मई में इन डिजिटल खेती से होगी बंपर कमाई, कृषि वैज्ञानिकों ने दी खास सलाह
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बोकारो के कृषि विभाग ‘आत्मा’ (एटीएमए) के उप परियोजना निदेशक नीरा जोजो ने किसानों के साथ मई माह में जाने वाली खेती को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मई की सब्जी की खेती के लिए सोनोरादि का अवसर प्राप्त किया जा सकता है।
बोकारो: मई का महीना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान एक ओर जहां भीषण गर्मी है, वहीं दूसरी ओर कुछ ही समय बाद दुर्गम के आगमन की संभावना बनी हुई है। ऐसे में यदि किसान सही फसल का चयन नहीं करते हैं, तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए बोकारो के कृषि विभाग ‘आत्मा’ (एटीएमए) के उप परियोजना निदेशक नीरा जोजो ने किसानों के साथ मई माह में जाने वाली खेती को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मई की सब्जी की खेती के लिए सोनोरादि का अवसर प्राप्त किया जा सकता है। यदि किसान इस समय उद्यमों का चयन करते हैं, तो वे प्रति दिन 1 लाख रुपये तक का व्यवसाय आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। खास बात यह है कि ये सभी फसलें करीब 2.5 से 3 महीने में तैयार हो जाती हैं.
खेडा की खेती से तेज लाभ
नीरा जोजो के अनुसार, खेड़ा की खेती मई महीने में बेहद शानदार हो सकती है। यह लगभग 35 दिनों में तैयार हो गया है। प्रति सेकंड इसकी कीमत करीब 25 से 30 हजार रुपये आती है, जबकि प्रोडक्शन 100 रुपये तक हो सकता है। इस तरह किसान इससे करीब 1 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं.
बैंगन की खेती भी खतरनाक
ओल्ड बैंगन की खेती भी मई में शुरू होकर जुलाई तक तैयार हो जाती है। लगभग दो महीने की अवधि वाली इस फ़सल का थोक बाज़ार भाव 20 से 40 रुपये प्रति किलो तक रहता है। अच्छी देखभाल के साथ किसान प्रति शोक करीब 200 से अधिक उत्पाद प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें 1 से 2 लाख रुपये तक की बिक्री हो सकती है।
मीठे मकई से अच्छा लाभ
मीठे मक्के की खेती भी मई में मानी जाती है. इसकी कीमत लगभग 20 से 25 हजार रुपये प्रति लीटर है। जून-जुलाई तक तैयारी होने वाली इस फसल से किसान प्रति नानक 80 साल तक का प्रॉडक्शन हासिल कर सकते हैं और करीब 2 लाख रुपये तक का प्रॉडक्शन कमा सकते हैं।
टमाटर में देखभाल अधिक, लेकिन रिटर्न बेहतर
मई में टमाटर की खेती के लिए थोड़ी अधिक देखभाल की मांग की जाती है, लेकिन इससे बेहतर आय की संभावना बनी रहती है। इसमें 40 से 50 हजार रुपये प्रति चॉकलेट की कीमत आती है और 150 से 200 रुपये तक का प्रोडक्शन मिल सकता है। अगर बाजार में अच्छे दाम मिलें, तो किसान 1 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई कर सकते हैं।
काली मिर्च की खेती का भी विकल्प
मिर्च की खेती भी किसानों के लिए एक अच्छा विकल्प है। मई में इसकी शुरूआत 45 से 70 दिनों में तैयार हो जाती है। किसान प्रति शेयर 90 से 200 तक के उत्पाद प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की बिक्री हो सकती है।
जैविक खेती औषधि की सलाह
अंत में नीरा जोजो ने किसानों को सलाह दी कि बेहतर उत्पाद और गुणवत्ता के लिए जैविक रसायन और जैविक रसायन का उपयोग करें। इससे न केवल लागत कम होगी, बल्कि फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होगी और किसान को अधिक लाभ कमाना होगा।
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न्यूज़18इंडिया में रेस्तरां हैं। आजतक रिपोर्टर के मुताबिक, रिश्तों की शुरुआत फिर से सहारा टाइम, जी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़े हुए हैं। टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने के…और पढ़ें
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