गाँव से शुरू तक! निवेशकों की ‘बंजी जंपिंग’ कितनी सुरक्षित? यहाँ जानिए

authorimg
Share This Post


आखरी अपडेट:

ऋषीकेश समाचार: बंजी जंपिघ को लेकर सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा का होता है। खास तौर पर जब बात अनाम शब्द की हो, तो सावधानियां और भी बढ़ जाती हैं। रिवाइस में मौजूद प्रोफेशनल बैंजी ऑर्गेनाइजर्स अब इंटरनेशनल स्टेट स्टैंडर्ड्स को फॉलो करते हुए इस अनुभव को सभी संभव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

अधिकार: ‍विविधता से ‍बहुमुखी तक, यह सुनने में विचिल ‍जोक्स लगता है, ‍विविधता ही ‍साइवेंटिव भी है। रिवाज़ में बंजी जंपिघ अब सिर्फ एडवेंचर लवर्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि रिवाज़ लोग भी इस अनुभव को जीने की हकीकत दिखा रहे हैं। गंगा घाटियों के बीच में स्थिर स्थिर मंच से किसी के लिए भी उतरना आसान नहीं होता है, लेकिन जब कोई सीढ़ी पर रुका हुआ व्यक्ति यह कदम उठाता है, तो यह सिर्फ एक जंप नहीं बल्कि खुद पर जीत होता है।

बंजी जंपिंग को लेकर सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा का होता है। खास तौर पर जब बात अनाम शब्द की हो, तो सावधानियां और भी बढ़ जाती हैं। रिवाइस में मौजूद प्रोफेशनल बैंजी ऑर्गेनाइजर्स अब इंटरनेशनल स्टेट स्टैंडर्ड्स को फॉलो करते हुए इस अनुभव को सभी संभव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। जंप से पहले इंटरव्यू में पूरी मेडिकल जांच की जाती है, जिसमें उनकी शारीरिक स्थिति, लक्षण और किसी भी तरह की गंभीर बीमारी का ब्योरा शामिल होता है। इसके बाद ही उन्हें जंप की ओर से जारी किया जाता है। शिक्षण स्टाफ हर स्टेप पर मौजूद रहता है, ताकि किसी भी तरह की गलती न हो सके।

क्या होता है ‘फ्रीस्टाइल वेरिएंट’?
लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान स्प्लैश बंजी के मार्केट मैनेजर और विशेषज्ञों के अनुसार, हर इंसान के अंदर बंजी जंपिंह करने की इच्छा होती है, लेकिन कई लोग अपनी शारीरिक बीमारी या चोट के कारण इसे नहीं कर पाते हैं। इसी सोच को लेकर ‘फ्रीस्टाइल वेरिएंट’ तैयार किया गया है। इस तकनीक के जरिए व्हीलचेयर पर बैठे लोग भी सुरक्षित तरीके से जंप कर सकते हैं। इसमें जंप करने वाले व्यक्ति के पूरे शरीर को एक खास तरह के आहार हार्नेस से जोड़ा जाता है, जिससे शरीर का हर हिस्सा सपोर्ट में रहता है। इतना ही नहीं, व्हीलचेयर को भी पूरी तरह से लॉक और सिक्योर किया जाता है ताकि जंप के दौरान कोई भी झटका न लगे।

सुरक्षित और भारी जंपिंग
आशीष कहते हैं कि इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जंप के दौरान शरीर के किसी भी हिस्से पर अतिरिक्त दबाव या झटका महसूस नहीं होता है। पूरी प्रक्रिया को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि व्यक्ति खुद को सुरक्षित और आश्वस्त महसूस करे। साथ ही जंप से पहले पूरी ट्रेनिंग दी जाती है और हर स्टेप का विस्तार से समन किया जाता है। इससे डर कम होता है और अनुभव होता है और भी बेहतर बनता है। यही वजह है कि अब धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-अपार्टमेंट वाले लोग भी इस एडवेंचर को पसंद कर रहे हैं और अपने डर को पीछे छोड़ रहे हैं।

लेखक के बारे में

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई और एबीपी में काम किया। उसके बाद नेटवर्क 18 के लोकल 18 से जुड़ गए।

(टैग्सटूट्रांसलेट)विकलांग बंजी जंपिंग(टी)बंजी जंपिंग(टी)बंजी जंपिंगऋषिकेश(टी)ऋषिकेश एडवेंचर स्पोर्ट्स(टी)ऋषिकेश न्यूज(टी)उत्तराखंड न्यूज(टी)दिव्यांग बंजी जंपिंग(टी)ऋषिकेश एडवेंचर स्पोर्ट्स(टी)ऋषिकेश न्यूज(टी)उत्तराखंड न्यूज(टी)बंजी जंपिंग

JharExpress is hindi news channel of politics, education, sports, entertainment and many more. It covers live breaking news in India and World

Post Comment

YOU MAY HAVE MISSED