करवा चौथ पूजा की थाली सामग्री: करवा चौथ की पूजा की थाली में जरूर रखें ये चीज, पति-पत्नी में बनी रहेगी माथा, देवघर के ज्योतिषाचार्य ने बताई जरूरी बात
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करवा चौथ पूजा थाली सामग्री: 10 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा। साध्य के समय थाली सजाकर चंद्रमा की पूजा की जाती है। करवाचौथ पर सुहागिन महिलाएं पूजा थाली में करवा, दीपक, छलनी, कलश, कुमकुम, फूल, श्रृंगार, तीसरी गुड़िया पूजा करती हैं।
साल भर में कई ऐसी आती हैं जब सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। उसी में से एक व्रत है करवा चौथ का व्रत। इस दिन भी सुहागिन महिलाएं पति के लिए निर्जला व्रत लिखती हैं।

देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल ने जानकारी देते हुए कहा कि हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को यह करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। इस साल यह तारीख 10 अक्टूबर 2025 शुक्रवार को पड़ रही है। करवा चौथ भारत के उत्तरी क्षेत्र में हिंदू महिलाएं और पुरुष-धाम से बनी हैं।

इस दिन महिलाएं व्रत रखकर भगवान शिव माता पार्वती और चंद्रमा की पूजा करती हैं। दिन भर निर्जला व्रत रहने के बाद चंद्रोदय होता है। इसके बाद अर्घ प्रदान कर अपने पति के हाथों से पानी पीकर व्रत का पारण करती हैं

करवा चौथ में पूजा की थाली पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसमें पूजा के दौरान उपयोग की जाने वाली आवश्यक वस्तुएं रखी जाती हैं। अगर यह आपका पहला करवा चौथ है, तो ज्योतिषाचार्य से जानेंगे की पूजा की थाली में क्या-क्या जानना जरूरी है।

करवा चौथ के दिन पूजा की थाली में सबसे पहली चीज जो होनी चाहिए वह है पीतल का लोटा या मिट्टी का कलश। इस चन्द्रमा को अर्घ देने से जो अत्यंत शुभ होता है।

करवा चौथ के दौरान छलनी का बहुत महत्व होता है। महिलाएं छलनी से चांद और फिर अपने पति को ढूंढती हैं, जिससे व्रत समाप्त हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि छलनी में हजारों छेद वाले पति की लंबी उम्र और फूलों का आशीर्वाद का प्रतीक हैं।

करवा चौथ की पूजा की थाली में घी का दिया, आटा या मिट्टी के आटे की लोई का दिया बनाये रखें. ऐसा करने से मां का करवा आकर्षक होता है. दिया के बिना थाली अधूरी रहती है.

करवा चौथ के पूरे दिन भर महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। पूजा के बाद महिलाएं जल ग्रहण करके ही अपनी उपवास तोड़ती हैं। इसलिए करवा चौथ के दिन थाली में पानी भरा एक गिलास जरूर रखें।

करवा चौथ की थाली में मीठा दूध से बनी सेवई या फिर लोढ़ा या कोई फल जरूर रखें। उस मिठाई को चन्द्रमा का सबसे पहला उपयोग किया जाता है। फिर चन्द्रमा की पूजा करने के बाद वह अपने पति के हाथों से बनी। इसी प्रकार जीवन जीवन मे मध्यवर्ती.

इसके अलावा, महिलाओं को अपनी करवा चौथ थाली में धूपबत्ती, कच्चा दूध, दही, गंगाजल, दक्षिणा, चंदन, कुमकुम और अक्षत जैसी पूजा सामग्री की आवश्यकता होती है। होता है.
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