गुमला जिले की पहचान है यह काली मंदिर, दीपावली की रात होती है विशेष पूजा, जानें इसका पूरा इतिहास
आखरी अपडेट:
यह जिले के मंदिर के प्राचीनतम मंदिर में से एक है। इस मंदिर में निहित है कि पवित्र मन से जो भी भक्त मां अपनी मांगते हैं वह निश्चित रूप से पूरी होती है। इसलिए यहां रोजाना मां का थाल खोलते ही भक्तों की भीड़ लग जाती है।
गुमला: झारखंड का गुमला जिला हरे-भरे जंगल, पहाड़, नदियाँ, झरनो, ऐतिहासिक स्थल और धार्मिक स्थल से भरा हुआ है। इसी में से एक है गुमला शहर के जशपुर रोड स्थित काली मंदिर। इस मंदिर की स्थापना 1948 ई. में हुई थी। यह जिले के मंदिर के प्राचीनतम मंदिर में से एक है। इस मंदिर में निहित है कि पवित्र मन से जो भी भक्त मां अपनी मांगते हैं वह निश्चित रूप से पूरी होती है। इसलिए यहां रोजाना मां का थाल खोलते ही भक्तों की भीड़ लग जाती है। यहां गुमला जिले से ही नहीं बल्कि झारखंड के अलग-अलग राज्यों से भी लोग आते हैं। वहीं, दीपावली की रात यहां मां काली की विशेष पूजा की जाती है।
तब से यहां दैनिक पूजा पाठ होता आ रहा है। वह प्रतिमा आज भी वास्तुशिल्प है। ये मंदिर अब जिले की पहचान बन गई है। काली माँ की स्थापना के बाद शंकर जी और पार्वती जी की स्थापना हुई। उस समय से प्रतिदिन प्रातः-शाम माँ की पूजा और आरती की जा रही है। यहां भक्तों की अच्छी मूर्तियों की भीड़ होती है। वहीं हर साल अर्धरात्रि में मां की विशेष पूजा की जाती है। जिसमें विशेष रूप से लोग अपने मंत को पूरा करने के लिए शामिल होते हैं।
यह मंदिर रोजाना सुबह पांच बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 4 बजे से लेकर रात 8 बजे तक खुला रहता है। यहां नई कम्यूनिटी की पूजा के लिए भी लोग काफी संख्या में आबाद हैं। मंदिर परिसर में लगभग 100 वर्ष से अधिक पुराना एक पीपल का पेड़ है, जिसकी भी पूजा की जाती है। यह मंदिर मंज़ूरी के रूप में भी जाना जाता है। सिद्धांत यह है कि काली माँ के दरबार से आज तक कोई खाली हाथ नहीं लौटा है। यहां मन से छूट प्राप्त हर मुफत पूरी होती है। झारखंड के अलावा अन्य राज्यों के भी लोग यहां मां के दर्शन के लिए आते हैं।
यहां लोग संतान प्राप्ति, शादी-विवाह, नौकरी प्राप्ति, बीमारी की समस्याओं को दूर करने के लिए आते हैं। यहां झारखंड के विभिन्न मंदिरों के अलावा पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा, दिल्ली, मुंबई आदि स्थानों से भक्त दर्शन के लिए आते हैं।
न्यूज़18इंडिया में रेस्तरां हैं। आजतक रिपोर्टर के मुताबिक, रिश्तों की शुरुआत फिर से सहारा टाइम, जी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़े हुए हैं। टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने के…और पढ़ें
न्यूज़18इंडिया में रेस्तरां हैं। आजतक रिपोर्टर के मुताबिक, रिश्तों की शुरुआत फिर से सहारा टाइम, जी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़े हुए हैं। टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने के… और पढ़ें
(टैग्सटूट्रांसलेट)गुमला न्यूज(टी)दिवाली पूजा(टी)दिवाली 2025(टी)झारखंड न्यूज(टी)काली मंदिर गुमला(टी)गुमला न्यूज(टी)झारखंड न्यूज(टी)दिवाली 2025(टी)काली मंदिर गुमला(टी)दिवाली पूजा













Post Comment