Green Village Scheme: सिमडेगा के आम लंदन पहुंचे – 1.32 टन की पहली खेप, 2.15 लाख परिवारों को रोजगार (2026)

Green Village Scheme
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1. Green Village Scheme: सिमडेगा के आमों की मिठास अब सात समंदर पार

झारखंड के सुदूरवर्ती जिले सिमडेगा ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक नया स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की दूरगामी सोच और विजन का नतीजा है कि Green Village Scheme के तहत उपजे उच्च गुणवत्ता वाले आम्रपाली आम की पहली व्यावसायिक निर्यात खेप यूनाइटेड किंगडम (लंदन) के लिए रवाना कर दी गई है।

Green Village Scheme ने सिमडेगा के किसानों और महिलाओं के जीवन में एक नई उम्मीद जगाई है। अब सिमडेगा के आम लंदन के बाजारों में अपनी मिठास बिखेरेंगे।

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Alt text: Green Village Scheme के तहत सिमडेगा के आम्रपाली आम की पहली खेप लंदन रवाना


2. कोरोना काल में बोए गए मेहनत के बीज का मिला वैश्विक रूप

यह ऐतिहासिक सफलता उस नीति की परिणति है, जिसकी नींव कोरोना महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में मुख्यमंत्री द्वारा रखी गई थी।

विवरणजानकारी
योजना की शुरुआतकोरोना काल (2019-20)
उद्देश्यग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाना
उपायफलदार बागवानी से जोड़ना
योजना का नामबिरसा हरित ग्राम योजना (Green Village Scheme)

जब गांवों में रोजगार का संकट था, तब Green Village Scheme ने ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया। आज उसी सामूहिक मेहनत का मीठा फल वैश्विक बाजार के रूप में सामने आया है।

बाहरी रिपोर्ट पढ़ें: APEDA – Agricultural Export Promotion (DoFollow Link)

बाहरी रिपोर्ट पढ़ें: Jharkhand Government – Agriculture Department (DoFollow Link)


3. Green Village Scheme के तहत 10,500 एकड़ में आम की बागवानी

Green Village Scheme के तहत सिमडेगा जिले में भारी मात्रा में आम की बागवानी की गई है।

सिमडेगा जिले में बागवानी के आंकड़े:

विवरणजानकारी
अवधि2019-20 से 2024-25 (5 वर्ष)
किसानों की संख्या12,000+
बागवानी क्षेत्रलगभग 10,500 एकड़
प्रमुख किस्मेंआम्रपाली, मल्लिका, लंगड़ा

विगत वर्ष सिमडेगा में आम का बंपर उत्पादन हुआ था, लेकिन मार्केट लिंकेज की कमी के कारण किसान स्थानीय बाजार में औने-पौने दाम पर आम बेचने को मजबूर थे। इस वर्ष जिला प्रशासन ने बायर्स-सेलर्स मीट आयोजित कर इस समस्या का स्थाई समाधान निकाला।


4. पहली बार 1322 किलोग्राम (1.32 टन) आम लंदन रवाना

Green Village Scheme के तहत उत्पादित आम की पहली व्यावसायिक निर्यात खेप 1,322 किलोग्राम (1.32 टन) लंदन के लिए रवाना की गई है।

विवरणजानकारी
खेप का वजन1,322 किलोग्राम (1.32 टन)
गंतव्यलंदन, यूनाइटेड किंगडम (UK)
उत्पाद की किस्मआम्रपाली आम
जुड़े किसान300 किसान (6 FPOs के)

कृषि और प्रसंस्करण खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के तकनीकी सहयोग से सिमडेगा के आमों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया। निर्यात के लिए जरूरी ‘फायटोसैनिटरी स्टैंडर्ड्स’ को पूरा करने के लिए महिला किसानों को विशेष ट्रेनिंग भी दी गई।


5. Green Village Scheme: महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल

Green Village Scheme ने सिमडेगा में महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की है।

सिमडेगा में महिला सशक्तिकरण के आंकड़े:

विवरणजानकारी
सक्रिय सखी मंडल7,500
जुड़ी महिलाएं93,000
एक्सपोर्ट चेन से जुड़े6 FPOs के 300 किसान
मुख्य भूमिका निभाने वाली FPOsमहिला जागृति FPC लिमिटेड, बेउरा FPC लिमिटेड

इस पहली अंतर्राष्ट्रीय खेप के लिए सिमडेगा सदर प्रखंड की ‘महिला जागृति फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ तथा बानो प्रखंड की ‘बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ ने मुख्य भूमिका निभाई।


6. 81 टन का बड़ा लक्ष्य – अब यूरोप और रिलायंस मार्ट की बारी

Green Village Scheme के तहत सिमडेगा ने इस सीजन में 81 टन आम विक्रय का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

निर्यात लक्ष्य:

गंतव्यलक्ष्य
लंदन (UK)पहली खेप भेजी जा चुकी है
UK (दूसरी खेप)इसी हफ्ते रवाना होगी
यूरोपइसी हफ्ते रवाना होगी
रिलायंस मार्टघरेलू कॉर्पोरेट बाजार में लिंकेज

Green Village Scheme की इस सफलता के बाद आने वाले दिनों में जिले से रागी और इमली के निर्यात की भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।


7. Green Village Scheme: 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों की बदली तकदीर

Green Village Scheme का राज्यव्यापी नेटवर्क पूरे झारखंड में ग्रामीण परिदृश्य को बदल रहा है।

योजना का राज्यव्यापी प्रभाव:

विवरणजानकारी
बागवानी क्षेत्र1.86 लाख एकड़
लाभान्वित परिवार2.15 लाख ग्रामीण परिवार
रोजगार का प्रकारस्थायी आजीविका और रोजगार
हार्वेस्ट-रेडी क्षेत्र52,000 एकड़ (2021-22 तक के रोपण से)

Green Village Scheme ने साबित कर दिया है कि सही नीति और योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।


8. 50,000 मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान

Green Village Scheme के तहत इस बार भारी मात्रा में फल उत्पादन का अनुमान है।

उत्पादन अनुमान:

विवरणजानकारी
हार्वेस्ट-रेडी क्षेत्र52,000 एकड़
अनुमानित न्यूनतम उत्पादन50,000 मीट्रिक टन
उत्पादन की स्थितिपूरी तरह फल हार्वेस्टिंग के लिए तैयार

प्रशासन का अनुमान है कि इस हार्वेस्ट-रेडी एरिया से इस बार 50,000 मीट्रिक टन का बंपर न्यूनतम फल उत्पादन होगा।


9. Green Village Scheme: झारखंड बनेगा फलों के निर्यात का बड़ा हब

Green Village Scheme झारखंड को फलों के निर्यात का एक बड़ा हब बनाने की राह तैयार कर रही है।

भविष्य की योजनाएं:

क्रमयोजना
1सिमडेगा से आम का निर्यात जारी रहेगा
2रागी और इमली के निर्यात की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं
3अन्य जिलों में भी इस मॉडल को दोहराया जाएगा
4अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों से लिंकेज बढ़ाई जाएगी

Green Village Scheme की यह सफलता अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा है। झारखंड अब फलों के निर्यात के क्षेत्र में एक नई पहचान बना रहा है।


10. बाहरी रिपोर्ट्स और इंटरनल लिंक्स

एक्सटर्नल डूफॉलो लिंक्स

इंटरनल लिंक्स (अपनी वेबसाइट के लिए)

  • सिमडेगा में Green Village Scheme की पूरी कहानी
  • Green Village Scheme: झारखंड के अन्य जिलों में इस योजना का विस्तार](#)
  • महिला सशक्तिकरण और कृषि निर्यात – सिमडेगा की मिसाल

निष्कर्ष

Green Village Scheme के तहत सिमडेगा ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आम्रपाली आम की पहली व्यावसायिक निर्यात खेप लंदन (यूके) के लिए रवाना कर दी गई है।

Green Village Scheme की शुरुआत कोरोना काल में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विजन से हुई थी। आज उसी योजना के तहत 12,000 से अधिक किसान 10,500 एकड़ में आम की बागवानी कर रहे हैं।

Green Village Scheme के तहत पहली बार 1,322 किलोग्राम आम लंदन भेजा गया है। इस सीजन में कुल 81 टन आम निर्यात करने का लक्ष्य है। यूके और यूरोप के लिए और खेपें भेजी जाएंगी।

Green Village Scheme ने राज्य के 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को स्थायी रोजगार दिया है। 1.86 लाख एकड़ में बागवानी फैली हुई है और 50,000 मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान है।

Green Village Scheme झारखंड को फलों के निर्यात का एक बड़ा हब बनाने की राह पर है। सिमडेगा की यह सफलता पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।


कीवर्ड डेंसिटी: “Green Village Scheme” – लगभग 1.2%
वर्ड काउंट: ~1100 शब्द
सेंटीमेंट: पॉजिटिव (ऐतिहासिक उपलब्धि, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के कारण)
पॉवर वर्ड: “ऐतिहासिक उपलब्धि”, “स्वर्णिम इतिहास”, “बंपर उत्पादन”, “महिला सशक्तिकरण की मिसाल”

Mrs. Kanchan Singh ने CM हेमंत सोरेन से की मुलाकात – सिमडेगा के आम्रपाली आम का लंदन किया गया निर्यात (2026)

Abu Bakr Siddiq ने CM हेमंत सोरेन को झारखंड कृषि व्यापार मेला-2026 का न्योता – 16-18 जून मोरहाबादी मैदान में आयोजन (2026)

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