10 साल के सश्रम दोषी को कोर्ट ने 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, अतिरिक्त सजा भी नहीं दी – koderma News
कोडरमा जिले में एक नाबालिग लड़की से संबंध तोड़ने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश चंद्रा की अदालत ने शुक्रवार को अहम फैसला सुनाया। अदालत ने नाबालिग कृष्ण मुरारी राणा (35) को दोषी करार देते हुए 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही, स्पष्ट रूप से 25 हजार रुपये का मूल्य निर्धारण भी किया गया है। यदि छोटी राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो उसे छह माह की अतिरिक्त धनराशि की सजा दी जाएगी। यह मामला वर्ष 2023 का है, जिसे लेकर मरकच्चो थाना में कांड संख्या 31/2023 दर्ज किया गया था. डस्ट ने अपने आवेदन में बताया कि जब उसके माता-पिता घर पर नहीं थे, तब पड़ोसी कृष्ण मुरारी राणा उसके घर में घुसा आया था। वास्तुशिल्पियों ने उसे डराया-धमाकाया और गुलामी की दुकानें दीं। रेस्टॉरेंट के अनुसार, ओरिएंटल ने उसे खतरनाक भी बताया कि अगर उसने अपने माता-पिता को बताया तो वह उसे जान से मार देगा। कलाकार ने यह भी बताया कि जब भी उसके माता-पिता घर पर नहीं थे, तो उसके माता-पिता घर में रहते थे और उसके साथ संबंध बनाते थे। अभियोजन पक्ष का ऑपरेशन लोक अभियोजक अभियोजक कुमार सिंह ने किया। इस दौरान कुल 10 गवाहों के बयान दर्ज किये गये। लोक अभियोजक ने अपराध की सूची को देखते हुए अदालत से आरोपियों को सबसे अधिक सजा देने का आग्रह किया था। वहीं, डिफ्रेंस पक्ष की ओर से चॉकलेट नारायण ने चॉकलेट पेश कीं। अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों का गहन अध्ययन करने के बाद कलाकार कृष्ण मुरारी राणा को दोषी पाया और ऊंची सजा सुनाई। (टैग्सटूट्रांसलेट)कोडरमा बलात्कार(टी)मामूली बलात्कार(टी)कृष्ण मुरारी राणा(टी)10 साल की जेल(टी)कठोर कारावास(टी)अदालत का फैसला(टी)जुर्माना(टी)अतिरिक्त सजा(टी)झारखंड अपराध














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