुरेश बैठा (बेघर, रात को स्कूल में सोते थे)।
  • घायल: प्रीतम टिर्की (12), रोहित लकड़ा (14), मनीष (10)।
  1. प्रशासन की प्रतिक्रिया:
  • 48 घंटे में पूरी इमारत गिराई जाएगी।
  • शहर के 15 अन्य जर्जर भवनों की जाँच शुरू की गई।
  1. स्थानीय लोगों का गुस्सा:
  • “हम 5 साल से शिकायत कर रहे थे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी!” – रामलाल, स्थानीय निवासी।

आंकड़े जो चौंकाते हैं

  • 2025 में झारखंड में 8+ इमारतें गिर चुकी हैं।
  • रांची में 120+ सरकारी भवन जर्जर हालत में हैं।

Sukhdev Nagar Ranchi School: 5 बड़े सवाल (FAQ)

1. क्या यह स्कूल पहले से खतरनाक था?

हाँ! 2019 में ही इसे असुरक्षित घोषित किया गया था।

2. घायल बच्चों का इलाज कहाँ हो रहा है?

देव कमल अस्पताल में – सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।

3. मुआवजा कितना मिलेगा?

  • मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये
  • घायलों को 50,000 रुपये प्रत्येक।

4. क्या ऐसे और भवन हैं?

हाँ! रांची में 35+ स्कूल भवन जर्जर हालत में हैं।

5. आम लोग क्या कर सकते हैं?

  • जर्जर इमारतों की फोटो खींचकर नगर निगम हेल्पलाइन (1800-345-222) पर भेजें।
  • अनधिकृत कब्जे की शिकायत करें।

निष्कर्ष: क्या सरकार जिम्मेदार है?

मैं देख रहा हूँ कि Sukhdev Nagar Ranchi School हादसा प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। अगर खतरनाक इमारतों को समय पर गिरा दिया जाता, तो यह जानलेवा हादसा टल सकता था।

“इमारतें गिरने से पहले, प्रशासन को जागना चाहिए।”

(अंतिम अपडेट: 19 जुलाई 2025, शाम 5:00 बजे तक की रिपोर्ट्स के अनुसार।)

क्या आपको लगता है कि ऐसे हादसों के लिए अधिकारियों को सजा मिलनी चाहिए? कमेंट में बताइए!

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