Karwa Chauth Ranchi : चांद के दीदार के साथ महिलाओं ने खोला व्रत, खत्म हुआ सुहागिनों का इंतजार
रांचीः आज करवा चौथ 2025 झारखंड में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है. विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. इसके बाद रात में चांद निकलने के बाद अपने पति के हाथों से जल पीकर व्रत तोड़ती हैं. ऐसे में सभी को बेसब्री से चांद निकलने का इंतजार रहता है. आइए जानें रांची, जमशेदपुर, देवघर और हजारीबाग में चंद्रमा कब दिखाई देगा.
कहा जाता है कि चांद को देखे बिना करवाचौथ का व्रत अधूरा है. कई ऐसी कथाएं हैं, जिनकी वजह से चांद की पूजा की जाती है. महाभारत में कृष्ण ने द्रौपदी को यह व्रत पांडवों की सुरक्षा के लिए करने को बोला था. दूसरी कथा के मुताबिक, एक स्त्री ने चांद को बिना देखे व्रत तोड़ दिया था. इसके कारण उसके पति की तबीयत खराब हो गई थी. एक कथा के अनुसार करवा नाम की स्त्री ने अपने पति की जान को वापिस लाने के लिए यमराज तक से भीड़ गई थी. इसलिए इस व्रत का नाम करवाचौथ रखा गया है.
October 10, 2025 21:16 IST
ना दिखे चांद तो घबराएं नहीं, मॉडर्न अंदाज में ऐसे करें दर्शन
चांद ना दिखने के कई कारण हो सकते हैं. अक्सर कामकाजी या ऑफिस जाने वाली औरतों को ऐसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है जहां वे सही समय पर व्रत ना खोल सकें. ऐसे में उन्हें घबराने के बदले किसी रिस्तेदार या दोस्त को विडियो कॉल करना चाहिए जो आसानी से चांद का दर्शन करने में सक्षम हो. यदि ऐसा होना भी मुश्किल लग रहा हो तो चांदी के सिक्के का दर्शन कर व्रत का पारण कर सकते हैं. चांदी को चंद्रमा से जुड़ा धातु माना गया है.
October 10, 2025 20:50 IST
Karwa Chauth Ranchi Live Update: हुआ चांद का दीदार, सुहागिनों को मिला आशीष
रांची, जमशेदपुर, रामगढ़, टाटा जैसे कई शहरों में चांद निकलने के साथ व्रतियों ने अर्घ्य देकर अपनी पूजा की. छलनी में चांद देखकर सबों ने अरसे पुराने नियम का पालन किया. इसी के साथ सुहागिनों का सबसे कठिन व्रत भी पतियों के दीर्घायु होने की मनोकामना के साथ खत्म हो गया है. इस पल का उन्हें सालभर से इंतजार था.
October 10, 2025 20:43 IST
Karwa Chauth: क्या है पूजा में उपयोग होने वाली चीजों का महत्व, प्रतीकों से समझिए धर्म का ज्ञान
करवा चौथ में छलनी, सींक और करवा का महत्व
करवा चौथ दो शब्दों से मिलकर बना है- ‘करवा’ यानि ‘मिट्टी का बर्तन’ और ‘चौथ’ यानि ‘गणेश जी की प्रिय तिथि चतुर्थी’. करवा चौथ में पूजा के दौरान छलनी, सींक, करवा और दीपक का इस्तेमाल होता है.
कलश और थाली का प्रतीकात्मक महत्व
करवाचौथ की पूजा में मिट्टी या तांबे के कलश से चन्द्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा है. पुराणों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार कलश में सभी ग्रह-नक्षत्रों और तीर्थ का निवास होता है. इतना ही नहीं ये भी कहा जाता है कि कलश में ब्रह्मा, विष्णु, महेश, सभी नदियों, सागरों, सरोवरों एवं तैतीस कोटि देवी-देवता भी विराजते हैं. पूजा की थाली में रोली,चावल,दीपक, फल, फूल, पताशा, सुहाग का सामान और जल से भरा कलश रखा जाता है. करवा के ऊपर मिटटी के बड़े दीपक में जौ या गेहूं रखे जाते हैं. जौ समृद्धि, शांति, उन्नति और खुशहाली का प्रतीक होते हैं.
दीपक और छलनी का प्रतीकात्मक महत्व
दीये की रोशनी का करवा चौथ में विशेष महत्व है. शास्त्रों के अनुसार पृथ्वी पर सूर्य का बदला हुआ रूप अग्नि माना जाता है. मान्यता है कि अग्नि को साक्षी मानकर की गई पूजा सफल होती है. प्रकाश को ज्ञान का प्रतीक भी कहा जाता है. ज्ञान प्राप्त होने से मन से अज्ञानता रूपी सभी विकार दूर होते हैं. दीपक नकारात्मक ऊर्जा को भी दूर भगाता है. महिलाएं दिन के अंत में पहले छलनी से चंद्रमा को देखकर और फिर तुरंत अपने पति को देखकर अपना व्रत खोलती हैं. करवा चौथ में सुनाई जाने वाली कथा का जुड़ाव वीरवती से है. बहन वीरवती को भूखा देख उसके भाइयों ने चांद निकलने से पहले एक पेड़ की आड़ में छलनी में दीप रखकर चांद बनाया और बहन का व्रत खुलवाया.
करवा का प्रतीकात्मक महत्व
करवा का अर्थ है ‘करवा’ यानी मिट्टी का बर्तन, जिसे भगवान गणेश का स्वरूप माना जाता है. भगवान गणेश जल तत्व के कारक हैं और करवा में लगी नली(टोंटी) भगवान गणेश की सूंड का प्रतीक है. इस दिन मिट्टी के करवा में जल भरकर पूजा में रखना शुभ माना जाता है.
सींक किसका प्रतीक
करवा चौथ व्रत की पूजा में सींक का होना बहुत ज़रूरी होता है. ये सींक मां करवा की शक्ति का प्रतीक है. पौराणिक कथा के अनुसार मां करवा के पति का पैर मगरमच्छ ने पकड़ लिया था. तब उन्होंने कच्चे धागे से मगर को बांध दिया और यमराज के पास पहुंच गईं. वे उस समय चित्रगुप्त के खाते देख रहे थे. करवा ने सात सींक लेकर उन्हें झाड़ना शुरू किया जिससे खाते आकाश में उड़ने लगे. करवा ने यमराज से अपने पति की रक्षा करने के लिए कहा, तब उन्होंने मगरमच्छ को मारकर करवा के पति की जान बचाई और उन्हें लंबी उम्र का वरदान दिया.
October 10, 2025 19:57 IST
Karwa Chauth Live Update: चांद देखते समय इन बातों का रखें खास ध्यान
झारखंड में इस समय चांद निकलने का वक़्त हो रहा है. करवा चौथ का व्रत खोलते समय आपको इन कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि आपका व्रत सही तरीके से पूरा हो और सभी मनोकामनाएं पूरी हो.
चांद देखते समय इन बातों का रखें ध्यान
छलनी का इस्तेमाल: चांद को हमेशा छलनी से ही देखें. यह एक बहुत पुरानी और ज़रूरी रस्म है. छलनी से पहले चांद को देखें और फिर तुरंत अपने पति का चेहरा देखें.
- पति के पैर छूना: चांद को अर्घ्य देने के बाद अपने पति के पैर छूकर आशीर्वाद लेना न भूलें. यह सम्मान और दीर्घायु की कामना दिखाने का तरीका है.
- पति के हाथ से पानी: आशीर्वाद लेने के तुरंत बाद, पति के हाथ से पानी पीकर (पारण करके) ही व्रत खोलें. व्रत तब तक पूरा नहीं होता जब तक पति आपको अपने हाथ से पानी नहीं पिलाते.
- पति को ही पहले खिलाएं: पानी पीने के बाद पति को मिठाई या कुछ खाने की चीज़ खिलाएं. इसके बाद ही आप खुद भोजन करें.
- अर्घ्य में ये रखें: चांद को अर्घ्य देते समय जल में चावल और चीनी ज़रूर मिलाएं.
इन रस्मों को पूरे मन और श्रद्धा के साथ करें, ताकि आपका व्रत सफल हो और आपके सुहाग की उम्र लंबी हो.
October 10, 2025 19:25 IST
Karwa Chauth Live Update: बदरवा हो भींगे ना कजरवा हमार
जानिए कैसा है मौसम का मिजाज
झारखंड में करवा चौथ के मौके पर मौसम सुहावना और आसमान साफ रहने की उम्मीद है, जो व्रतधारी महिलाओं के लिए एक अच्छी खबर है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, झारखंड के प्रमुख शहरों में आज मौसम का हाल इस प्रकार रहेगा:
- बारिश की कोई आशंका नहीं: मौसम विभाग ने पूरे झारखंड में आज बारिश या तेज हवाओं की कोई संभावना नहीं जताई है.
- आसमान साफ: आसमान ज्यादातर साफ रहेगा, जिससे शाम को चांद के दीदार में कोई बड़ी रुकावट नहीं आएगी.
- तापमान: दिन का तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा अधिक रहेगा, जबकि सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस की जा सकती है.
जानें मौसम का मिजाज, कब होगा चांद का दीदार
झारखंड के अधिकांश शहरों में व्रत खोलने के समय मौसम बिल्कुल सामान्य रहेगा. व्रतियों पर इंद्रदेव कि कृपा बरसेगी. बादल या बारिश की आशंका कम होने के कारण, व्रतधारी महिलाओं को अपने पति के दर्शन के लिए चांद का इंतजार करते समय निराश नहीं होना पड़ेगा.
October 10, 2025 19:17 IST
सजन बिन चांद अधूरा है…………
रांची की महिलाओं का ताजा हाल
रांची में आज सुबह सरगी खाने के बाद से ही विवाहित महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखा हुआ है. शाम होते ही महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा और सोलह श्रृंगार में सज-धज कर पूजा की तैयारियों में जुटी हुई हैं.
पूजा और इंतजार का माहौल
शाम के शुभ मुहूर्त के अनुसार, महिलाएं करवा माता की पूजा कर रही हैं और एक साथ बैठकर करवा चौथ की कथा सुन रही हैं. त्योहार के चलते बाजारों में पहले से ही काफी रौनक थी, यहां मेहंदी और चूड़ियों की दुकानों पर काफी भीड़ जमा हुई.
चांद का इंतजार: रांची की व्रती महिलाओं को अब चांद निकलने का बेसब्री से इंतजार है. राजधानी में चंद्रमा के रात 7:54 बजे के आस-पास दिखाई देने का अनुमान है. चांद के दर्शन होते ही, महिलाएं छलनी से पहले चांद और फिर अपने पति को देखकर अर्घ्य देंगी. इसके बाद वे अपने पति के हाथ से पानी पीकर अपना व्रत खोलेंगी. पूरे शहर में इस समय पारंपरिक उल्लास का माहौल है, क्योंकि महिलाएं अपने पति के दीर्घायु की कामना के साथ व्रत पूरा करने की घड़ी का इंतजार कर रही हैं.
October 10, 2025 19:04 IST
करवा चौथ स्पेशल फिल्में
करवा चौथ का व्रत खोलने के बाद थकान दूर करने और अपने त्योहार को रोमांस और इमोशन से भरने का सबसे अच्छा तरीका है, अपने पार्टनर के साथ बैठकर एक अच्छी फिल्म देखना. यहां कुछ ऐसी खास बॉलीवुड फिल्में हैं जिनमें करवा चौथ के सीन ने त्योहार की खूबसूरती को बढ़ाया है, या जो पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत करती हैं.
सबसे यादगार और रोमांटिक फिल्म
- कभी खुशी कभी गम (Kabhi Khushi Kabhie Gham): यह फिल्म करवा चौथ को एक भव्य और पारिवारिक रूप में दिखाती है. इसमें व्रत की शुरुआत (सरगी) से लेकर चांद देखकर व्रत खोलने तक की रस्म को खूबसूरती से दिखाया गया है. शाहरुख खान और काजोल का रोमांटिक अंदाज और ‘बोले चूड़ियां’ गाना इस त्योहार को और खास बना देता है.
- दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (Dilwale Dulhania Le Jayenge): इस फिल्म में करवा चौथ का सीन तब आता है जब सिमरन (काजोल) अपने होने वाले पति नहीं, बल्कि अपने प्यार राज (शाहरुख खान) के लिए व्रत रखती है. यह सीन सच्चे प्यार और समर्पण को दिखाता है, जब राज सिमरन को पानी पिलाकर उसका व्रत तुड़वाता है.
- हम दिल दे चुके सनम (Hum Dil De Chuke Sanam): लव त्रिकोण पर आधारित इस फिल्म में करवा चौथ का सीन जज्बातों से भरपूर है. ऐश्वर्या राय का किरदार अपने पति (अजय देवगन) की लंबी उम्र के लिए व्रत रखता है, जबकि उसके दिल में पहले प्यार (सलमान खान) की यादें होती हैं. यह सीन त्याग और पति-पत्नी के रिश्ते की जिम्मेदारी को बखूबी दिखाता है.
- बागबान (Baghban): अगर आप काफी भावुक किस्म के इंसान हैं तो यह फिल्म आपको अंदर से झकझोर कर रख देगा. अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी का करवा चौथ सीन दिल को छू लेता है. इसमें दिखाया गया है कि बच्चे दूर होने पर भी वे पति-पत्नी एक-दूसरे के प्रति कितने समर्पित हैं, और फोन पर एक-दूसरे से बात करके व्रत खोलते हैं.
नए जमाने के रिश्ते और प्यार वाली फिल्में: ये फिल्में पति-पत्नी के रिश्ते के नए पहलुओं, नोकझोंक और प्यार को दिखाती हैं.
- मिस्टर एंड मिसेज माही (Mr. and Mrs. Mahi): 2024 में आई फिल्म दिखाती है कि कैसे एक पति (राजकुमार राव) अपनी पत्नी (जाह्नवी कपूर) के सपनों को पूरा करने के लिए अपने सपने को पीछे छोड़ देता है. यह पति-पत्नी के बीच सपनों और त्याग पर आधारित है, जो रिश्ते को मजबूत करती है.
- जुग जुग जियो (JugJugg Jeeyo): यह लव मैरिज वाले कपल की कहानी है, जिसमें खट्टी-मीठी नोकझोंक, तलाक की बात और फिर से रिश्ते को संभालने की कोशिश दिखाई गई है. करवा चौथ के बाद इसे देखने से आपके रिश्ते की मजबूती का एहसास होगा.
- की एंड का (Ki and Ka): करीना कपूर और अर्जुन कपूर की यह फिल्म जेंडर रोल्स (पारंपरिक भूमिकाओं) को तोड़ती है. यह दिखाती है कि कैसे पति (अर्जुन कपूर) घर संभालता है और पत्नी (करीना कपूर) बाहर काम करती है. यह फिल्म आज के दौर के पति-पत्नी के बीच की समझ और नोंक-झोंक को मजेदार तरीके से पेश करती है.
- दम लगा के हईशा (Dum Laga Ke Haisha): यह फिल्म दिखाती है कि पति-पत्नी के रिश्ते में शारीरिक बनावट या दिखावे से ज्यादा दिल का प्यार और तालमेल मायने रखता है. यह आपके रिश्ते को और गहरा और मजबूत बनाने वाली एक प्यारी फिल्म है.
व्रत खोलने के बाद आप अपनी पसंद के अनुसार कोई भी फिल्म चुन सकते हैं. अगर आप रोमांस और भव्यता चाहते हैं तो ‘कभी खुशी कभी गम’ देखें, और अगर गहराई और जज्बात चाहते हैं तो ‘बागबान’ या ‘हम दिल दे चुके सनम’ देख सकते हैं. ये फिल्में पार्टनर और आपके रिश्ते को गहराई के साथ ज्यादा जुड़ाव देंगे.
October 10, 2025 18:26 IST
Karwa Chauth Live Update: चांद का बेसब्री से इंतजार
October 10, 2025 17:54 IST
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामना
October 10, 2025 17:46 IST
Karwa Chauth: क्या है करवा चौथ से जुड़ी मगरमच्छ की कहानी
करवा चौथ की कहानी
एक समय की बात है. एक करवा नाम की औरत थी, जो पतिव्रता थी. वह अपने पति से बहुत प्यार करती थी और उनकी सेवा करती थी.
मगरमच्छ का हमला और करवा का गुस्सा
एक दिन करवा के पति नदी में नहाने गए थे. नहाते समय एक मगरमच्छ ने उन्हें पकड़ लिया. करवा ने जब यह देखा, तो वह बहुत डर गई, लेकिन हिम्मत नहीं हारी. करवा में इतनी शक्ति थी कि उसने अपनी पतिव्रता के बल पर उस मगरमच्छ को एक कच्चे धागे से बांध दिया. वह धागा मगरमच्छ को काटने लगा और वह हिल भी नहीं पा रहा था.
यमराज को चेतावनी
इसके बाद करवा ने मौत के देवता यमराज को आवाज़ लगाई. जब यमराज आए, तो करवा ने उन्हें सख्त लहजे में कहा: ‘देखो, अगर तुमने मेरे पति को नया जीवन नहीं दिया, तो मैं तुम्हें श्राप दे दूंगी!’ करवा की बात में इतना दम था और उसका संकल्प इतना मजबूत था कि यमराज भी खुश हो गए और डर भी गए.
पति को मिला वरदान
करवा की अटूट भक्ति (भरोसा) देखकर यमराज ने मगरमच्छ को यमलोक (मृत्यु लोक) भेज दिया और करवा के पति को लंबी उम्र का वरदान दिया.
तभी से ‘करवा चौथ’ पड़ा नाम
यह कमाल की घटना कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चौथी (चतुर्थी) के दिन हुई थी. तभी से, इस औरत ‘करवा’ के नाम पर ही, इस व्रत का नाम ‘करवा चौथ’ पड़ गया. यह कथा बताती है कि एक पत्नी का प्यार और निष्ठा कितनी ताकतवर हो सकती है.
October 10, 2025 16:40 IST
Karwa Chauth Moonrise Timing: आखिर क्या है सरगी जिसके बिना अधूरा है करवा चौथ का व्रत
क्या होती है सरगी?
सरगी वह सुबह की पहली थाली है जो करवा चौथ के दिन सास अपनी बहू को देती हैं, ताकि वह दिन भर का निर्जला व्रत अच्छे से रख सके. यह आशीर्वाद और पोषण दोनों का प्रतीक है. सरगी एक खास रस्म है जो करवा चौथ का व्रत शुरू करने से पहले निभाई जाती है. सरगी के बिना ये व्रत अधूरा माना जाता है.
सरगी की थाली में सास अपनी बहू को खाने-पीने की कुछ चीज़ें देती हैं, ताकि वह पूरे दिन बिना पानी (निर्जला) और खाने के रह सके. इसमें आमतौर पर फल, ड्राई फ्रूट्स (सूखे मेवे), मिठाई, नारियल, फैनियां जैसी चीज़ें होती हैं. इसके साथ ही इसमें सोलह श्रृंगार का सामान भी होता है.
क्यों है ज़रूरी?
सरगी सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं होती, बल्कि यह सास का आशीर्वाद और बहू के लिए शुभकामनाएं भी होती हैं. क्योंकि यह व्रत निर्जला रखा जाता है, इसलिए सुबह-सुबह सरगी खा लेने से व्रत आसानी से पूरा हो जाता है.
सरगी की कहानी
सरगी के पीछे माता पार्वती से जुड़ी एक कहानी है. शिमला के पुजारी पंडित मुक्ति चक्रवर्ती बताते हैं कि जब माता पार्वती ने पहली बार करवा चौथ का व्रत रखा था, तो उनकी सास नहीं थीं. इसलिए उनकी मां रानी मैना ने उन्हें सरगी दी थी.
इसी वजह से यह रिवाज़ बन गया कि अगर किसी बहू की सास न हों, तो उनकी मां भी उन्हें सरगी दे सकती हैं. और अगर मां भी न हों, तो परिवार की कोई भी शादीशुदा महिला (सुहागन) बहू को सरगी दे सकती है.
October 10, 2025 15:43 IST
Karwa Chauth Moonrise Timing: माता पार्वती ने रखा था पहला करवा चौथ
कहा गया कि इस व्रत के चलते अर्जुन की तपस्या सफल हुई. बाद में यही करक व्रत “करवा चौथ” बन गया. कई स्थानों पर यह भी मान्यता है कि माता पार्वती ने पहला करवा चौथ व्रत भगवान शिव के लिए रखा था.
October 10, 2025 15:42 IST
Karwa Chauth Moonrise Timing: क्यों मनाते हैं करवा चौथ
Karwa Chauth Moonrise Timing: यह त्योहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है. करवा शब्द का अर्थ मिट्टी का बर्तन होता है. चौथ का शाब्दिक अर्थ चतुर्थी है. इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र और सफलता की मनोकामना पूरी होने के लिए व्रत रखती हैं.













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