Shibu Soren Death – 81 साल की उम्र में निधन, PM ने जताया दुख

Shibu Soren Death
Share This Post

Shibu Soren Death: मैं आपको एक दुखद खबर सुनाने जा रहा हूँ। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक शिबू सोरेन का 4 अगस्त 2025 को निधन हो गया। वह 81 साल के थे और दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में एक महीने से इलाज करा रहे थे।

मुख्य तथ्य:

  • मृत्यु की वजह: लंबी बीमारी (किडनी संबंधी समस्याएं)
  • अस्पताल में भर्ती: 19 जून 2025 से
  • अंतिम समय में साथ: परिवार के सदस्य मौजूद थे
  • राजनीतिक सफर: 40 साल से अधिक

“हमारे प्यारे दिशोम गुरुजी हमें छोड़कर चले गए। आज मैंने सब कुछ खो दिया।”हेमंत सोरेन (झारखंड के मुख्यमंत्री और शिबू सोरेन के बेटे)


Shibu Soren Death: राजनीतिक सफर की झलक

शिबू सोरेन ने 1972 में JMM की स्थापना की और झारखंड राज्य बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनका राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा:

  1. लोकसभा सांसद: 8 बार चुने गए
  2. राज्यसभा सांसद: 2 बार
  3. झारखंड के मुख्यमंत्री: 3 बार (लेकिन कोई भी कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए)
  4. केंद्रीय मंत्री: कोयला मंत्री रहे

विवादों में भी रहे:

  • 2006 में हत्या केस में दोषी ठहराए गए (बाद में दिल्ली HC ने बरी किया)
  • झारखंड विधानसभा में फ्लोर टेस्ट हारने पर इस्तीफा देना पड़ा

Shibu Soren Death: देश-विदेश से श्रद्धांजलि

  1. PM नरेंद्र मोदी:
    “शिबू सोरेन जी एक जमीनी नेता थे, जिन्होंने आदिवासियों के उत्थान के लिए काम किया। उनका निधन दुखद है।”
  2. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू:
    “झारखंड के निर्माण और सामाजिक न्याय के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय है।”
  3. राहुल गांधी (कांग्रेस):
    “वह एक सच्चे जननायक थे, जिन्होंने गरीबों की आवाज उठाई।”

Shibu Soren Death: आंकड़ों में उनका योगदान

  • झारखंड आंदोलन: 2000 में अलग राज्य बनाने में मदद की
  • आदिवासी अधिकार: संविधान की 5वीं अनुसूची को मजबूत किया
  • शिक्षा और रोजगार: झारखंड में ST/SC छात्रों के लिए छात्रवृत्ति बढ़ाई

Shibu Soren Death: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1: शिबू सोरेन की मृत्यु कैसे हुई?
A: किडनी की बीमारी और बुढ़ापे से जुड़ी समस्याओं के कारण।

Q2: उनका अंतिम संस्कार कहाँ होगा?
A: झारखंड के रांची या दुमका में होने की संभावना।

Q3: अब JMM का नेतृत्व कौन संभालेगा?
A: उनके बेटे हेमंत सोरेन पहले से ही पार्टी प्रमुख और CM हैं।

Q4: क्या शिबू सोरेन को राजकीय सम्मान दिया जाएगा?
A: हां, झारखंड सरकार ने 7 दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।


निष्कर्ष: Shibu Soren Death से क्या सीख मिलती है?

  1. जमीनी नेता की मिसाल थे शिबू सोरेन।
  2. आदिवासी समाज के लिए उनका संघर्ष याद किया जाएगा।
  3. राजनीति में उतार-चढ़ाव के बावजूद उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई।

“एक युग का अंत हो गया। झारखंड की राजनीति में शिबू सोरेन जैसा नेता फिर कोई नहीं होगा।”राजनीतिक विश्लेषक


Latest Update (5 अगस्त 2025):

  • शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर झारखंड लाया जाएगा।
  • राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
  • देशभर से नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

यह भी पढ़े

JharExpress is hindi news channel of politics, education, sports, entertainment and many more. It covers live breaking news in India and World

Post Comment

YOU MAY HAVE MISSED