Citizenship Act, 1955: पासपोर्ट सिर्फ यात्रा दस्तावेज, नागरिकता का पुख्ता प्रमाण क्या? जानें सभी विकल्प

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Citizenship Act पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण क्यों नहीं?

विदेश मंत्रालय के एक स्पष्टीकरण ने नई बहस छेड़ दी है। सरकार ने साफ किया है कि भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है, बल्कि यह केवल एक यात्रा दस्तावेज है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय यात्रा का दस्तावेज है और इसका नागरिकता से सीधा संबंध नहीं है.

पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा-20

पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा-20 के तहत विशेष परिस्थितियों में गैर-नागरिक को भी यात्रा दस्तावेज जारी किया जा सकता है. इसलिए पासपोर्ट नागरिकता का मजबूत प्रमाण तो माना जाता है, लेकिन अंतिम और अचूक प्रमाण नहीं.

सुप्रीम कोर्ट का स्पष्टीकरण

सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालय भी स्पष्ट कर चुके हैं कि आधार या पैन कार्ड से नागरिकता सिद्ध नहीं होती. यही नियम पासपोर्ट पर भी लागू होता है.


Citizenship Act, 1955: क्या है नागरिकता का सबसे पुख्ता प्रमाण?

भारतीय नागरिकता का निर्धारण नागरिकता अधिनियम, 1955 (Citizenship Act, 1955) के तहत होता है. यह अधिनियम नागरिकता प्राप्त करने और समाप्त करने के सभी प्रावधानों को निर्धारित करता है.

सबसे मजबूत प्रमाण क्या है?

गृह मंत्रालय का पंजीकरण प्रमाणपत्र या प्राकृतिककरण प्रमाणपत्र (Certificate of Naturalisation) नागरिकता का सबसे पुख्ता प्रमाण है. ये दस्तावेज Citizenship Act, 1955 की धारा 5 (पंजीकरण द्वारा नागरिकता) और धारा 6 (प्राकृतिककरण द्वारा नागरिकता) के तहत जारी किए जाते हैं.


नागरिकता के अन्य वैध दस्तावेज

Citizenship Act, 1955 के अनुसार नागरिकता के अन्य प्रमाणों में शामिल हैं:

जन्म प्रमाण पत्र

  • 1950-1987 के बीच जन्मे लोगों के लिए जन्म प्रमाणपत्र ही मुख्य आधार है.
  • 1987 के बाद जन्मे लोगों के लिए माता-पिता की नागरिकता भी आवश्यक है.
  • Citizenship Act, 1955 की धारा 3 के अनुसार, 26 जनवरी 1950 के बाद भारत में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति भारत का नागरिक है.

विरासती दस्तावेज

विवाद की स्थिति में निम्नलिखित दस्तावेज भी साक्ष्य बन सकते हैं:

  • भूमि रिकॉर्ड
  • पुराने स्कूल प्रमाणपत्र
  • मतदाता सूची

नागरिकता के अन्य तरीके

Citizenship Act, 1955 नागरिकता प्राप्त करने के कई तरीके बताता है:

  • जन्म से नागरिकता (धारा 3)
  • वंश परंपरा से नागरिकता (धारा 4)
  • पंजीकरण द्वारा नागरिकता (धारा 5)
  • प्राकृतिककरण द्वारा नागरिकता (धारा 6)

पासपोर्ट अधिनियम, 1967 और नागरिकता: क्या है अंतर?

दो अलग-अलग कानून

भारत में पासपोर्ट और नागरिकता के लिए अलग-अलग कानून हैं:

पासपोर्ट अधिनियम, 1967नागरिकता अधिनियम, 1955
यात्रा दस्तावेज जारी करता हैनागरिकता प्रदान करता है
गैर-नागरिकों को भी यात्रा दस्तावेज मिल सकता हैकेवल भारतीय नागरिकों को नागरिकता देता है
धारा 6(2)(a) के तहत गैर-नागरिक को भी पासपोर्ट मिल सकता हैनागरिकता के लिए सख्त शर्तें हैं

आधार, पैन और वोटर आईडी: क्या ये नागरिकता साबित करते हैं?

आधार: पहचान का दस्तावेज, नागरिकता का नहीं

आधार, पैन और वोटर आईडी पहचान या अन्य सेवाओं के दस्तावेज हैं, नागरिकता के निर्णायक प्रमाण नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड से नागरिकता सिद्ध नहीं होती.

पैन और वोटर आईडी

  • पैन कार्ड: कर पहचान के लिए, नागरिकता के लिए नहीं.
  • वोटर आईडी: मतदान के लिए, नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं.

विवाद की स्थिति में

नागरिकता विवाद होने पर केवल Citizenship Act, 1955 के तहत जारी दस्तावेज ही मान्य होंगे. विदेश मंत्रालय के स्पष्टीकरण के बाद, यह सवाल और गहरा गया है कि आखिर भारतीय नागरिकता का सबसे पुख्ता प्रमाण क्या है, और इसका जवाब Citizenship Act, 1955 में ही है.

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