क्या है अमेरिका का CSAR मिशन? ईरान में जिसका इस्तेमाल कर पायलट को बचाया गया

CSAR operation Iran rescue pilot
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वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका ने रविवार (5 अप्रैल 2026) को ईरान में अपने लापता पायलट को बचा ही लिया। वह शुक्रवार को प्लेन क्रैश के बाद फंस गया था। इस अभियान के बाद अमेरिका के CSAR मिशन (Combat Search and Rescue) की चर्चा हो रही है, जिसका इसमें इस्तेमाल किया गया । यह CSAR operation Iran rescue pilot इतिहास के सबसे साहसिक और जटिल बचाव अभियानों में से एक माना जा रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी पुष्टि करते हुए इसे “अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन्स” में से एक बताया । आइए जानते हैं इस CSAR operation Iran rescue pilot से जुड़ी हर अहम बात और जानें कि आखिर यह CSAR मिशन क्या होता है।

CSAR operation Iran rescue pilot: क्या है कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू (CSAR)?

CSAR operation Iran rescue pilot

CSAR operation Iran rescue pilot के केंद्र में CSAR यानी कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू तकनीक है। इसे अमेरिकी सेना के सबसे जटिल और समय-संवेदनशील अभियानों में से एक माना जाता है 

सीधे दुश्मन के इलाके में ऑपरेशन

सीएसएआर (CSAR) मिशन सक्रिय युद्ध क्षेत्रों या दुश्मन के इलाके में फंसे सैनिकों (जैसे गिराए गए पायलट या अलग-थलग पड़े जवानों) को ढूंढने, उनकी मदद करने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए डिजाइन किए जाते हैं । यह पारंपरिक सर्च एंड रेस्क्यू से अलग है, जो आमतौर पर मानवीय आपदाओं या गैर-संघर्ष क्षेत्रों में होता है 

‘दैट अदर्स मे लिव’ (That Others May Live) – दूसरे जीवित रहें, इसलिए हम यह करते हैं

CSAR टीमों का आदर्श वाक्य है “हम ये काम करते हैं ताकि दूसरे जीवित रह सकें” (These Things We Do, That Others May Live) । यह अमेरिकी सेना के “नो मैन लेफ्ट बिहाइंड” (No Man Left Behind) के मूल्य को दर्शाता है।

CSAR operation Iran rescue pilot: कैसे काम करता है CSAR मिशन?

CSAR operation Iran rescue pilot की सफलता के पीछे एक जटिल और बहु-स्तरीय प्रक्रिया काम करती है।

CSAR मिशन के पांच चरण (5 Lines of Effort)

अमेरिकी सैन्य सिद्धांत के अनुसार, एक CSAR मिशन में पांच मुख्य चरण होते हैं :

CSAR operation Iran rescue pilot
  1. रिपोर्ट (Report): विमान के गिरने या सैनिक के लापता होने की सूचना मिलते ही अलर्ट जारी होता है। इजेक्शन सीट से बीकन सिग्नल मिल सकता है 
  2. लोकेट (Locate): फंसे हुए व्यक्ति का सटीक स्थान पता लगाया जाता है। यह सबसे कठिन चरण होता है, क्योंकि पायलट को छिपना पड़ता है 
  3. सपोर्ट (Support): बचाव दल के उतरने से पहले, हवाई हमले और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के माध्यम से इलाके को सुरक्षित किया जाता है 
  4. रिकवर (Recover): हेलीकॉप्टरों के जरिए फंसे सैनिक को उठाकर सुरक्षित स्थान पर लाया जाता है 
  5. रीइंटीग्रेट (Reintegrate): बचाए गए सैनिक को मेडिकल जांच, डीब्रीफिंग और मानसिक सहायता दी जाती है 

‘सैंडी’, ‘किंग’ और ‘जॉली’ – कोड नेम से पहचान

CSAR operation Iran rescue pilot

इन मिशनों में तीन प्रकार के एयरक्राफ्ट अहम भूमिका निभाते हैं :

  • “सैंडी” (Sandy): यह A-10 वारथॉग या F-15E जैसे लड़ाकू विमान होते हैं, जो बचाव क्षेत्र में हवाई सुरक्षा प्रदान करते हैं और दुश्मन पर हमला करते हैं 
  • “किंग” (King): यह HC-130J कॉम्बैट किंग II जैसे टैंकर विमान होते हैं, जो हेलीकॉप्टरों को हवा में ईंधन भरने और कमांड एंड कंट्रोल का काम करते हैं 
  • “जॉली” (Jolly): यह HH-60W जॉली ग्रीन II हेलीकॉप्टर होते हैं, जो जमीन पर उतरकर या हवा से फंसे सैनिक को उठाकर ले जाते हैं 

CSAR operation Iran rescue pilot: पैरारेस्क्यूमैन (PJ) – ‘स्विस आर्मी नाइफ’

CSAR operation Iran rescue pilot के असली हीरो होते हैं पैरारेस्क्यूमैन (Pararescuemen – PJs) । इन्हें अमेरिकी वायुसेना की “स्विस आर्मी नाइफ” कहा जाता है 

कमांडो, पैरामेडिक और सर्वाइवलिस्ट – तीनों एक साथ

पैरारेस्क्यूमैन एक साथ कमांडो, पैरामेडिक और सर्वाइवल एक्सपर्ट होते हैं। उनका प्रशिक्षण अमेरिकी सेना के सबसे कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से एक है 

दो साल की ट्रेनिंग, 80% ड्रॉपआउट रेट

PJ बनने के लिए लगभग दो साल का कठिन प्रशिक्षण लेना पड़ता है, जिसमें 80% से अधिक उम्मीदवार असफल हो जाते हैं । इस प्रशिक्षण में शामिल हैं:

  • पैराशूट जंप (Military Free-Fall Parachuting)
  • डाइविंग और अंडरवाटर डिमॉलिशन (Combat Diving)
  • सर्वाइवल, इवेजन, रेसिस्टेंस एंड एस्केप (SERE) – यानी जीवित रहने, दुश्मन से बचने और भागने की तकनीक 
  • पूर्ण पैरामेडिक प्रशिक्षण (Full Civilian Paramedic Course) 
  • बैटलफील्ड मेडिसिन और कॉम्बैट ट्रॉमा केयर 

CSAR operation Iran rescue pilot: इतिहास में ऐसे मिशन

CSAR operation Iran rescue pilot से पहले भी ऐसे साहसिक मिशन हो चुके हैं :

  • 1943 (बर्मा): दो सर्जनों ने पैराशूट से उतरकर घायल सैनिकों का इलाज किया – यही PJs की शुरुआत थी 
  • 1995 (बोस्निया): पायलट स्कॉट ओ’ग्रैडी को छह दिनों तक दुश्मन से बचने के बाद बचाया गया 
  • 1999 (सर्बिया): F-117 स्टील्थ फाइटर के पायलट को बचाया गया 

CSAR operation Iran rescue pilot: निष्कर्ष

CSAR operation Iran rescue pilot ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अमेरिकी सेना अपने सैनिकों को कभी पीछे नहीं छोड़ती। यह मिशन अमेरिकी सेना की तकनीकी क्षमता, खुफिया जानकारी और विशेष बलों के अदम्य साहस का प्रतीक है। CSAR की यह जटिल और खतरनाक प्रणाली आधुनिक युद्ध का एक अनिवार्य हिस्सा है, जो दुश्मन के दिल में घुसकर अपने सैनिकों को सुरक्षित निकालने की क्षमता रखती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्तर का ऑपरेशन शायद ही किसी अन्य देश की सेना कर सकती है 

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