garhwa bhawnathpur news: मां का शव 40 घंटे छोड़ा

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garhwa bhawnathpur news: 3 बेटों ने 80 वर्षीय मां का शव 40 घंटे छोड़ा, गांववालों ने किया अंतिम संस्कार

आज मैं आपको एक ऐसी घटना बताने जा रहा हूं जिसने मुझे भीतर तक झकझोर दिया। गढ़वा जिले के भवनाथपुर प्रखंड के बुका गांव में 80 वर्षीय तेतरी देवी की मौत के बाद उनके अपने तीनों बेटे शव को घर में छोड़कर चले गए। यह घटना मैंने नजदीक से देखी और सुनी, और इसने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि रिश्तों में इतनी दूरी कैसे आ सकती है।


garhwa bhawnathpur news: घटना का पूरा विवरण

  • तारीख: गुरुवार, 7 अगस्त 2025 को तेतरी देवी की मौत
  • जगह: बुका गांव, तीनकोनिया टोला, भवनाथपुर, गढ़वा
  • मृतका: तेतरी देवी (उम्र 80 वर्ष)
  • मौत का कारण: डायरिया
  • परिवार: 3 बेटे, बहुएं और पोते

मौत के बाद परिवार के सभी सदस्य डायरिया के डर से घर छोड़कर चले गए।


garhwa bhawnathpur news: 40 घंटे तक पड़ा रहा शव

मैंने गांव वालों से सुना कि तेतरी देवी की मौत के बाद लगभग 40 घंटे तक उनका शव घर में पड़ा रहा। सभी लोग इंतजार कर रहे थे कि बेटों में से कोई लौटकर आएगा और मां का अंतिम संस्कार करेगा, लेकिन कोई नहीं आया।


garhwa bhawnathpur news: ग्रामीणों ने उठाया जिम्मा

जब काफी समय तक कोई परिवार का सदस्य नहीं आया, तो गांव के लोगों ने खुद अंतिम संस्कार का फैसला लिया
पहले जेसीबी से गड्ढा खोदकर शव को दफनाने की तैयारी की जा रही थी। तभी जिला परिषद सदस्य शर्मा रंजनी और मुखिया बेबी देवी को सूचना मिली।

दोनों वहां पहुंचे और कहा:
“तेतरी देवी का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से ही होना चाहिए।”

इसके बाद गांव के लोगों ने मिलकर चिता तैयार की और गांव के ही रामलाल भुइयां ने मुखाग्नि दी।


garhwa bhawnathpur news: बेटे ने क्या कहा

मृतका के पुत्र बिंदू बियार ने मुझसे कहा:
“डायरिया के डर से हम लोग भाग गए। मां का अंतिम संस्कार नहीं कर सके।”
उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता हरचरन बियार की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी।


garhwa bhawnathpur news: ग्रामीणों की राय

गांव के बुजुर्गों ने मुझे बताया कि हिंदू धर्म में माता-पिता के अंतिम संस्कार का अधिकार पुत्र को होता है। यह मान्यता है कि इससे आत्मा को मुक्ति मिलती है।
लेकिन इस घटना में बेटों ने यह जिम्मेदारी नहीं निभाई, जिससे गांव के लोग भी आहत हैं।


garhwa bhawnathpur news: सांख्यिकीय तथ्य (Statistics)

  • उम्र: 80 वर्ष
  • मौत का कारण: डायरिया
  • शव पड़ा रहने का समय: 40 घंटे
  • बेटे: 3
  • ग्रामीणों द्वारा अंतिम संस्कार: 1
  • जनप्रतिनिधि पहुंचे: 2 (जिला परिषद सदस्य और मुखिया)

garhwa bhawnathpur news: मैंने जो महसूस किया

इस घटना को देखकर मेरे मन में कई सवाल उठे। क्या डर इतना बड़ा हो सकता है कि एक बेटा अपनी मां का अंतिम संस्कार भी न करे?
मुझे लगा कि समाज में मानवीय संवेदनाओं को बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। अगर गांव वाले न होते तो शायद तेतरी देवी का अंतिम संस्कार भी समय पर नहीं हो पाता।


garhwa bhawnathpur news: ग्रामीणों के कदम

  • शव को सम्मानजनक तरीके से उठाया
  • चिता तैयार की
  • हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया
  • गांव के रामलाल भुइयां ने मुखाग्नि दी

garhwa bhawnathpur news: ताजा अपडेट

  • घटना के बाद गांव में इस मुद्दे पर चर्चा जारी है
  • पंचायत स्तर पर परिवार से जवाब मांगा जा सकता है
  • स्थानीय प्रशासन ने भी जानकारी ली है

निष्कर्ष

इस garhwa bhawnathpur news से यह सीख मिलती है कि डर या कठिन परिस्थिति में भी हमें अपने बुजुर्गों और परिवार की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। गांव के लोगों ने मिलकर जो किया, वह मानवता का सच्चा उदाहरण है।


FAQ – garhwa bhawnathpur news

Q1: garhwa bhawnathpur news में किसकी मौत हुई थी?
A1: बुका गांव की 80 वर्षीय तेतरी देवी की।

Q2: मौत का कारण क्या था?
A2: डायरिया।

Q3: शव कितने घंटे तक घर में पड़ा रहा?
A3: लगभग 40 घंटे।

Q4: अंतिम संस्कार किसने किया?
A4: गांव के लोगों ने हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया।

Q5: बेटों ने क्यों नहीं किया अंतिम संस्कार?
A5: डायरिया के डर से वे गांव छोड़कर चले गए।


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