तत्काल टिकट नियम: अब 500-600 रुपये की होगी बचत! ऑफलाइन टिकटों के बदले नियम, जानिए क्या है नया नियम
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तत्काल टिकट बुकिंग नियम: पूर्व मध्य रेलवे ने सभी जिलों को प्रभावित करने वाले टिकटों पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब टिकट फॉर्म पर मोबाइल नंबर और आरपीएफ की निगरानी जरूरी होगी। इसी तरह के रिश्ते के कागजात, टिकट बनाने वाले शेयरधारकों और लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही लोगों को 500-600 रुपये की बचत भी होगी.
दः पूर्व मध्य रेलवे ने रेलवे टिकट और टिकटॉक को लेकर बड़ा फैसला लिया है। रेलवे मंडल सहित पूरे मंडल के सभी रेलवे मंडलों पर डाक टिकट से जुड़े कर्मचारी और कालाबाजारी निषेध के लिए सलाह निर्देश जारी किए गए हैं। रेलवे को टिकटें मिल रही थीं कि कई व्यापारियों पर टिकटें, यात्रियों से लेकर सबसे कम कीमत पर, रेलवे को टिकटें मिल रही थीं। ऐसे लोग लाइन में अपने सहयोगियों को स्टैण्डर्ड कर टिकट बुक ढाँचे बनाते थे और फिर यात्रियों से 500 से 600 रुपये तक की छूट देते थे। इसी वजह से रेलवे ने यह स्थिर रिलायंस का फैसला लिया है। ऐसे में लोगों के पास 500-600 रुपये की बचत होगी.
पूर्व मध्य रेलवे के वरिष्ठ महासचिव सुनील कुमार एवं द मंडल के वरिष्ठ सचिव मैनेजर राजीव कुमार ने सभी कोकनाल्ट काउंटर प्रबंधकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब केवल एक ही व्यक्ति को पुराने या पुराने टिकटों का फॉर्म दिया जाएगा। जो स्वयं यात्रा कर रहा हो या अपने परिवार के किसी सदस्य के लिए टिकट बनवा रहा हो।
टिकट फॉर्म पर मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य है
टिकट बुक से पहले कोच कर्मचारी या केंद्राधीक्षक को टिकट फॉर्म पर मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। इस नंबर की जांच रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) साथ ही सभी कम्युनिस्टों पर अब आरपीएफ कैथेड्रल की लगातार लेबल बनी रहेगी, इसलिए माैसम पर ही संदिग्ध बीमारी की निगरानी की जा सकती है।
किसी भी तरह का कोई सामान नहीं
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को टिकट और ब्लैक मार्केटिंग पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है। अब किसी मित्र, परिचित या कब्रिस्तान के टिकटों का उपभोक्ता नहीं रहेगा। रेलवे का मानना है कि नई व्यवस्था से उन दस्तावेजों पर सीधे प्रभाव वाले जो वर्षों से बंद टिकटों के नाम पर यात्रियों को ठग रहे थे। व्यावहारिक होने के बाद अब सिर्फ वास्तविक यात्रियों को ही सुविधा और आम लोगों को सही समय पर टिकट मिलना आसान होगा।
- अब केवल अपने या परिवार के सदस्य के लिए ही खरीदे जा सकते हैं।
- हर काउंटर पर बैंड का लेबल अनिवार्य, टिकट फॉर्म पर मोबाइल नंबर दर्ज करना जरूरी।
- नए नियमों से यात्रियों को दस्तावेज़ों में दिए गए विवरण में जाने वाले 500-600 यात्रियों की यात्रा से राहत मिलेगी।
मैंने अपने 12 वर्षों के इतिहास में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और डेली भास्कर, डेली दैनिक भास्कर, डेली भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक लॉन्च हुआ। अंतिम तिथि से ले…और पढ़ें
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