नैनिताल के पर्यटन पर लगा ग्रहण, पर भी नहीं पहुंचाएं ये 3 घटनाएं बनी जी का जंजाल

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दिवाली पर नैनीताल पर्यटन: पर्यटन से जुड़े पर्यटकों की उम्मीदें कर रहे थे कि त्योहारों के सीजन में काफी पर्यटन की संभावनाएं बनी रहती हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई। किसी भी सैलानियों के पास अपॉइंटमेंट सुना जा सकता है। पिछले दिनों हुई कुछ घटनाएं इसके लिए जिम्मेदार बताई जा रही हैं। नगर पालिका का एक निर्णय यह भी है कि थियेटर को शहर से दूर रखा जा रहा है।

बाद में. कभी सैलानियों की चहलकदमी से गुलजार रहने वाली पर्यटक नगरी आश्रम अब बिल्कुल शांत है, आलम ये है कि शहर में काफी कम संख्या में पर्यटन पहुंच रहे हैं। इस साल के अध्ययन में पर्यटन का आनंद लिया जा रहा है। पहले यहां हुई सांप्रदायिक हिंसा, फिर भारत पाक सीमा पर तनाव और आपदा के मौसम में पहाड़ में आई आपदाओं ने अज़ाब के पर्यटन को काफी प्रभावित किया है। ऐसा लग रहा है कि अब डायरेक्टोरियल से कम हो रही हो। नवरात्री दशहरा और में भी काफी कम संख्या में पर्यटक आश्रम। यहां तक ​​कि बैलर सीजन भी इस बार जारी है। पर्यटन से जुड़ी यात्रा को लेकर दीपावली के दौरान आने वाले सप्ताहांत से उम्मीद थी। लोग उम्मीद कर रहे थे कि त्योहारों के मौसम में काफी बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमले किए गए, लेकिन इसकी समीक्षा की गई, दीपावली के समुद्र तट में भी सागर नगरी सैलानियों के न पहुंच से सुनी रही। होटल बिजनेसमैन मोहे हैं. उनका कहना है कि जहां साल दीपावली के दौरान होटल पूरी तरह से पैक रहते थे। साल का काम पूरी तरह से ऑनलाइन अपलोड किया गया है।

सारी विशिष्टता विवरण

यहां के रेस्तरां, कैफे, बाजार, गोदाम और डेयरी में भीड़ नहीं होती है। जिस कारण से स्थानीय निवासी जो पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हुए हैं, उनके सामने रोजी रोटी का संकट मंडराने लगा है। इमरान का कहना है, दीपावली के दौरान 4 दिनों की छुट्टियों में फ़्रॉस्टोल के ऐतिहासिक दौरे की उम्मीद थी, जहां पहले दो दिनों की छुट्टियों में ही आतंकवादी पैक हो गया था। इस बार दीपावली के दौरान भी नैतिकता में सुधार हुआ है। ऐसे में लगातार मसालों की संख्या में लोगों की चिंता बढ़ रही है। 2018-19 में 100 करोड़ रुपये की लागत से 100 करोड़ रुपये का निवेश किया गया था।

क्या कह रहा है होटल एसोसिएशन

हॉस्टल एसोसिएशन के सचिव वेद साहा ने बताया कि इस साल पर्यटन की स्थिति काफी खराब है। शुरुआत में शहर में घटनाएं और फिर सीमा पर तनाव के साथ ही त्रासदी ने यहां के विनाश को प्रभावित किया है। सोशल मीडिया पर प्रचारित-प्रसारित हो रही केरी लोन्स ने भी पर्यटन को प्रभावित किया और स्टूडियो में एक भय का माहौल बन गया। उन्होंने कहा कि एडमिनिस्ट्रेटर में बड़ा प्रमोशन शुल्क भी स्टूडियो में कम होना वाजिब है। ऑस्टिन नगर पैसिफिक ने शहर में प्रवेश शुल्क 300 रुपये और टर्मिनल शुल्क 500 रुपये कर दिया है। जिसका असर आश्रम के पर्यटन पर भी देखने को मिल रहा है।

सरकार से ये मांग

वेद साहा ने बताया कि बाद में उन्हें दशहरे की उम्मीद थी, लेकिन वह काम कर रहे थे। उन्हें उम्मीद है कि ग्लोबल की संख्या के बाद भी कोई एडवांस सपोर्ट अभी तक नहीं है, लेकिन गुजराती थिएटर की संख्या की उम्मीद है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि एक्शन लें के खिलाफ इंटरनेट पर चल रही क्रिएटिव रीलों के साथ ही कुमाऊं के पर्यटन स्थलों का प्रचार भी अपने माध्यम से करें। उन्होंने खराब हो चुके शहर को अन्य स्थानों से जोड़ने वाली गलियों में ठीक से लगाने की भी मांग की है।

प्रियांशु गुप्ता

प्रियांशु के पास पत्रकारिता में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। न्यूज 18 (नेटवर्क 18 ग्रुप) से पहले उन्होंने राजस्थान पत्रिका और अमर उजाला के साथ काम किया था। उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की है…और पढ़ें

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ग्रहण पर, पर भी नहीं पहुंचा, ये 3 घटनाएं बनीं आफत

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