Deoghar Baba Dham: हेमन्त सोरेन एवं कल्पना सोरेन ने की पूजा
जब मैं देवघर के प्रसिद्ध deoghar baba dham की ओर देखता हूं, तो इस धार्मिक स्थल की महिमा का अहसास होता है। हाल ही में, मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और उनकी धर्मपत्नी विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह आयोजन धार्मिकता और आध्यात्मिकता का प्रतीक था। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।
देवघर एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत
देवघर पहुंचने पर, मुख्यमंत्री और विधायक का भव्य स्वागत हुआ। एयरपोर्ट पर विधायक सारठ श्री उदय शंकर सिंह, संथाल परगना कमिश्नर श्री लालचंद दादेल, और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका अभिनंदन किया। मौके पर गॉर्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इस सम्मान ने यह साफ कर दिया कि झारखंड के विकास और धार्मिकता को लेकर सरकार का दृष्टिकोण सकारात्मक है।
“झारखंड की संस्कृति और धार्मिक स्थलों को प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है,” मुख्यमंत्री ने कहा।
बाबा बैद्यनाथ धाम की महिमा
Deoghar baba dham भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। हर साल लाखों भक्त यहां शिवलिंग का जलाभिषेक करने आते हैं। मुख्यमंत्री और विधायक ने भी पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की। तीर्थ पुरोहितों ने पूजा को संपन्न कराया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भगवान भोलेनाथ से झारखंड के लोगों के लिए प्रार्थना की। उनका कहना था कि यह मंदिर न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
यात्रा का उद्देश्य
मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल धार्मिक नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देना भी था। उन्होंने कहा कि deoghar baba dham को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
पूजा के मुख्य बिंदु
- मुख्य अनुष्ठान:
- वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जलाभिषेक।
- गर्भगृह में शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पण।
- मुख्यमंत्री की प्रार्थना:
- झारखंड की उन्नति, शांति, और खुशहाली।
- विधायक की उपस्थिति:
- विधायक कल्पना सोरेन ने भी पूजा में भाग लिया।
देवघर में प्रशासनिक तैयारी
देवघर में मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान प्रशासन ने पूरी तैयारी की थी। एयरपोर्ट से मंदिर तक सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी श्री विशाल सागर और पुलिस अधीक्षक श्री अजीत पीटर डुंगडुंग ने सभी व्यवस्थाओं की निगरानी की। यह दिखाता है कि सरकार और प्रशासन दोनों deoghar baba dham की महत्ता को समझते हैं।
सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व
Deoghar baba dham न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह झारखंड की सांस्कृतिक पहचान भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस स्थल के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में सुविधाओं को बढ़ाने के लिए नई योजनाएं बनाई जा रही हैं।
“यह स्थल झारखंड की आत्मा है, इसे संरक्षित और प्रोत्साहित करना हमारा कर्तव्य है,” मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा।
देोगहर बाबा धाम की विशेषताएं
- स्थान: झारखंड के देवघर जिले में स्थित।
- धार्मिक महत्व: 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक।
- वार्षिक भक्तों की संख्या: लगभग 50 लाख से अधिक।
- सावन महीना: सबसे पवित्र समय, जब भक्त जल चढ़ाने आते हैं।
भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार deoghar baba dham को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रही है। इसके लिए:
- मंदिर परिसर में आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी।
- यात्री निवास का निर्माण होगा।
- सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
निष्कर्ष
Deoghar baba dham केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह झारखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान है। मुख्यमंत्री और विधायक की यह यात्रा यह दर्शाती है कि झारखंड सरकार इस स्थल के विकास और इसके महत्व को समझती है। भक्तों की सुविधा के लिए नई योजनाएं और प्रशासनिक सुधार लाए जा रहे हैं।
“झारखंड की पहचान को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा,” मुख्यमंत्री ने कहा।
FAQ (सामान्य प्रश्न)
प्रश्न 1: देवघर बाबा धाम क्या है?
उत्तर: Deoghar baba dham भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह झारखंड के देवघर जिले में स्थित है।
प्रश्न 2: मुख्यमंत्री का दौरा क्यों महत्वपूर्ण था?
उत्तर: मुख्यमंत्री ने झारखंड की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की और इस स्थल के विकास की योजनाओं की घोषणा की।
प्रश्न 3: देवघर बाबा धाम में भक्तों की सालाना संख्या कितनी होती है?
उत्तर: यहां सालाना लगभग 50 लाख भक्त जलाभिषेक करने आते हैं।
प्रश्न 4: झारखंड सरकार की क्या योजनाएं हैं?
उत्तर: मंदिर परिसर में सुविधाओं का विकास, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना।
प्रश्न 5: सावन महीने का महत्व क्या है?
उत्तर: सावन महीना सबसे पवित्र समय है, जब लाखों भक्त यहां जल चढ़ाने आते हैं।
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